{"_id":"5b9aaced867a557ff96741d0","slug":"161536863469-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इमाम बारगाह और अजाखानों में मजलिसों का दौर शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इमाम बारगाह और अजाखानों में मजलिसों का दौर शुरू
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैराना। मोहर्रम के प्रारंभ होते ही कैराना की इमाम बारगाहों और अजाखानों में मजलिसों का दौर शुरू हो गया है। शिया सोगवार दस दिन तक हजरत हुसैन व उनके 72 जानिसारों की याद में मातमपुर्सी करते हैं। 10 मुहर्रम यानी योम-ए-आशूरा पर मातमी जुलूस निकाला जाएगा।
मोहर्रम का महीना मातम और आंसू बहाने का है। मोहर्रम के दौरान शिया समुदाय के लोग हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 जानिसारों की याद में काले कपड़े पहनते हैं तथा संगीत और शोर-शराबे से कतई परहेज कर लेते हैं। इस वर्ष भी मोहर्रम का महीना शुरू होते ही बृहस्पतिवार यानि दो मोहर्रम से नगर में स्थित इमाम बारगाह कलां व खुर्द में प्रमुख रूप से मजलिसों का आयोजन किया जा रहा है। इनके अलावा मुबारिक अली खां व सरदार हुसैन के अजाखानों पर भी मजलिसों का अहतमाम हो रहा है। मजलिसों में दूर-दराज से आए शिया धर्मगुरु मौलाना ईसार हुसैन नकवी एवं मौलाना जफर अब्बास अपना खिताब फरमा रहे हैं। मजलिस के दौरान धर्मगुरुओं ने फरमाया कि दो मोहर्रम को हजरत इमाम हुसैन का मदीने से चला काफिला करबला के मैदान तक पहुंचा था। उन्होंने इमाम हुसैन व मैदान-ए-करबला का विस्तारपूर्वक जिक्र किया। मजलिस में वसी हैदर, आसिफ अली, हुसैन हैदर, शबाब हैदर ने नोहाख्वानी तथा कुर्रत-उल-ऐन मेहंदी, गुलजार अली आदि ने सोजखानी की। वहीं, शाहिद हुसैन, ताहिर हुसैन, कल्लू शाह गुलाम हुसैन, मोहम्मद आलम आदि के अजाखानों में भी मजलिसें हो रही हैं। मजलिसों में शिया सोगवार बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
विज्ञापन
मोहर्रम का महीना मातम और आंसू बहाने का है। मोहर्रम के दौरान शिया समुदाय के लोग हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 जानिसारों की याद में काले कपड़े पहनते हैं तथा संगीत और शोर-शराबे से कतई परहेज कर लेते हैं। इस वर्ष भी मोहर्रम का महीना शुरू होते ही बृहस्पतिवार यानि दो मोहर्रम से नगर में स्थित इमाम बारगाह कलां व खुर्द में प्रमुख रूप से मजलिसों का आयोजन किया जा रहा है। इनके अलावा मुबारिक अली खां व सरदार हुसैन के अजाखानों पर भी मजलिसों का अहतमाम हो रहा है। मजलिसों में दूर-दराज से आए शिया धर्मगुरु मौलाना ईसार हुसैन नकवी एवं मौलाना जफर अब्बास अपना खिताब फरमा रहे हैं। मजलिस के दौरान धर्मगुरुओं ने फरमाया कि दो मोहर्रम को हजरत इमाम हुसैन का मदीने से चला काफिला करबला के मैदान तक पहुंचा था। उन्होंने इमाम हुसैन व मैदान-ए-करबला का विस्तारपूर्वक जिक्र किया। मजलिस में वसी हैदर, आसिफ अली, हुसैन हैदर, शबाब हैदर ने नोहाख्वानी तथा कुर्रत-उल-ऐन मेहंदी, गुलजार अली आदि ने सोजखानी की। वहीं, शाहिद हुसैन, ताहिर हुसैन, कल्लू शाह गुलाम हुसैन, मोहम्मद आलम आदि के अजाखानों में भी मजलिसें हो रही हैं। मजलिसों में शिया सोगवार बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
विज्ञापन