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भागवत कथा को सुनकर आचरण में लाने से होगा कल्याण
Updated Tue, 07 Nov 2017 12:46 AM IST
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थानाभवन।
श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास सुमित कृष्ण ठाकुर ने कहा कि मनुष्य को श्रीमद्भागवत कथा सुनकर उसे अपने जीवन में आचरण में लाने से ही मनुष्य का कल्याण होता है।
कथा व्यास सुमित कृष्ण ठाकुर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में विचारों से कर्म और स्वभाव से जितना ऊंचा होकर जीता है उतनी ही उसके जीवन में शांति और आनंद की स्थिति बनी रहती है। जबकि नीचे गिरने से मनुष्य की शक्ति उसकी शांति और आनंद घट जाता है। इसलिए अपने आंतरिक विकास को बढ़ाने की कोशिश करें। अहंकार के अंधकार में मनुष्य को कुछ नहीं दिखाई देता। इस अंधकार को भगाने के लिए धर्म के नाम का दीप जलाने की आवश्यकता है। कथा में मुख्य यजमान संजीत गर्ग, रश्मि गर्ग व मोहनलाल गर्ग रहे। इस दौरान शिवचरण, कमल सैनी, अनिता सैनी, विधि सैनी, अनीता गुप्ता, प्रणव गोयल, उदित गोयल, अमित गोयल, रजत कांबोज, पोपी, रणवीर सिहं, शोभाराम, शुभम सिंघल, रूपराम आदि रहे।
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श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास सुमित कृष्ण ठाकुर ने कहा कि मनुष्य को श्रीमद्भागवत कथा सुनकर उसे अपने जीवन में आचरण में लाने से ही मनुष्य का कल्याण होता है।
कथा व्यास सुमित कृष्ण ठाकुर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में विचारों से कर्म और स्वभाव से जितना ऊंचा होकर जीता है उतनी ही उसके जीवन में शांति और आनंद की स्थिति बनी रहती है। जबकि नीचे गिरने से मनुष्य की शक्ति उसकी शांति और आनंद घट जाता है। इसलिए अपने आंतरिक विकास को बढ़ाने की कोशिश करें। अहंकार के अंधकार में मनुष्य को कुछ नहीं दिखाई देता। इस अंधकार को भगाने के लिए धर्म के नाम का दीप जलाने की आवश्यकता है। कथा में मुख्य यजमान संजीत गर्ग, रश्मि गर्ग व मोहनलाल गर्ग रहे। इस दौरान शिवचरण, कमल सैनी, अनिता सैनी, विधि सैनी, अनीता गुप्ता, प्रणव गोयल, उदित गोयल, अमित गोयल, रजत कांबोज, पोपी, रणवीर सिहं, शोभाराम, शुभम सिंघल, रूपराम आदि रहे।
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