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रेट कांट्रेक्ट के कारण सूबे में नहीं खरीदा गया आयरन सिरप
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:18 PM IST
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शामली। बजट भी पूरा है और जिले में खून की कमी (एनिमिक) के शिकार बच्चे भी बड़ी संख्या में हैं। बावजूद इसके साल भर से एनिमिक के शिकार बच्चों को आयरन सिरप नहीं मिल पाया है। रेट कांट्रेक्ट में आयरन सिरप नहीं होने के कारण यह बड़ी समस्या जिले में बनी हुई है। ऐसे में साफ है कि एनिमिक बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
दरअसल जिन बच्चों में खून की कमी होती है, उनको पोषित और स्वस्थ करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयरन सिरप का वितरण किया जाता है। खासकर छह माह से लेकर पांच साल तक के बच्चों को यह सिरप स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से वितरित किया जाता है। इसके लिए सरकार द्वारा सालाना अच्छा-खासा बजट दिया जाता है। हर साल की भांति सरकार द्वारा इस बार भी शामली जिले को वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए 14 लाख रुपये का बजट भेजा गया था, लेकिन दस माह बीतने पर भी जिले में आयरन सिरप की खरीद नहीं की गई है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरसी में आयरन सिरप नहीं होने की समस्या से अवगत कराते हुए तथा आयरन सिरप खरीदने के लिए शासन स्तर पर कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। जिस कारण जिले में एनिमिक बच्चों को आयरन सिरप मुहैया कराने में समस्या सामने आ रही है। वहीं, विभागीय अधिकारियों की मानें, तो स्वास्थ्य विभाग में दवाइयां खरीदने के लिए शासन द्वारा रेट कांट्रेक्ट निर्धारित किया जाता है। इनमें लगभग सभी दवाइयां होती हैं। जिसके बाद जिले से दवाइयों की डिमांड भेजी जाती है और खरीदी जाती है, लेकिन इस आरसी में आयरन सिरप नहीं है। जिस कारण जिस कारण यह सिरप नहीं खरीदा जा सका।
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पिछले वित्तीय वर्ष के सिरप से चल रहा काम
शामली जिले में चालू वित्तिय वर्ष में अब तक आयरन सिरप नहीं खरीदा गया। जिस कारण एनिमिक बच्चों को परेशानी हुई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले साल खरीदे गए आयरन सिरप से ही काम चलाना पड़ा। कमोबेश यही स्थिति प्रदेश के अन्य जिलों में भी बनी हुई है।
जिले में एनिमिक हैं करीब 50 हजार बच्चे
शामली जिले में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार करीब 0-5 साल के करीब दो लाख 53 हजार आठ सौ 32 बच्चेे हैं। इनमें करीब दो लाख बच्चे छह माह से पांच साल तक के है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आज के समय में करीब 25 प्रतिशत बच्चों में खून की कमी यानी एनिमिया पाया जाता है। ऐसे में अकेले शामली जिले में करीब 50 हजार बच्चे एनिमिक हैं।
वर्जन
आयरन सिरप रेट कांट्रेक्ट में नहीं है, इस कारण अभी तक यह खरीदा नहीं गया। इस कारण पिछले साल के आयरन सिरप से अभी तक काम चलाया जा रहा है। - डॉ. राजकुमार, सीएमओ
मेरे संज्ञान में मामला नहीं है, वैसे ई-टेंडरिंग के माध्यम से आयरन सिरप खरीदा जा सकता है, इसके लिए सीएमओ को ही अधिकार है। - डॉ. सत्य सिंह, सहायक निदेशक स्वास्थ्य, सहारनपुर
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दरअसल जिन बच्चों में खून की कमी होती है, उनको पोषित और स्वस्थ करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयरन सिरप का वितरण किया जाता है। खासकर छह माह से लेकर पांच साल तक के बच्चों को यह सिरप स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से वितरित किया जाता है। इसके लिए सरकार द्वारा सालाना अच्छा-खासा बजट दिया जाता है। हर साल की भांति सरकार द्वारा इस बार भी शामली जिले को वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए 14 लाख रुपये का बजट भेजा गया था, लेकिन दस माह बीतने पर भी जिले में आयरन सिरप की खरीद नहीं की गई है।
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वहीं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरसी में आयरन सिरप नहीं होने की समस्या से अवगत कराते हुए तथा आयरन सिरप खरीदने के लिए शासन स्तर पर कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। जिस कारण जिले में एनिमिक बच्चों को आयरन सिरप मुहैया कराने में समस्या सामने आ रही है। वहीं, विभागीय अधिकारियों की मानें, तो स्वास्थ्य विभाग में दवाइयां खरीदने के लिए शासन द्वारा रेट कांट्रेक्ट निर्धारित किया जाता है। इनमें लगभग सभी दवाइयां होती हैं। जिसके बाद जिले से दवाइयों की डिमांड भेजी जाती है और खरीदी जाती है, लेकिन इस आरसी में आयरन सिरप नहीं है। जिस कारण जिस कारण यह सिरप नहीं खरीदा जा सका।
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पिछले वित्तीय वर्ष के सिरप से चल रहा काम
शामली जिले में चालू वित्तिय वर्ष में अब तक आयरन सिरप नहीं खरीदा गया। जिस कारण एनिमिक बच्चों को परेशानी हुई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले साल खरीदे गए आयरन सिरप से ही काम चलाना पड़ा। कमोबेश यही स्थिति प्रदेश के अन्य जिलों में भी बनी हुई है।
जिले में एनिमिक हैं करीब 50 हजार बच्चे
शामली जिले में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार करीब 0-5 साल के करीब दो लाख 53 हजार आठ सौ 32 बच्चेे हैं। इनमें करीब दो लाख बच्चे छह माह से पांच साल तक के है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आज के समय में करीब 25 प्रतिशत बच्चों में खून की कमी यानी एनिमिया पाया जाता है। ऐसे में अकेले शामली जिले में करीब 50 हजार बच्चे एनिमिक हैं।
वर्जन
आयरन सिरप रेट कांट्रेक्ट में नहीं है, इस कारण अभी तक यह खरीदा नहीं गया। इस कारण पिछले साल के आयरन सिरप से अभी तक काम चलाया जा रहा है। - डॉ. राजकुमार, सीएमओ
मेरे संज्ञान में मामला नहीं है, वैसे ई-टेंडरिंग के माध्यम से आयरन सिरप खरीदा जा सकता है, इसके लिए सीएमओ को ही अधिकार है। - डॉ. सत्य सिंह, सहायक निदेशक स्वास्थ्य, सहारनपुर