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पूर्व विधायक की मौत पर शोक सभा का आयोजन
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:16 AM IST
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पूर्व विधायक बाबू सिंह नहीं रहे
शामली। रालोद नेता एवं पूर्व विधायक बाबू सिंह का बीमारी के चलते निधन हो गया। गंभीर बीमारी के कारण वह कई दिनों से दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन से परिवार में शोक व्याप्त हो गया। वहीं, राजनीतिक लोगों ने भी शोक व्यक्त किया है।
शामली के मोहल्ला माजरा निवासी 82 वर्षीय बाबू सिंह 1977 और 1987 बघरा विधानसभा क्षेत्र से जीतकर विधायक चुने गए थे। उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत रही। 1970 के दशक में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से उनका काफी लगाव था, जिसके चलते चौधरी चरण सिंह उनके आवास पर भी आए थे। इतना ही नहीं, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने शामली में सभा की थी, तब भी बाबू सिंह सक्रिय राजनीति में रहे। शुरुआती दौर में वह जनता पार्टी में रहे। 1977 में उन्हें जनता पार्टी ने बघरा सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया था, लेकिन ऐन वक्त पर टिकट बदलने के कारण उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीत गए थे। वर्तमान में वह शहर के ब्रिगेडियर होशियार सिंह इंटर कॉलेज और आरके इंटर कॉलेज के प्रबंधक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह रालोद में रहकर सक्रिय राजनीति कर रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी प्रभा और बेटा हरेंद्र सिंह हैं। शामली से भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल भी खानदान में उनके भतीजे लगते हैं।
रालोद ने शोकसभा कर जताई संवेदना
माजरा रोड स्थित रालोद कार्यालय पर शुक्रवार को शोकसभा हुई। उसमें पूर्व विधायक बाबू सिंह के निधन पर संवेदना प्रकट की गई। दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड़ ने कहा कि पूर्व विधायक बाबू सिंह के निधन से रालोद परिवार को गहरा सदमा लगा है। उन्होंने पार्टी के लिए हमेशा सकारात्मक प्रयास किए तथा पार्टी के उत्थान के लिए तत्पर रहे। उनका जीवन सादगीपूर्ण व प्रेरणादायी रहा है। दो बार विधायक रहते हुए भी उन्होंने निष्ठा, ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन किया। पूरा जीवन किसान मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विचारधारा पर व्यतीत किया। इस दौरान पूर्व विधायक बलबीर सिंह, रतनपाल पंवार, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तरसपाल मलिक, जिला पंचायत सदस्य मुकेश सैनी और देशराज भनेड़ा, योगेंद्र चेयरमैन, सत्यवीर पंवार, अनवार चौधरी, विजेंद्र मलिक, नरेंद्र, सर्वेश, नरेश, सुखबीर, रजनीश कोरी, ऋषिपाल तरार, सनोज, विकास, वाजिद अली तथा रणधावा मलिक आदि मौजूद रहे।
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शामली। रालोद नेता एवं पूर्व विधायक बाबू सिंह का बीमारी के चलते निधन हो गया। गंभीर बीमारी के कारण वह कई दिनों से दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन से परिवार में शोक व्याप्त हो गया। वहीं, राजनीतिक लोगों ने भी शोक व्यक्त किया है।
शामली के मोहल्ला माजरा निवासी 82 वर्षीय बाबू सिंह 1977 और 1987 बघरा विधानसभा क्षेत्र से जीतकर विधायक चुने गए थे। उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत रही। 1970 के दशक में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से उनका काफी लगाव था, जिसके चलते चौधरी चरण सिंह उनके आवास पर भी आए थे। इतना ही नहीं, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने शामली में सभा की थी, तब भी बाबू सिंह सक्रिय राजनीति में रहे। शुरुआती दौर में वह जनता पार्टी में रहे। 1977 में उन्हें जनता पार्टी ने बघरा सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया था, लेकिन ऐन वक्त पर टिकट बदलने के कारण उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीत गए थे। वर्तमान में वह शहर के ब्रिगेडियर होशियार सिंह इंटर कॉलेज और आरके इंटर कॉलेज के प्रबंधक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह रालोद में रहकर सक्रिय राजनीति कर रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी प्रभा और बेटा हरेंद्र सिंह हैं। शामली से भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल भी खानदान में उनके भतीजे लगते हैं।
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रालोद ने शोकसभा कर जताई संवेदना
माजरा रोड स्थित रालोद कार्यालय पर शुक्रवार को शोकसभा हुई। उसमें पूर्व विधायक बाबू सिंह के निधन पर संवेदना प्रकट की गई। दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड़ ने कहा कि पूर्व विधायक बाबू सिंह के निधन से रालोद परिवार को गहरा सदमा लगा है। उन्होंने पार्टी के लिए हमेशा सकारात्मक प्रयास किए तथा पार्टी के उत्थान के लिए तत्पर रहे। उनका जीवन सादगीपूर्ण व प्रेरणादायी रहा है। दो बार विधायक रहते हुए भी उन्होंने निष्ठा, ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन किया। पूरा जीवन किसान मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विचारधारा पर व्यतीत किया। इस दौरान पूर्व विधायक बलबीर सिंह, रतनपाल पंवार, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तरसपाल मलिक, जिला पंचायत सदस्य मुकेश सैनी और देशराज भनेड़ा, योगेंद्र चेयरमैन, सत्यवीर पंवार, अनवार चौधरी, विजेंद्र मलिक, नरेंद्र, सर्वेश, नरेश, सुखबीर, रजनीश कोरी, ऋषिपाल तरार, सनोज, विकास, वाजिद अली तथा रणधावा मलिक आदि मौजूद रहे।
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