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ीएसटी लागू, पर नहीं बदला बाजार का मिजाज
Updated Sun, 02 Jul 2017 12:59 AM IST
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शामली।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू हो गया, लेकिन पहले ही दिन बाजार में उसका असर बहुत कम दिखाई दिया। अधिकांश व्यापारी अभी पुरानी बिल बुक से ही सामान की बिक्री कर रहे हैं। किराना, कपड़ों से लेकर फल व्यापारी तक व्यापारियों ने अभी नई बिल बुक नहीं छपवाई हैं।
अमर उजाला टीम ने शनिवार को शहर के पालिका बाजार में कई दवा विक्रेताओं के यहां पहुंचकर हकीकत जानने की कोशिश की। इस दौरान पाया गया कि ग्राहकों को पुरानी बिल बुक से ही दवा बेची जा रही थीं। इसके साथ ही नेहरू मार्केट और अन्य बाजार में कपड़ा व्यापारी भी पुरानी बिल बुक से ही बिक्री करते मिले। इसी तरह जवाहरगंज मंडी और मार्श गंज मंडी में चीनी और चावल व्यापारी भी उसी पुराने हिसाब से सामान की बिक्री कर रहे हैं।
व्यापारियों से बातचीत
-- दवा विक्रेता अनुज संगल, मुकेश कुमार और अशोक कुमार ने कहा कि अभी बिल बुक छपवाने भेजी गई है। फिलहाल चालान द्वारा बिल काट रहे हैं। उसी से दवा बेची जा रही है। नई बिल बुक आने पर ग्राहकों को नए सिरे से बिल काटकर दिए जाएंगे। अभी बिक्री पर भी प्रभाव पड़ रहा है। नई व्यवस्था में ढलने में थोड़ा समय तो लगेगा ही। उनका कहना है कि कुछ कंपनियों ने दवाओं के एचएसएन कोड फीड नहीं किए हैं, जिससे नई व्यवस्था लागू होने में कठिनाई आ रही है।
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-- कपड़ा व्यापारी विपुल जैन और सतेंद्र कुमार जैन का कहना है कि जीएसटीएन अभी मिला नहीं है, उसके लिए आवेदन किया हुआ है। जीएसटीएन मिलने के बाद नई बिल बुक छपवाकर नए सिरे से ग्राहकों को सामान बेचा जाएगा, तब तक पुरानी बिल बुक से ही बिक्री की जाएगी। किराना व्यापारी संजीव कुमार का कहना है कि ई-बिल व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए, इससे व्यापारियों को काफी परेशानी है। व्यापारियों द्वारा भरे जाने वाले नक्शों की संख्या घटाई जानी चाहिए।
-- फल व्यापारी पवन कुमार और राकेश कुमार का कहना है कि जीएसटी लगने के बाद शनिवार को बाजार ठंडा रहा। इन कारोबारियों ने कहा कि नई बिल बुक छपवाकर मंगाई जाएंगी, उसके बाद जीएसटी के अनुसार ही व्यापार करेंगे।
सिनेमाघर में घट गई टिकट की दरें
शहर के एकमात्र सिनेमाघर विजय सिनेमा में जीएसटी के हिसाब से टिकट की दरें कम कर दी गई हैं। अभी तक बॉलकनी का टिकट 100 और प्रथम श्रेणी का टिकट 70 रुपये का बेचा जा रहा था, लेकिन शनिवार को जीएसटी लागू होते ही बॉलकनी का टिकट 70 और प्रथम श्रेणी का टिकट 50 रुपये कर दिया गया। इस संबंध में सिनेमाघर पर बोर्ड भी लगा दिया गया।
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू हो गया, लेकिन पहले ही दिन बाजार में उसका असर बहुत कम दिखाई दिया। अधिकांश व्यापारी अभी पुरानी बिल बुक से ही सामान की बिक्री कर रहे हैं। किराना, कपड़ों से लेकर फल व्यापारी तक व्यापारियों ने अभी नई बिल बुक नहीं छपवाई हैं।
अमर उजाला टीम ने शनिवार को शहर के पालिका बाजार में कई दवा विक्रेताओं के यहां पहुंचकर हकीकत जानने की कोशिश की। इस दौरान पाया गया कि ग्राहकों को पुरानी बिल बुक से ही दवा बेची जा रही थीं। इसके साथ ही नेहरू मार्केट और अन्य बाजार में कपड़ा व्यापारी भी पुरानी बिल बुक से ही बिक्री करते मिले। इसी तरह जवाहरगंज मंडी और मार्श गंज मंडी में चीनी और चावल व्यापारी भी उसी पुराने हिसाब से सामान की बिक्री कर रहे हैं।
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व्यापारियों से बातचीत
-- दवा विक्रेता अनुज संगल, मुकेश कुमार और अशोक कुमार ने कहा कि अभी बिल बुक छपवाने भेजी गई है। फिलहाल चालान द्वारा बिल काट रहे हैं। उसी से दवा बेची जा रही है। नई बिल बुक आने पर ग्राहकों को नए सिरे से बिल काटकर दिए जाएंगे। अभी बिक्री पर भी प्रभाव पड़ रहा है। नई व्यवस्था में ढलने में थोड़ा समय तो लगेगा ही। उनका कहना है कि कुछ कंपनियों ने दवाओं के एचएसएन कोड फीड नहीं किए हैं, जिससे नई व्यवस्था लागू होने में कठिनाई आ रही है।
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-- कपड़ा व्यापारी विपुल जैन और सतेंद्र कुमार जैन का कहना है कि जीएसटीएन अभी मिला नहीं है, उसके लिए आवेदन किया हुआ है। जीएसटीएन मिलने के बाद नई बिल बुक छपवाकर नए सिरे से ग्राहकों को सामान बेचा जाएगा, तब तक पुरानी बिल बुक से ही बिक्री की जाएगी। किराना व्यापारी संजीव कुमार का कहना है कि ई-बिल व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए, इससे व्यापारियों को काफी परेशानी है। व्यापारियों द्वारा भरे जाने वाले नक्शों की संख्या घटाई जानी चाहिए।
-- फल व्यापारी पवन कुमार और राकेश कुमार का कहना है कि जीएसटी लगने के बाद शनिवार को बाजार ठंडा रहा। इन कारोबारियों ने कहा कि नई बिल बुक छपवाकर मंगाई जाएंगी, उसके बाद जीएसटी के अनुसार ही व्यापार करेंगे।
सिनेमाघर में घट गई टिकट की दरें
शहर के एकमात्र सिनेमाघर विजय सिनेमा में जीएसटी के हिसाब से टिकट की दरें कम कर दी गई हैं। अभी तक बॉलकनी का टिकट 100 और प्रथम श्रेणी का टिकट 70 रुपये का बेचा जा रहा था, लेकिन शनिवार को जीएसटी लागू होते ही बॉलकनी का टिकट 70 और प्रथम श्रेणी का टिकट 50 रुपये कर दिया गया। इस संबंध में सिनेमाघर पर बोर्ड भी लगा दिया गया।