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ग्राम प्रधानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, हर गांव में की जाए गोवंश के रखने की व्यवस्था
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हर गांव में की जाए गोवंश के रखने की व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। जिले के ग्राम प्रधानों ने शासन-प्रशासन की गोवंश के रखरखाव के लिए वर्तमान व्यवस्था को नाकाफी बताते हुए इसमें संशोधन कर सुधार की मांग की है। ग्राम प्रधानों ने गोवंश को हर गांव में रखने की व्यवस्था समेत कई मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा।
सोमवार को ग्राम प्रधानों ने कलक्ट्रेट में डीएम अखिलेश सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्राम प्रधानों ने कहा कि गोवंश के रखरखाव की व्यवस्था प्रत्येक गांव में की जाए। हर गांव में इतनी जगह है, जहां पर पशुओं को रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत को दूसरी ग्राम पंचायत के लिए धन खर्च करने का भी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि एक पशु का भूसे का खर्च 266 रुपये प्रतिदिन आता है, तो शासन की तरफ से निर्धारित 21 रुपये में एक पशु को संतुष्ट कर पाना असंभव है। ज्ञापन में बताया कि शासन के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव द्वारा 31 जनवरी 2019 को स्पष्ट तौर पर इस कार्य की जिम्मेदारी जिला पंचायतों को दी गई थी, लेकिन शामली जिले में यह कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में शासनादेश उपलब्ध कराने की मांग की। प्रधानों ने कहा कि इससे पूर्व भी मौखिक रूप से ग्राम प्रधानों को अपने गांवों में शौचालय बनवाने को कहा गया था। गरीब परिवारों ने ब्याज पर रुपये लेकर शौचालय बनवा लिए, लेकिन अभी तक उन्हें धन नहीं मिला है। इसके अलावा पशुओं के रहने हेतु जो टीन शेड बनाने का स्टीमेट बनाया गया है, उससे बनने वाला टीन शेड हवा में रुक पाना संभव नहीं है। ऐसे में सिविल के जेई की देखरेख में टीन शेड का निर्माण कराया जाए। ग्राम प्रधानों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के अनुरूप ग्राम पंचायतों में यह कार्य करना असंभव है, इसलिए इस व्यवस्था में संशोधन किया जाए। इस अवसर पर ग्राम प्रधान अवनीश कुमार, सुबोध कुमार, अनंगपाल, मामचंद शर्मा, हरेंद्र, विनोद कुमार, संयोगिता देवी और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजीव शास्त्री आदि मौजूद रहे।
शरारती तत्वों ने गोशाला का दरवाजा तोड़ छोड़े गोवंश छोड़े
बाबरी। बाबरी क्षेत्र के गांव खानपुर में कुरमाली मार्ग पर बनाई गई गोशाला में क्षेत्र के सैकड़ों आवारा गोवंशों को रखा गया था। आरोप है कि रविवार की रात में शरारती तत्वों ने गोशाला के दरवाजे पर लगे ताले को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन ताला नहीं टूटने पर शरारती तत्वों ने दरवाजे को तोड़ दिया, जिससे गोशाला के अंदर रोके गए गोवंश बाहर निकल गए। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने गोवंशों को खेतों में घूमते देखा तो ग्राम प्रधान के पति कपिल कुमार को सूचना दी। सूचना पर प्रधान के पति ने कुछ गोवंशों को दुबारा पकड़वाकर गोशाला में बंद करा दिया। प्रधान के पति कपिल ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी बीडीओ को देने के साथ ही बाबरी थाने में अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ तहरीर दी गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। जिले के ग्राम प्रधानों ने शासन-प्रशासन की गोवंश के रखरखाव के लिए वर्तमान व्यवस्था को नाकाफी बताते हुए इसमें संशोधन कर सुधार की मांग की है। ग्राम प्रधानों ने गोवंश को हर गांव में रखने की व्यवस्था समेत कई मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा।
सोमवार को ग्राम प्रधानों ने कलक्ट्रेट में डीएम अखिलेश सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्राम प्रधानों ने कहा कि गोवंश के रखरखाव की व्यवस्था प्रत्येक गांव में की जाए। हर गांव में इतनी जगह है, जहां पर पशुओं को रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत को दूसरी ग्राम पंचायत के लिए धन खर्च करने का भी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि एक पशु का भूसे का खर्च 266 रुपये प्रतिदिन आता है, तो शासन की तरफ से निर्धारित 21 रुपये में एक पशु को संतुष्ट कर पाना असंभव है। ज्ञापन में बताया कि शासन के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव द्वारा 31 जनवरी 2019 को स्पष्ट तौर पर इस कार्य की जिम्मेदारी जिला पंचायतों को दी गई थी, लेकिन शामली जिले में यह कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में शासनादेश उपलब्ध कराने की मांग की। प्रधानों ने कहा कि इससे पूर्व भी मौखिक रूप से ग्राम प्रधानों को अपने गांवों में शौचालय बनवाने को कहा गया था। गरीब परिवारों ने ब्याज पर रुपये लेकर शौचालय बनवा लिए, लेकिन अभी तक उन्हें धन नहीं मिला है। इसके अलावा पशुओं के रहने हेतु जो टीन शेड बनाने का स्टीमेट बनाया गया है, उससे बनने वाला टीन शेड हवा में रुक पाना संभव नहीं है। ऐसे में सिविल के जेई की देखरेख में टीन शेड का निर्माण कराया जाए। ग्राम प्रधानों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के अनुरूप ग्राम पंचायतों में यह कार्य करना असंभव है, इसलिए इस व्यवस्था में संशोधन किया जाए। इस अवसर पर ग्राम प्रधान अवनीश कुमार, सुबोध कुमार, अनंगपाल, मामचंद शर्मा, हरेंद्र, विनोद कुमार, संयोगिता देवी और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजीव शास्त्री आदि मौजूद रहे।
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शरारती तत्वों ने गोशाला का दरवाजा तोड़ छोड़े गोवंश छोड़े
बाबरी। बाबरी क्षेत्र के गांव खानपुर में कुरमाली मार्ग पर बनाई गई गोशाला में क्षेत्र के सैकड़ों आवारा गोवंशों को रखा गया था। आरोप है कि रविवार की रात में शरारती तत्वों ने गोशाला के दरवाजे पर लगे ताले को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन ताला नहीं टूटने पर शरारती तत्वों ने दरवाजे को तोड़ दिया, जिससे गोशाला के अंदर रोके गए गोवंश बाहर निकल गए। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने गोवंशों को खेतों में घूमते देखा तो ग्राम प्रधान के पति कपिल कुमार को सूचना दी। सूचना पर प्रधान के पति ने कुछ गोवंशों को दुबारा पकड़वाकर गोशाला में बंद करा दिया। प्रधान के पति कपिल ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी बीडीओ को देने के साथ ही बाबरी थाने में अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ तहरीर दी गई है।
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