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अलविदा 201 17-43-08
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। साल 2018 में अपराध और अपराधियों से खाकी जूझती रही। पूरे साल लूट, डकैती, चोरी जैसी जघन्य वारदातों को अंजाम देकर बदमाशों ने जहां खाकी के पसीने छुड़ाए रखे। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने भी दो बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर किया और कई इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
साल 2018 में जिला हर साल की तरह इस बार भी अपराध से जूझता रहा। जिले में लूट, हत्या, चोरी, दुष्कर्म, छेड़खानी की घटनाएं हुईं। हालांकि पुलिस अधिकारी पिछले सालों की तुलना में अपराध में कमी आने का दावा करते रहे। पुलिस भी अपराधियों के पीछे हाथ धोकर पड़ी रही। पुलिस ने मुठभेड़ में दो इनामी बदमाशों को ढेर किया और सैकड़ों अपराधियों को जेल का रास्ता भी दिखाया। पुलिस को मुठभेड़ में एक जांबाज सिपाही अंकित तोमर के शहीद होने की कीमत भी चुकानी पड़ी। झिंझाना क्षेत्र मेें कमालपुर चेकपोस्ट पर दो पुलिसकर्मियों को घायल कर दो रायफल लूट का मामला खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट से जुड़ा होने के कारण सुर्खियों में रहा।
इनामी साबिर और अकबर मुठभेड़ में हुए ढेर
साल 2018 की शुरूआत पुलिस की बदमाशों के साथ मुठभेड़ से हुई। तीन जनवरी को कुख्यात मुकीम काला गैंग के शॉर्प शूटर साबिर जंधेड़ी को उसी के गांव में पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इस मुठभेड़ में जिला बागपत निवासी सिपाही अंकित तोमर शहीद हो गए थे। इसके बाद अप्रैल माह में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने कांधला के गांव गढ़ी दौलत निवासी 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश अकबर को मार गिराया था। जिले में सालभर में पुलिस और बदमाशों के साथ लगभग 34 मुठभेड़ की घटना हुई। मुठभेड़ के दौरान पांच इनामी समेत 66 अपराधी गिरफ्तार हुए और 15 बदमाश घायल हुए। मुठभेड़ के दौरान 13 पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
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रायफल लूट प्रकरण की रही गूंज
दो अक्तूबर की रात दस बजे झिंझाना थाने की चौसाना पुलिस चौकी की कमालपुर चेकपोस्ट पर सिपाही संसार सिंह व होमगार्ड संजय वर्मा निगरानी कर रहे थे। इसी समय दो बाइकों पर सवार चार बदमाशों ने सिपाही को पीटकर व होमगार्ड को गोली मारकर घायल कर दिया था और उनसे दो रायफल लूटकर फरार हो गए थे। 14 अक्तूबर की रात में झिंझाना पुलिस व एसओजी टीम ने ऊन रोड स्थित गांव रंगाना लिंक रोड पर मुठभेड़ के बाद रायफल लूट के दो आरोपी सरदार अमृत सिंह और सरदार गुरूजैंट को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर लूटी गई रायफल रंगाना फार्म स्थित गुरुद्वारे की रसोई से ग्रंथी सरदार कर्म सिंह उर्फ कर्मा से बरामद हुई थी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया था कि गैंग का लीडर सरदार जर्मन सिंह है और पंजाब में पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की सभा में बड़ा हमला करने के लिए रायफल लूटी गई थी। आरोपियों का संबंध खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट से होना पाया गया था। जर्मन सिंह को पंजाब की पटियाला पुलिस ने राजस्थान के बीकानेर से पकड़कर एनआईए टीम को सौंप दिया था, तब से चारों आरोपी मुजफ्फरनगर जेल में थे। कुछ दिन पहले ही आरोपियों को लखनऊ जेल में शिफ्ट किया गया है। एनआईए टीम कई बार जिले में आकर खालिस्तान नेटवर्क की तलाश कर चुकी है। एक सप्ताह पहले भी एनआइए टीम कोर्ट से बी वारंट लेकर आरोपियों को रिमांड पर लेकर झिंझाना व उनसे संबधित स्थानों पर साथ लेकर जांच पड़ताल करने पहुंची थी।
सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश
जिले में असामाजिक तत्वों ने बीते साल में कई बार जिले का सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन जिले के अमन पसंद लोगों ने उनके मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया। अगस्त माह में बाबरी क्षेत्र में लगातार दो दिन तक धर्मस्थलों में मीट फेंककर शरारती तत्वों ने जिले की फिजा बिगाड़ने का प्रयास किया था। मगर पुलिस-प्रशासन की सक्रियता से माहौल खराब होने से बच गया था। अगस्त माह में शिवरात्रि से एक दिन पहले चौसाना क्षेत्र के एक गांव में शिवलिंग क्षतिग्रस्त कर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया गया था। जुलाई माह में शामली के बरखंडी मोहल्ले में भी मामूली कहासुनी को लेकर दो समुदाय के लोग आमने सामने आ गए थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन की सक्रियता से बवाल होने से बच गया था।
जिले में हुए अपराध और अभियुक्तों की गिरफ्तारी
अपराध घटनाएं गिरफ्तार अभियुक्त
लूट 19 48
हत्या 31 63
चोरी 239 186
जानलेवा हमले 62 184
दुष्कर्म 35 59
नकबजनी 34 88
छेड़खानी 07 09
चेन स्नेचिंग 02 04
दहेज हत्या 08 17
फिरौती-अपहरण 01 01
(नोट: उक्त आंकड़े एक जनवरी 2018 से 15 दिसंबर तक पुलिस रिकार्ड के अनुसार है।)
