फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   नेताओं के एजेंडे में हावी है दंगा और पलायन

नेताओं के एजेंडे में हावी है दंगा और पलायन

Thu, 10 May 2018 11:48 PM IST
Updated Thu, 10 May 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
नेताओं के एजेंडे में हावी है दंगा और पलायन
चुनावी एजेंडे में हावी है दंगा और पलायन
विज्ञापन

शामली। कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में मुजफ्फरनगर का सांप्रदायिक दंगा और कैराना पलायन प्रमुख एजेंडा बन गया है। कोई चुनावी सभा हो, उसमें इस मुद्दे पर चर्चा जरूर हो रही है। नेता भाषण देते हैं, तो दंगे और पलायन पर फोकस रहता है। दंगे और पलायन के हालातों के लिए जहां भाजपा नेताओं द्वारा विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो विपक्षी दलों की तरफ से इन्हीं मुद्दों पर भाजपा की मुखालफत की जा रही है।

बृहस्पतिवार को शामली में भाजपा की सभा हुई, तो उसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से लेकर तमाम नेताओं की जुबां पर 2013 की वह घटना रहीं। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खासकर मुजफ्फरनगर और शामली में पूर्व की सरकार के समय दंगे और पलायन का माहौल था। मंत्री लक्ष्मीनारायण ने दंगे के मुकदमों का जिक्र भी किया और कहा कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर दंगे के मुकदमों को वापस लेने की बात कही, तो कैराना के विधायक ने सदन में कहा था कि एक भी मुकदमा वापस हुआ, तो सड़क पर धरना देंगे। वहीं, गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा और शामली से विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक दंगे से पहले शामली में जुलाई 2013 में हुई घटना का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि शामली में एक बेटी के साथ जाति विशेष के युवकों ने अत्याचार किया था, तो उस वक्त की सांसद (तबस्सुम हसन) मौन बैठी रही थीं, आज फिर वह चुनाव मैदान में आ गई हैं। बुधवार को सपा विधायक नाहिद हसन द्वारा दिए गए बयान पर भी भाजपा नेताओं ने खूब तंज कसा और कहा कि अब छिपकर वोट मांगने से काम नहीं चलेगा, दंगे के दौरान तुम्हारी क्या भूमिका थी, उसका जवाब जनता के सामने आकर देना होगा। इससे जाहिर है कि कैराना उपचुनाव में मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगे को राजनीतिक दल भूलने को तैयार नहीं है। क्योंकि इसी मुद्दे के सहारे ध्रुवीकरण की उम्मीदें जो लगाई जा रही हैं। वहीं, विपक्षी दलों की तरफ से बुधवार को जब शामली में सभा हुई, तो उसमें रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी, विधायक नाहिद हसन, पूर्व सांसद अमीर आलम सहित अन्य नेताओं ने भी मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर भाजपा पर हमला बोला था, तो कैराना पलायन प्रकरण पर भी भाजपा पर निशाना साधा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed