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पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राज्य कर्मचारियों ने किया धरना प्रदर्शन
Updated Fri, 10 Aug 2018 12:06 AM IST
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शामली। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विभिन्न विभागों के राज्य कर्मचारियों व अधिकारियों ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया।
बृहस्पतिवार को पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्लूडी, जल विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने धरना प्रदर्शन किया। राज्य कर्मचारियों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद जीवन यापन करने का एक मात्र सहारा पेंशन ही है। नई अंशदायिनी पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को इस बात की चिंता है कि उनकी जमा धनराशि को शेयर बाजार में इन्वेस्ट किया जाएगा। जहां से निश्चित मासिक आय की कोई गारंटी नहीं है।सभी ने केंद्र और राज्य सरकार के प्रति रोष जताते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम केबी सिंह को सौंपते हुए जल्द से जल्द मांग पूूरी करने की मांग की है। कर्मचारी शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के जिलाध्यक्ष भारत भूषण ने कहा कि इस बार सभी संगठन एक साथ मिलकर मांग पूरी कराने के लिए पूरी ताकत दिखाने को तैयार है।
चेतावनी दी कि सरकार जल्द ही कोई निर्णय नहीं लेती है तो सभी संगठन 29, 30 और 31 अगस्त को कार्य बहिष्कार करते हुए डीएम कार्यालय पर धरना देंगे। इसके बाद भी सुनवाई न होने पर आठ अक्तूबर को लखनऊ में महारैली की जाएगी। इतने आंदोलन के बाद भी पुरानी पेंशन की घोषणा नहीं हुई तो फिर 25, 26 और 27 अक्तूबर को तीन दिवसीय हड़ताल के साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की जाएगी। इस दौरान योगेश राठी, सचिन चौहान, खलील अहमद, बालकृष्ण शर्मा, लोकेश चौधरी, विनेश त्यागी, प्रमेंद्र कुमार, ऊषा, अरविंद कुमार, धर्मेंद्र कुमार, सुधीर मलिक, अमित कुमार, सुनीता, कमलेश, सुरेश तोमर, अंशु, मीनाक्षी, अरुण सैनी आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्लूडी, जल विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने धरना प्रदर्शन किया। राज्य कर्मचारियों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद जीवन यापन करने का एक मात्र सहारा पेंशन ही है। नई अंशदायिनी पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को इस बात की चिंता है कि उनकी जमा धनराशि को शेयर बाजार में इन्वेस्ट किया जाएगा। जहां से निश्चित मासिक आय की कोई गारंटी नहीं है।सभी ने केंद्र और राज्य सरकार के प्रति रोष जताते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम केबी सिंह को सौंपते हुए जल्द से जल्द मांग पूूरी करने की मांग की है। कर्मचारी शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के जिलाध्यक्ष भारत भूषण ने कहा कि इस बार सभी संगठन एक साथ मिलकर मांग पूरी कराने के लिए पूरी ताकत दिखाने को तैयार है।
चेतावनी दी कि सरकार जल्द ही कोई निर्णय नहीं लेती है तो सभी संगठन 29, 30 और 31 अगस्त को कार्य बहिष्कार करते हुए डीएम कार्यालय पर धरना देंगे। इसके बाद भी सुनवाई न होने पर आठ अक्तूबर को लखनऊ में महारैली की जाएगी। इतने आंदोलन के बाद भी पुरानी पेंशन की घोषणा नहीं हुई तो फिर 25, 26 और 27 अक्तूबर को तीन दिवसीय हड़ताल के साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की जाएगी। इस दौरान योगेश राठी, सचिन चौहान, खलील अहमद, बालकृष्ण शर्मा, लोकेश चौधरी, विनेश त्यागी, प्रमेंद्र कुमार, ऊषा, अरविंद कुमार, धर्मेंद्र कुमार, सुधीर मलिक, अमित कुमार, सुनीता, कमलेश, सुरेश तोमर, अंशु, मीनाक्षी, अरुण सैनी आदि मौजूद रहे।
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