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ग्रामीणों ने सरकारी अस्पताल में बंद कर दिए आवारा गोवंश
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अमर उजाला ब्यूरो
बाबरी। खेत में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा गोवंश को ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बंद कर दिया। अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीणों ने गोवंश को निकालकर श्मशान में बंद कर दिया। एडीएम ने ग्रामीणों को गांव में गोशाला बनवाने का आश्वासन दिया।
चार दिन पूर्व बाबरी में आसपास के गांवों के किसानों ने 60 से अधिक आवारा गोवंश को पकड़कर बाबरी के श्मशान में बंद कर दिया था। चार दिन से पानी और चारे के बिना चिलचिलाती गर्मी में गोवंश यहां बंद थे, लेकिन किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को सुबह करीब नौ बजे सभी गोवंश को श्मशान से निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बंद कर दिया। पीएचसी पर पहुंचे फार्मेसिस्ट रजनीश कुमार ने केंद्र प्रभारी दिग्विजय सिंह को फोन कर इसकी सूचना दी। केंद्र प्रभारी ने विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद थानाध्यक्ष बाबरी नेमचंद सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। बाबरी थानाध्यक्ष ने अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और करीब ढाई घंटे बाद गोवंश को पीएचसी से निकालकर फिर श्मशान में बंद कर दिया। इसके बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल ठाकुर मनवीर की अगुवाई में एडीएम आनंद कुमार शुक्ल से मिला और आवारा गोवंश से छुटकारा दिलाने की मांग की। एडीएम ने हल्का लेखपाल को बाबरी में गोशाला निर्माण के लिए सरकारी भूमि तलाश करने के निर्देश दिए। हल्का लेखपाल ने रघुनाथपुर में ग्राम पंचायत की खाली पड़ी पांच बीघा जमीन होने की जानकारी दी। एडीएम ने थानाभवन ब्लाक के खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि वह बाबरी के ग्राम प्रधान से बात कर गोशाला का निर्माण होने तक गोवंश के लिए चारे पानी की व्यवस्था करें।
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बाबरी। खेत में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा गोवंश को ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बंद कर दिया। अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीणों ने गोवंश को निकालकर श्मशान में बंद कर दिया। एडीएम ने ग्रामीणों को गांव में गोशाला बनवाने का आश्वासन दिया।
चार दिन पूर्व बाबरी में आसपास के गांवों के किसानों ने 60 से अधिक आवारा गोवंश को पकड़कर बाबरी के श्मशान में बंद कर दिया था। चार दिन से पानी और चारे के बिना चिलचिलाती गर्मी में गोवंश यहां बंद थे, लेकिन किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को सुबह करीब नौ बजे सभी गोवंश को श्मशान से निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बंद कर दिया। पीएचसी पर पहुंचे फार्मेसिस्ट रजनीश कुमार ने केंद्र प्रभारी दिग्विजय सिंह को फोन कर इसकी सूचना दी। केंद्र प्रभारी ने विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद थानाध्यक्ष बाबरी नेमचंद सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। बाबरी थानाध्यक्ष ने अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और करीब ढाई घंटे बाद गोवंश को पीएचसी से निकालकर फिर श्मशान में बंद कर दिया। इसके बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल ठाकुर मनवीर की अगुवाई में एडीएम आनंद कुमार शुक्ल से मिला और आवारा गोवंश से छुटकारा दिलाने की मांग की। एडीएम ने हल्का लेखपाल को बाबरी में गोशाला निर्माण के लिए सरकारी भूमि तलाश करने के निर्देश दिए। हल्का लेखपाल ने रघुनाथपुर में ग्राम पंचायत की खाली पड़ी पांच बीघा जमीन होने की जानकारी दी। एडीएम ने थानाभवन ब्लाक के खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि वह बाबरी के ग्राम प्रधान से बात कर गोशाला का निर्माण होने तक गोवंश के लिए चारे पानी की व्यवस्था करें।
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