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शामली। साल 2018 में अपराध और अपराधियों से खाकी जूझती रही। पूरे साल लूट, डकैती, चोरी जैसी जघन्य वारदातों को अंजाम देकर बदमाशों ने जहां खाकी के पसीने छुड़ाए रखे। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने भी दो बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर किया और कई इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
साल 2018 में जिला हर साल की तरह इस बार भी अपराध से जूझता रहा। जिले में लूट, हत्या, चोरी, दुष्कर्म, छेड़खानी की घटनाएं हुईं। हालांकि पुलिस अधिकारी पिछले सालों की तुलना में अपराध में कमी आने का दावा करते रहे। पुलिस भी अपराधियों के पीछे हाथ धोकर पड़ी रही। पुलिस ने मुठभेड़ में दो इनामी बदमाशों को ढेर किया और सैकड़ों अपराधियों को जेल का रास्ता भी दिखाया। पुलिस को मुठभेड़ में एक जांबाज सिपाही अंकित तोमर के शहीद होने की कीमत भी चुकानी पड़ी। झिंझाना क्षेत्र मेें कमालपुर चेकपोस्ट पर दो पुलिसकर्मियों को घायल कर दो रायफल लूट का मामला खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट से जुड़ा होने के कारण सुर्खियों में रहा।
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इनामी साबिर और अकबर मुठभेड़ में हुए ढेर
साल 2018 की शुरूआत पुलिस की बदमाशों के साथ मुठभेड़ से हुई। तीन जनवरी को कुख्यात मुकीम काला गैंग के शॉर्प शूटर साबिर जंधेड़ी को उसी के गांव में पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इस मुठभेड़ में जिला बागपत निवासी सिपाही अंकित तोमर शहीद हो गए थे। इसके बाद अप्रैल माह में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने कांधला के गांव गढ़ी दौलत निवासी 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश अकबर को मार गिराया था। जिले में सालभर में पुलिस और बदमाशों के साथ लगभग 34 मुठभेड़ की घटना हुई। मुठभेड़ के दौरान पांच इनामी समेत 66 अपराधी गिरफ्तार हुए और 15 बदमाश घायल हुए। मुठभेड़ के दौरान 13 पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
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रायफल लूट प्रकरण की रही गूंज
दो अक्तूबर की रात दस बजे झिंझाना थाने की चौसाना पुलिस चौकी की कमालपुर चेकपोस्ट पर सिपाही संसार सिंह व होमगार्ड संजय वर्मा निगरानी कर रहे थे। इसी समय दो बाइकों पर सवार चार बदमाशों ने सिपाही को पीटकर व होमगार्ड को गोली मारकर घायल कर दिया था और उनसे दो रायफल लूटकर फरार हो गए थे। 14 अक्तूबर की रात में झिंझाना पुलिस व एसओजी टीम ने ऊन रोड स्थित गांव रंगाना लिंक रोड पर मुठभेड़ के बाद रायफल लूट के दो आरोपी सरदार अमृत सिंह और सरदार गुरूजैंट को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर लूटी गई रायफल रंगाना फार्म स्थित गुरुद्वारे की रसोई से ग्रंथी सरदार कर्म सिंह उर्फ कर्मा से बरामद हुई थी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया था कि गैंग का लीडर सरदार जर्मन सिंह है और पंजाब में पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की सभा में बड़ा हमला करने के लिए रायफल लूटी गई थी। आरोपियों का संबंध खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट से होना पाया गया था। जर्मन सिंह को पंजाब की पटियाला पुलिस ने राजस्थान के बीकानेर से पकड़कर एनआईए टीम को सौंप दिया था, तब से चारों आरोपी मुजफ्फरनगर जेल में थे। कुछ दिन पहले ही आरोपियों को लखनऊ जेल में शिफ्ट किया गया है। एनआईए टीम कई बार जिले में आकर खालिस्तान नेटवर्क की तलाश कर चुकी है। एक सप्ताह पहले भी एनआइए टीम कोर्ट से बी वारंट लेकर आरोपियों को रिमांड पर लेकर झिंझाना व उनसे संबधित स्थानों पर साथ लेकर जांच पड़ताल करने पहुंची थी।
सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश
जिले में असामाजिक तत्वों ने बीते साल में कई बार जिले का सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन जिले के अमन पसंद लोगों ने उनके मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया। अगस्त माह में बाबरी क्षेत्र में लगातार दो दिन तक धर्मस्थलों में मीट फेंककर शरारती तत्वों ने जिले की फिजा बिगाड़ने का प्रयास किया था। मगर पुलिस-प्रशासन की सक्रियता से माहौल खराब होने से बच गया था। अगस्त माह में शिवरात्रि से एक दिन पहले चौसाना क्षेत्र के एक गांव में शिवलिंग क्षतिग्रस्त कर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया गया था। जुलाई माह में शामली के बरखंडी मोहल्ले में भी मामूली कहासुनी को लेकर दो समुदाय के लोग आमने सामने आ गए थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन की सक्रियता से बवाल होने से बच गया था।
जिले में हुए अपराध और अभियुक्तों की गिरफ्तारी
अपराध घटनाएं गिरफ्तार अभियुक्त
लूट 19 48
हत्या 31 63
चोरी 239 186
जानलेवा हमले 62 184
दुष्कर्म 35 59
नकबजनी 34 88
छेड़खानी 07 09
चेन स्नेचिंग 02 04
दहेज हत्या 08 17
फिरौती-अपहरण 01 01
(नोट: उक्त आंकड़े एक जनवरी 2018 से 15 दिसंबर तक पुलिस रिकार्ड के अनुसार है।)