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आंगनबाड़ी केंद्र मिले बंद, उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:04 AM IST
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जांच में दो आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले
झिंझाना। केंद्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कुपोषण मुक्त भारत अभियान को आंगनबाड़ी संचालिका पलीता लगा रही हैं। गर्मी का बहाना बनाकर आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखे जा रहे हैं, जिसकी पोल स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जांच करने पर खुली। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है।
अधिकारियों के निर्देश पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने की जिम्मेदारी दी गई है। टीम लीडर डाक्टर उमेश कुमार ने बताया कि ऊन ब्लाक क्षेत्र में 247 आंगनबाड़ी केंद्र है। बुधवार को कई गांवों में पहुंचकर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया, जिसमें आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले। डाक्टर उमेश कुमार ने बताया कि गांव टपराना में आंगनबाड़ी केंद्र की संचालिका ने कह दिया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी सुविधा शुल्क लेती हैं। इसके अलावा नया गांव सेंटर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बबीता ने उनसे कहा कि गर्मियों में स्कूलों की छुट्टी रहती है, जिस कारण बच्चे नहीं आते हैं। इसी वजह से आंगनबाड़ी केंद्र भी नहीं खोला गया। दोनों आंगनबाड़ी केंद्र संचालिकाओं से फोन पर बातचीत की ऑडियो रिकार्डिंग सहित इसकी रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजी गई है।
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झिंझाना। केंद्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कुपोषण मुक्त भारत अभियान को आंगनबाड़ी संचालिका पलीता लगा रही हैं। गर्मी का बहाना बनाकर आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखे जा रहे हैं, जिसकी पोल स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जांच करने पर खुली। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है।
अधिकारियों के निर्देश पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने की जिम्मेदारी दी गई है। टीम लीडर डाक्टर उमेश कुमार ने बताया कि ऊन ब्लाक क्षेत्र में 247 आंगनबाड़ी केंद्र है। बुधवार को कई गांवों में पहुंचकर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया, जिसमें आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले। डाक्टर उमेश कुमार ने बताया कि गांव टपराना में आंगनबाड़ी केंद्र की संचालिका ने कह दिया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी सुविधा शुल्क लेती हैं। इसके अलावा नया गांव सेंटर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बबीता ने उनसे कहा कि गर्मियों में स्कूलों की छुट्टी रहती है, जिस कारण बच्चे नहीं आते हैं। इसी वजह से आंगनबाड़ी केंद्र भी नहीं खोला गया। दोनों आंगनबाड़ी केंद्र संचालिकाओं से फोन पर बातचीत की ऑडियो रिकार्डिंग सहित इसकी रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजी गई है।
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