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‘हमें तो बस अमित की शहादत का बदला चाहिए’

Sat, 16 Feb 2019 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Feb 2019 12:03 AM IST
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‘हमें तो बस अमित की शहादत का बदला चाहिए’
अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। मुझे बेटे खोने का गम है, लेकिन गर्व इस बात का है कि उसका बेटा देेश के लिए शहीद हुआ है। उसके चार बेटे और है। चाहते है कि वे भी सेना में भर्ती होकर जवानों की शहादत का बदला लें।

पिता सोहनपाल का कहना था कि उनका अमित बहुत दिलेर था। जब भी आता कश्मीर में सेना के जवानों के किस्से ही सुनाता था। धोखे से हुए हमले में वो शहीद हुआ है। कहना है कि कई घरों के चिराग बुझाने वाले इन आतंकियों को तो ऐसा सबक मिलना चाहिए कि कोई हिंदुस्तान की तरफ आंख उठाने की हिमाकत भी ना कर सके। सरकार को भी कड़े फैसले लेने चाहिए। अमित के भाई प्रमोद में बेहद गम और गुस्सा था। उसने कहा कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए। बस अपने भाई का बदला चाहिए। सरकार हमें भी सीमा पर जाने की इजाजत दें। हम अपने भाई का बदला स्वयं लेंगे। भाई अर्जुन, सुनील और अनिल ने बताया कि उन्हें तो बस भाई के हत्यारों का बदला लेना है। उन्हें भी सीमा पर भेजा जाए। कहा कि आतंकियों से बहुत बात हो गई अब तो आरपार होनी चाहिए। कहा कि सब जानते हैं कि इस आतंकवाद के पीछे कौन है, लेकिन सरकार केवल बातचीत के जरिए हल तलाश रही है। ये लोग बातचीत की भाषा नहीं समझते, उन्हें तो बुलेट की भाषा में समझाना पड़ेगा।
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