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जिले में 1614 कुपोषित, 551 अतिकुपोषित बच्चे
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जिले में 1614 कुपोषित, 551 अतिकुपोषित बच्चे
शामली। जिले में कुपोषण को दूर करने के लिए एक सितंबर से शुरू हो रहे राष्ट्रीय पोषण माह में विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाएंगे। जिले में पांच साल तक के 1614 बच्चे कुपोषित और 551 बच्चे अति कुपोषित चिह्नित किए गए हैं।
जिले में हर साल कुपोषित बच्चे मिल रहे हैं। महिला एवं बाल कल्याण विभाग और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग द्वारा कुपोषित बच्चों को पोषित करने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जाते हैं, लेकिन बच्चों में कुपोषण दूर नहीं हो पा रहा है। जिले में पांच साल तक के 96610 बच्चे हैं। इनमें 91954 बच्चों का वजन लिया गया। 91865 बच्चों की लंबाई ली गई। इनमें 91875 बच्चे सामान्य, 1579 बच्चे मध्यम अल्प वजन वाले, 604 बच्चे गंभीर अल्प वजन वाले बच्चे मिले हैं।
जिले में 1614 बच्चे कुपोषित और 551 बच्चे अति कुपोषित चिह्नित किए गए हैं। 92 बच्चे दिव्यांग मिले, जिनमें 59 शारीरिक रूप से और 33 मानसिक रूप से दिव्यांग हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों को पुष्टाहार उपलब्ध कराने के साथ माता-पिता की काउंसिलिंग और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। एक सितंबर से राष्ट्रीय पोषण माह शुरू हो रहा है, जिसमें बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
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सितंबर माह में ये होंगे कार्यक्रम
शामली। जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के तहत सितंबर माह के पहले पखवाड़े में महिला एवं बाल कल्याण विभाग और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग बच्चों की स्क्रीनिंग करेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और एएनएम मिलकर बच्चों की लंबाई और वजन की जांच करेंगी।
पहले सप्ताह में पोषण वाटिका के रूप में पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। गर्भवती को बेहतर पोषण के प्रति जागरूकता के लिए स्लोगन राइटिंग और पोषण वाटिका प्रतियोगिता होगी। गर्भवती के लिए कोविड टीकाकरण संवेदीकरण कार्यक्रम चलाया जाएगा। दूसरे सप्ताह पोषण के लिए योगा और आयुष के तहत जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा। गर्भवती, स्कूली बच्चों और किशोरियों के लिए योगा सत्र आयोजित किए जाएंगे। 16 से 23 सितंबर तक तीसरे सप्ताह में पुष्टाहार का वितरण और चौथे सप्ताह 24 से 30 सितंबर तक ब्लॉकवार कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों का का चिन्हीकरण कर उन्हें चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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शामली। जिले में कुपोषण को दूर करने के लिए एक सितंबर से शुरू हो रहे राष्ट्रीय पोषण माह में विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाएंगे। जिले में पांच साल तक के 1614 बच्चे कुपोषित और 551 बच्चे अति कुपोषित चिह्नित किए गए हैं।
जिले में हर साल कुपोषित बच्चे मिल रहे हैं। महिला एवं बाल कल्याण विभाग और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग द्वारा कुपोषित बच्चों को पोषित करने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जाते हैं, लेकिन बच्चों में कुपोषण दूर नहीं हो पा रहा है। जिले में पांच साल तक के 96610 बच्चे हैं। इनमें 91954 बच्चों का वजन लिया गया। 91865 बच्चों की लंबाई ली गई। इनमें 91875 बच्चे सामान्य, 1579 बच्चे मध्यम अल्प वजन वाले, 604 बच्चे गंभीर अल्प वजन वाले बच्चे मिले हैं।
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जिले में 1614 बच्चे कुपोषित और 551 बच्चे अति कुपोषित चिह्नित किए गए हैं। 92 बच्चे दिव्यांग मिले, जिनमें 59 शारीरिक रूप से और 33 मानसिक रूप से दिव्यांग हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों को पुष्टाहार उपलब्ध कराने के साथ माता-पिता की काउंसिलिंग और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। एक सितंबर से राष्ट्रीय पोषण माह शुरू हो रहा है, जिसमें बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
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सितंबर माह में ये होंगे कार्यक्रम
शामली। जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के तहत सितंबर माह के पहले पखवाड़े में महिला एवं बाल कल्याण विभाग और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग बच्चों की स्क्रीनिंग करेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और एएनएम मिलकर बच्चों की लंबाई और वजन की जांच करेंगी।
पहले सप्ताह में पोषण वाटिका के रूप में पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। गर्भवती को बेहतर पोषण के प्रति जागरूकता के लिए स्लोगन राइटिंग और पोषण वाटिका प्रतियोगिता होगी। गर्भवती के लिए कोविड टीकाकरण संवेदीकरण कार्यक्रम चलाया जाएगा। दूसरे सप्ताह पोषण के लिए योगा और आयुष के तहत जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा। गर्भवती, स्कूली बच्चों और किशोरियों के लिए योगा सत्र आयोजित किए जाएंगे। 16 से 23 सितंबर तक तीसरे सप्ताह में पुष्टाहार का वितरण और चौथे सप्ताह 24 से 30 सितंबर तक ब्लॉकवार कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों का का चिन्हीकरण कर उन्हें चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।