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20 ग्राम पंचायतों में वित्तीय धांधली का शक
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 May 2017 12:02 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर खर्च की गई धनराशि की जांच के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। इसके तहत ग्राम पंचायत निधि के खातों से निकाली गई धनराशि और उसके खर्च के संबंध में रिकार्ड खंगाला जा रहा है। फिलहाल इस सूची में जनपद की 20 ग्राम पंचायतों को लिया गया है, जिनमें एक साल के भीतर ही 40 लाख रुपये से ज्यादा धनराशि ग्राम पंचायत निधि के खाते से निकाली गई।
दरअसल, पिछले दिनों बाबरी ग्राम पंचायत निधि खाते से एक करोड़ रुपये निकालने की शिकायतें की गई थीं, जिसके बाद जिलाधिकारी ने कमेटी गठित करके जांच कराई थी। इसके बाद बाबरी ग्राम पंचायत निधि के खाते से धनराशि आहरण पर रोक लगा दी गई थी। वहीं, कैराना क्षेत्र के गांव रामड़ा में विकास के नाम पर 35 लाख रुपये खर्च करने को लेकर हुई जांच में अनियमितता पाई गई, तो जिलाधिकारी ने तत्कालीन ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव को उक्त धनराशि पंचायत निधि खाते में जमा कराने का आदेश दिया था।
इसके बाद ही जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में भी विकास कार्यों पर खर्च की गई धनराशि को लेकर जांच शुरू हो गई है। मालूम चला है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 के तहत ग्राम पंचायत निधि के खाते से 40 लाख से ज्यादा धनराशि आहरण करने वाली ग्राम पंचायतों को लेकर रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
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ग्राम पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि खाते से आहरित की गई धनराशि किस किस कार्य पर खर्च हुई और व्यय प्रमाण पत्र जमा कराए गए अथवा नहीं।
साथ ही खर्च की गई धनराशि का ऑनलाइन फीडिंग कराया गया है या नहीं। ऐसी 20 ग्राम पंचायतें सामने आई हैं, जिनसे एक साल के भीतर ही 40 लाख रुपये से ज्यादा रकम ग्राम पंचायत निधि के खाते से निकाली गई।
बाबरी गांव में फिर पहुंची जांच टीम
शामली (ब्यूरो) बाबरी ग्राम पंचायत निधि के खाते से एक करोड़ रुपये आहरण को लेकर चल रही जांच में बृहस्पतिवार को फिर से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में टीम ने गांव में पहुंचकर जांच की। 14 वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग से खर्च धनराशि की जांच की गई। गांव में तालाब खुदाई और नाले की दीवार बनाने का कार्य देखा गया। अब यह देखा जा रहा है कि उक्त कार्य किस मद से कराए गए। तालाब खुदाई का कार्य मनरेगा हुआ या अन्य मद से, यह भी देखा जा रहा है। इस दौरान ग्राम प्रधान अनंगपाल सिंह भी मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत सचिवों से विकास कार्यों पर खर्च धनराशि का हिसाब किताब मांगा गया है। इसके बाद सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ) से सत्यापन कराया जाएगा। फिलहाल ऐसी 20 ग्राम पंचायतों का हिसाब मांगा है, जिनके खाते से 40 लाख रुपये से ज्यादा आहरित किए गए हैं - यशु रुस्तगी, मुख्य विकास अधिकारी।
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दरअसल, पिछले दिनों बाबरी ग्राम पंचायत निधि खाते से एक करोड़ रुपये निकालने की शिकायतें की गई थीं, जिसके बाद जिलाधिकारी ने कमेटी गठित करके जांच कराई थी। इसके बाद बाबरी ग्राम पंचायत निधि के खाते से धनराशि आहरण पर रोक लगा दी गई थी। वहीं, कैराना क्षेत्र के गांव रामड़ा में विकास के नाम पर 35 लाख रुपये खर्च करने को लेकर हुई जांच में अनियमितता पाई गई, तो जिलाधिकारी ने तत्कालीन ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव को उक्त धनराशि पंचायत निधि खाते में जमा कराने का आदेश दिया था।
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इसके बाद ही जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में भी विकास कार्यों पर खर्च की गई धनराशि को लेकर जांच शुरू हो गई है। मालूम चला है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 के तहत ग्राम पंचायत निधि के खाते से 40 लाख से ज्यादा धनराशि आहरण करने वाली ग्राम पंचायतों को लेकर रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
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ग्राम पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि खाते से आहरित की गई धनराशि किस किस कार्य पर खर्च हुई और व्यय प्रमाण पत्र जमा कराए गए अथवा नहीं।
साथ ही खर्च की गई धनराशि का ऑनलाइन फीडिंग कराया गया है या नहीं। ऐसी 20 ग्राम पंचायतें सामने आई हैं, जिनसे एक साल के भीतर ही 40 लाख रुपये से ज्यादा रकम ग्राम पंचायत निधि के खाते से निकाली गई।
बाबरी गांव में फिर पहुंची जांच टीम
शामली (ब्यूरो) बाबरी ग्राम पंचायत निधि के खाते से एक करोड़ रुपये आहरण को लेकर चल रही जांच में बृहस्पतिवार को फिर से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में टीम ने गांव में पहुंचकर जांच की। 14 वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग से खर्च धनराशि की जांच की गई। गांव में तालाब खुदाई और नाले की दीवार बनाने का कार्य देखा गया। अब यह देखा जा रहा है कि उक्त कार्य किस मद से कराए गए। तालाब खुदाई का कार्य मनरेगा हुआ या अन्य मद से, यह भी देखा जा रहा है। इस दौरान ग्राम प्रधान अनंगपाल सिंह भी मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत सचिवों से विकास कार्यों पर खर्च धनराशि का हिसाब किताब मांगा गया है। इसके बाद सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ) से सत्यापन कराया जाएगा। फिलहाल ऐसी 20 ग्राम पंचायतों का हिसाब मांगा है, जिनके खाते से 40 लाख रुपये से ज्यादा आहरित किए गए हैं - यशु रुस्तगी, मुख्य विकास अधिकारी।