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वितविहीन और परिषदीय शिक्षकों को करानी पडेगी बोर्ड परीक्षाएं
Updated Wed, 29 Nov 2017 11:42 PM IST
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शामली। वर्ष 2018 में बोर्ड परीक्षाएं वित्तविहीन और परिषदीय शिक्षकों के सहारे कराई जाएगी। इस बार जनपद में 26752 बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए कक्ष निरीक्षक, रिलीवर और सचल दलों के लिए करीब एक हजार से भी ज्यादा शिक्षकों की आवश्यकता होगी। जबकि जनपद में एडेड और राजकीय कॉलेजों में शिक्षक और शिक्षिकाओं की संख्या केवल 478 है।
इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में जनपद में परीक्षार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। शिक्षा विभाग में पहले से ही शिक्षकों का टोटा है। जिसके चलते जनपद में इस बार भी बोर्ड परीक्षा कराने के लिए वित्तविहीन और परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का ही सहारा लेना पड़ेगा। जिले में इस बार हाईस्कूल और इंटर में 26 हजार 752 बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत परीक्षार्थी है। जिसके लिए एक हजार से भी ज्यादा शिक्षकों की जरूरत पडे़गी। प्रत्येक पाली में करीब 500 शिक्षकों तक की ड्यूटी लगाई जाएगी। जिनमें केंद्र व्यवस्थापक, सह केंद्र व्यवस्थापक, परीक्षा सहायक, रिलीवर एवं सह निरीक्षक के साथ ही सचल दस्ते में भी शिक्षक शामिल होंगे। जनपद में केवल 478 ही शिक्षक और शिक्षिकाएं है। जनपद के 12 राजकीय कॉलेजों में लगभग 70 शिक्षक और 30 एडेड कॉलेजों में 408 शिक्षक और शिक्षिका है। जिसके चलते बोर्ड परीक्षाओं में इस बार भी करीब 300 शिक्षक वित्तविहीन कॉलेजों से और करीब 300 ही शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग से लिए जाने की उम्मीद है।
वित्तविहीन शिक्षक कर सकते है परीक्षा का बहिष्कार
मानदेय समेत अन्य मांगों को लेकर खफा चल रहे वित्तविहीन शिक्षक बोर्ड परीक्षाओं का बहिष्कार का मन बनाते दिख रहे है, लेकिन अभी तक संगठन ने कोई भी अधिकृत बयान नहीं दिया है। फिर भी जनपद में कई शिक्षक ऐसी चर्चा करते नजर आए है।
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इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में जनपद में परीक्षार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। शिक्षा विभाग में पहले से ही शिक्षकों का टोटा है। जिसके चलते जनपद में इस बार भी बोर्ड परीक्षा कराने के लिए वित्तविहीन और परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का ही सहारा लेना पड़ेगा। जिले में इस बार हाईस्कूल और इंटर में 26 हजार 752 बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत परीक्षार्थी है। जिसके लिए एक हजार से भी ज्यादा शिक्षकों की जरूरत पडे़गी। प्रत्येक पाली में करीब 500 शिक्षकों तक की ड्यूटी लगाई जाएगी। जिनमें केंद्र व्यवस्थापक, सह केंद्र व्यवस्थापक, परीक्षा सहायक, रिलीवर एवं सह निरीक्षक के साथ ही सचल दस्ते में भी शिक्षक शामिल होंगे। जनपद में केवल 478 ही शिक्षक और शिक्षिकाएं है। जनपद के 12 राजकीय कॉलेजों में लगभग 70 शिक्षक और 30 एडेड कॉलेजों में 408 शिक्षक और शिक्षिका है। जिसके चलते बोर्ड परीक्षाओं में इस बार भी करीब 300 शिक्षक वित्तविहीन कॉलेजों से और करीब 300 ही शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग से लिए जाने की उम्मीद है।
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वित्तविहीन शिक्षक कर सकते है परीक्षा का बहिष्कार
मानदेय समेत अन्य मांगों को लेकर खफा चल रहे वित्तविहीन शिक्षक बोर्ड परीक्षाओं का बहिष्कार का मन बनाते दिख रहे है, लेकिन अभी तक संगठन ने कोई भी अधिकृत बयान नहीं दिया है। फिर भी जनपद में कई शिक्षक ऐसी चर्चा करते नजर आए है।
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