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चार दिन में समाधान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
Updated Sat, 14 Apr 2018 12:32 AM IST
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शामली। गन्ना समिति कार्यालय पर रालोद पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को सुना। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, गन्ना पर्ची की समस्या और खेतों में खड़े गन्ने का पुन: सर्वे न होने की समस्या का चार दिन मेंसमाधान न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
रालोद कार्यकर्ता तीन दिन से गन्ना समिति कार्यालयों पर बैठकर किसानों की समस्याएं सुन रहे हैं। साथ ही किसानों के प्रार्थना पत्र इकट्ठा किए जा रहे हैं। शुक्रवार को भी शामली गन्ना समिति कार्यालय पर रालोद कार्यकर्ता दिनभर किसानों की समस्याएं इकट्ठा करते रहे। रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने बताया कि तीन दिन के भीतर किसानों के 6000 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिनमें किसान बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, गन्ना पर्ची न मिलने और खेतों में खड़े गन्ने का सर्वे ठीक से न होने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गन्ना विभाग द्वारा पुन: सर्वे और री कैलेंडरिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि खेतों में गन्ना खड़ा है, लेकिन गन्ना पर्ची नहीं मिल पा रही हैं। किसानों की इन समस्याओं के लिए रालोद का प्रतिनिधिमंडल जल्दी ही प्रशासनिक और गन्ना विभाग के अधिकारियों से मिलेगा। यदि चार दिन के भीतर किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान प्रदेश महासचिव अनवार चौधरी, सोहनपाल कसेरवा, सुनील मलिक, रजनीश कोरी, डाक्टर विक्रांत जावला, बिजेंद्र मलिक, सर्वेश सिंभालका, पवन राणा, रविंद्र सोंटा, आशुतोष पंवार, विकास धीमान, हरेंद्र ताना, कृष्णपाल मलिक, सतबीर मूंछ और सुखबीर मलिक आदि मौजूद रहे।
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रालोद कार्यकर्ता तीन दिन से गन्ना समिति कार्यालयों पर बैठकर किसानों की समस्याएं सुन रहे हैं। साथ ही किसानों के प्रार्थना पत्र इकट्ठा किए जा रहे हैं। शुक्रवार को भी शामली गन्ना समिति कार्यालय पर रालोद कार्यकर्ता दिनभर किसानों की समस्याएं इकट्ठा करते रहे। रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने बताया कि तीन दिन के भीतर किसानों के 6000 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिनमें किसान बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, गन्ना पर्ची न मिलने और खेतों में खड़े गन्ने का सर्वे ठीक से न होने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गन्ना विभाग द्वारा पुन: सर्वे और री कैलेंडरिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि खेतों में गन्ना खड़ा है, लेकिन गन्ना पर्ची नहीं मिल पा रही हैं। किसानों की इन समस्याओं के लिए रालोद का प्रतिनिधिमंडल जल्दी ही प्रशासनिक और गन्ना विभाग के अधिकारियों से मिलेगा। यदि चार दिन के भीतर किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान प्रदेश महासचिव अनवार चौधरी, सोहनपाल कसेरवा, सुनील मलिक, रजनीश कोरी, डाक्टर विक्रांत जावला, बिजेंद्र मलिक, सर्वेश सिंभालका, पवन राणा, रविंद्र सोंटा, आशुतोष पंवार, विकास धीमान, हरेंद्र ताना, कृष्णपाल मलिक, सतबीर मूंछ और सुखबीर मलिक आदि मौजूद रहे।
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