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कांवेन्ट स्कूलों की तरह परिषदीय स्कूलों में भी होगा बाल संसद का गठन
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:36 PM IST
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शामली। अब कांवेन्ट स्कूलों की तरह ही परिषदीय स्कूलों मेें बाल संसद का गठन होगा। स्कूलों में छात्र प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री व रक्षामंत्री बनकर अपनी संसद में बहस करते नजर आएंगे। ऐसे कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें लोकतंत्र के प्रति जागरूक किया जाएगा।
राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान ने बीएसए को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि जनपद के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में बाल संसद का गठन किया जाए। बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता वर्मा ने जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वह अपने अपने विकास खंड के स्कूलों में बाल संसद का गठन कराएं। वहीं प्रत्येक शनिवार को सत्र आयोजित किया जाए। सभी छात्र-छात्राओं को बहस के मुद्दे आदि की जानकारी पहले ही दे दी जाए। उधर, परिषदीय स्कूलों में बाल संसद का गठन होने से छात्र अपने प्राथमिक स्तर से ही राजनीति के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। वहीं देश में अपने कर्तव्य तथा अधिकारों को समझ सकेंगे। वहीं प्रत्येक ब्लाक में दो-दो मॉडल संसद का गठन किया जाएगा। जिनका उच्चाधिकारी हर माह निरीक्षण करेंगे। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वह अपने विकास खंडों में दो- दो मॉडल बाल संसद की स्थापना कराएं। उधर, बीएसए गीता वर्मा ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश पर बाल संसद का गठन करने के निर्देश दिए है। अगले सप्ताह से व्यवस्था लागू करा दी जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को समय से संचालन कराने के निर्देश दिए है।
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राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान ने बीएसए को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि जनपद के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में बाल संसद का गठन किया जाए। बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता वर्मा ने जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वह अपने अपने विकास खंड के स्कूलों में बाल संसद का गठन कराएं। वहीं प्रत्येक शनिवार को सत्र आयोजित किया जाए। सभी छात्र-छात्राओं को बहस के मुद्दे आदि की जानकारी पहले ही दे दी जाए। उधर, परिषदीय स्कूलों में बाल संसद का गठन होने से छात्र अपने प्राथमिक स्तर से ही राजनीति के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। वहीं देश में अपने कर्तव्य तथा अधिकारों को समझ सकेंगे। वहीं प्रत्येक ब्लाक में दो-दो मॉडल संसद का गठन किया जाएगा। जिनका उच्चाधिकारी हर माह निरीक्षण करेंगे। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वह अपने विकास खंडों में दो- दो मॉडल बाल संसद की स्थापना कराएं। उधर, बीएसए गीता वर्मा ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश पर बाल संसद का गठन करने के निर्देश दिए है। अगले सप्ताह से व्यवस्था लागू करा दी जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को समय से संचालन कराने के निर्देश दिए है।
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