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चौधरी साहब का गुणगान और जाटों पर फोकस
Updated Fri, 25 May 2018 12:20 AM IST
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चौधरी साहब का गुणगान और जाटों पर फोकस
शामली।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक तीर से कई निशाने साधे। खासकर जाटों को साधने के लिए उन्होंने चौधरी चरण सिंह का गुणगान किया, तो दूसरी तरफ मुजफ्फरनगर दंगे की याद दिलाकर यह भी बताया कि जाट बिरादरी के लोग जब परेशानी में थे, तब भाजपा ही उनकी मददगार बनी थी।
खास बात यह भी है कि बृहस्पतिवार को शामली में जनसभा के मंच पर लगाए गए बड़े बैनर पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और संविधान रचयिता बाबा साहब डाक्टर भीमराव अंबेडकर का चित्र भी शामिल था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण में जाट बिरादरी पर भी पूरा फोकस रहा। उन्होंने कहा कि दंगे के दौरान सपा सरकार में जाति विशेष के पुलिसकर्मियों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से दूरस्थ जनपदों में ट्रांसफर किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार में अब ऐसा उत्पीड़न नहीं होगा। वहीं, बागपत की रमाला शुगर मिल के विस्तारीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि जाटों के महान नेता पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की कर्मस्थली पर किसानों के हित में फैसला लिया गया था। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि किसान आज इसलिए समृद्ध और खुशहाल हैं, क्योंकि पूर्व में उनकी रहनुमाई चौधरी चरण सिंह करते थे। इसके अलावा मुजफ्फरनगर के गांव कवाल निवासी सचिन और गौरव की हत्या को उन्होंने शहादत करार दिया। लब्बोलुआब यही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाट बिरादरी को साधने का भरपूर प्रयास किया। उधर, दंगों के दौरान दर्ज मुकदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने रालोद नेताओं पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब निर्दोष लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हो रहे थे और लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा था, तब वह नेता कहां थे, जो अब घर घर जाकर वोटरों को भ्रमित करने में लगे हैं।
आज जाट बिरादरी के लोगों के साथ होगी बड़ी बैठक
शामली। एक तरफ जहां रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह और रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी जाट बिरादरी में लगातार पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं, तो भाजपा भी कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। इसी के चलते शुक्रवार को एसटी तिराहे के पास भाजपा के मुख्य चुनाव कार्यालय पर बड़ी बैठक का आयोजन होगा, जिसमें गांव दर गांव से जाट बिरादरी के लोगों को बुलाया जाएगा।
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शामली।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक तीर से कई निशाने साधे। खासकर जाटों को साधने के लिए उन्होंने चौधरी चरण सिंह का गुणगान किया, तो दूसरी तरफ मुजफ्फरनगर दंगे की याद दिलाकर यह भी बताया कि जाट बिरादरी के लोग जब परेशानी में थे, तब भाजपा ही उनकी मददगार बनी थी।
खास बात यह भी है कि बृहस्पतिवार को शामली में जनसभा के मंच पर लगाए गए बड़े बैनर पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और संविधान रचयिता बाबा साहब डाक्टर भीमराव अंबेडकर का चित्र भी शामिल था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण में जाट बिरादरी पर भी पूरा फोकस रहा। उन्होंने कहा कि दंगे के दौरान सपा सरकार में जाति विशेष के पुलिसकर्मियों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से दूरस्थ जनपदों में ट्रांसफर किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार में अब ऐसा उत्पीड़न नहीं होगा। वहीं, बागपत की रमाला शुगर मिल के विस्तारीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि जाटों के महान नेता पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की कर्मस्थली पर किसानों के हित में फैसला लिया गया था। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि किसान आज इसलिए समृद्ध और खुशहाल हैं, क्योंकि पूर्व में उनकी रहनुमाई चौधरी चरण सिंह करते थे। इसके अलावा मुजफ्फरनगर के गांव कवाल निवासी सचिन और गौरव की हत्या को उन्होंने शहादत करार दिया। लब्बोलुआब यही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाट बिरादरी को साधने का भरपूर प्रयास किया। उधर, दंगों के दौरान दर्ज मुकदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने रालोद नेताओं पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब निर्दोष लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हो रहे थे और लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा था, तब वह नेता कहां थे, जो अब घर घर जाकर वोटरों को भ्रमित करने में लगे हैं।
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आज जाट बिरादरी के लोगों के साथ होगी बड़ी बैठक
शामली। एक तरफ जहां रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह और रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी जाट बिरादरी में लगातार पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं, तो भाजपा भी कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। इसी के चलते शुक्रवार को एसटी तिराहे के पास भाजपा के मुख्य चुनाव कार्यालय पर बड़ी बैठक का आयोजन होगा, जिसमें गांव दर गांव से जाट बिरादरी के लोगों को बुलाया जाएगा।
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