{"_id":"5cc9e230bdec2206ff5a51eb","slug":"171556734512-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऊन चीनी मिल का पेराई सत्र समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऊन चीनी मिल का पेराई सत्र समाप्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। जिले के राणा समूह की सुपीरियर फूड ग्रेन प्राइवेट लिमिटेड ऊन चीनी मिल 83.28 लाख गन्ने की पेराई कर बंद हो गई है। इस साल जिले की चीनी मिलों पर किसानों का 616 करोड़ 74 लाख 75 हजार रुपये बकाया है। पेराई सत्र खत्म होने तक जिले की मिलों पर 700 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
जिले की राणा समूह की सुपीरियर फूड ग्रेन प्राईवेट लिमिटेड ऊन चीनी मिल ने 26 अप्रैल को अपना पेराई सत्र समाप्त करने का नोटिस दिया था। चीनी मिल ने गत 30 अप्रैल को 83 लाख 28 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करके चीनी मिल बंद हो गई है, जबकि जिले की ऊन चीनी मिल ने गत वर्ष 2017-18 में 80 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके अपना पेराई सत्र समाप्त कर दिया था। जिले के गन्ना विभाग कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक 30 अप्रैल तक जिले की बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल ने एक करोड़ 34 लाख 28 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है, जबकि गत वर्ष 2017- 18 में एक करोड़ 44 लाख 66 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करके मिल बंद हो गई थी। सरशादी लाल समूह की अपर दोआब चीनी मिल ने 91 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है, जबकि गत वर्ष शामली चीनी मिल एक करोड़ 15 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करके बद हो गई थी।
विभागीय जानकारी के अनुसार बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल अपना पेराई सत्र 10 मई के आसपास समाप्त करेगी, जबकि सरशादी लाल समूह की अपर दो आब चीनी मिल मई के अंतिम सप्ताह में अपना पेेेराई सत्र समाप्त करके बंद हो जाएगी। जिले की तीनों चीनी मिल पर 616 करोड़ 74 लाख 75 हजार रुपये किसानों का बकाया है। जिसमें शामली चीनी मिल पर 193 करोड़ 43 लाख 20 हजार रुपये, थानाभवन चीनी मिल पर 286 करोड़ 92 लाख 61 हजार रुपये, ऊन चीनी मिल पर 136 करोड़ 38 लाख 94 हजार रुपये बकाया है। जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार भारती ने बताया कि मई के अंतिम सप्ताह में जिले के सभी चीनी मिलों को पेराई सत्र समाप्त की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। जिले के राणा समूह की सुपीरियर फूड ग्रेन प्राइवेट लिमिटेड ऊन चीनी मिल 83.28 लाख गन्ने की पेराई कर बंद हो गई है। इस साल जिले की चीनी मिलों पर किसानों का 616 करोड़ 74 लाख 75 हजार रुपये बकाया है। पेराई सत्र खत्म होने तक जिले की मिलों पर 700 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
जिले की राणा समूह की सुपीरियर फूड ग्रेन प्राईवेट लिमिटेड ऊन चीनी मिल ने 26 अप्रैल को अपना पेराई सत्र समाप्त करने का नोटिस दिया था। चीनी मिल ने गत 30 अप्रैल को 83 लाख 28 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करके चीनी मिल बंद हो गई है, जबकि जिले की ऊन चीनी मिल ने गत वर्ष 2017-18 में 80 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके अपना पेराई सत्र समाप्त कर दिया था। जिले के गन्ना विभाग कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक 30 अप्रैल तक जिले की बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल ने एक करोड़ 34 लाख 28 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है, जबकि गत वर्ष 2017- 18 में एक करोड़ 44 लाख 66 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करके मिल बंद हो गई थी। सरशादी लाल समूह की अपर दोआब चीनी मिल ने 91 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है, जबकि गत वर्ष शामली चीनी मिल एक करोड़ 15 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करके बद हो गई थी।
विज्ञापन
विभागीय जानकारी के अनुसार बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल अपना पेराई सत्र 10 मई के आसपास समाप्त करेगी, जबकि सरशादी लाल समूह की अपर दो आब चीनी मिल मई के अंतिम सप्ताह में अपना पेेेराई सत्र समाप्त करके बंद हो जाएगी। जिले की तीनों चीनी मिल पर 616 करोड़ 74 लाख 75 हजार रुपये किसानों का बकाया है। जिसमें शामली चीनी मिल पर 193 करोड़ 43 लाख 20 हजार रुपये, थानाभवन चीनी मिल पर 286 करोड़ 92 लाख 61 हजार रुपये, ऊन चीनी मिल पर 136 करोड़ 38 लाख 94 हजार रुपये बकाया है। जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार भारती ने बताया कि मई के अंतिम सप्ताह में जिले के सभी चीनी मिलों को पेराई सत्र समाप्त की संभावना है।
विज्ञापन