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बारकोड में छिपी होगी चालक और वाहन की पूरी कुंडली
Updated Sat, 14 Apr 2018 12:28 AM IST
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शामली। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दौड़ने वाले वाहनों और उनके मालिकों की पहचान करना आसान होगा। अब बारकोड को स्कैन कर परिवहन विभाग चालक और वाहन की पूरी कुंडली निकाल उसकी पूरी जानकारी जुटा सकेगा। परिवहन कार्यालय से जारी होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस औैर रजिस्ट्रेशन पेपर आदि दस्तावेजों पर बारकोड दर्ज होगा।
पहले डीएल और आरसी आदि में बारकोड दर्ज नहीं होता था और न ही उसे आधार नंबर से जोड़ा जाता था। इससे लोग गलत पते पर अपने वाहनों का पंजीकरण करा लेते थे। कई बार गलत पता होने के कारण वाहन मालिकों की जानकारी करना बड़ा मुश्किल होता था। यही नहीं कार्ड का प्रिंट हल्का हो जाने के कारण नाम और पता और पंजीकरण संख्या कई बार गायब हो जाती थी। लेकिन अब बारकोड से ये संभव नहीं हो सकेगा। बारकोड में ही वाहन और उसके मालिक की पूरी कुंडली उपलब्ध होगी। जिसके जरिए प्रदेश भर के किसी भी वाहन और उसके मालिक की जानकारी को आसानी से ट्रेस किया जा सकता है।
मोबाइल में भी किया जा सकता है एप डाउनलोड
अपने मोबाइल में प्ले स्टोर में जाकर उसमें क्यूआर बारकोड स्कैनर को डाउनलोड कर सकते है। इसके बाद मोबाइल से ही बारकोड को स्कैन कर सभी जानकारी घर बैठे आसानी से ले सकते है। डिजिटल इंडिया के तहत सरकार के निर्देश पर परिवहन विभाग ने यह कदम उठाया है। जिसके चलते अब फर्जी पते पर डीएल बनवाना और वाहनों का पंजीकरण कराना आसान नहीं होगा।
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नहीं बन सकेंगे फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस
पहले दुर्घटना होने पर वाहन चालक गलत पते पर बनवाए डीएल को पुलिस को सौंपकर गायब हो जाते थे। इस कारण चालक को तलाश करना पुलिस के लिए आसान नहीं होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि बारकोड और आधार से लिंक होने कारण अब गलत पते पर डीएल नहीं बनवाया जा सकता। जनपद में यह व्यवस्था 20 अप्रैल के बाद से शुरू हो जाएगी। जिस कारण 19 अप्रैल के बाद कई दिन तक लाइसेंस नहीं बनाएं जाएंगे। वहीं, आरसी में भी बारकोड की सुविधा शुरू हो गई है। जिससे अब असली वाहन मालिक तक पहुंचना आसान हो गया है।
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पहले डीएल और आरसी आदि में बारकोड दर्ज नहीं होता था और न ही उसे आधार नंबर से जोड़ा जाता था। इससे लोग गलत पते पर अपने वाहनों का पंजीकरण करा लेते थे। कई बार गलत पता होने के कारण वाहन मालिकों की जानकारी करना बड़ा मुश्किल होता था। यही नहीं कार्ड का प्रिंट हल्का हो जाने के कारण नाम और पता और पंजीकरण संख्या कई बार गायब हो जाती थी। लेकिन अब बारकोड से ये संभव नहीं हो सकेगा। बारकोड में ही वाहन और उसके मालिक की पूरी कुंडली उपलब्ध होगी। जिसके जरिए प्रदेश भर के किसी भी वाहन और उसके मालिक की जानकारी को आसानी से ट्रेस किया जा सकता है।
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मोबाइल में भी किया जा सकता है एप डाउनलोड
अपने मोबाइल में प्ले स्टोर में जाकर उसमें क्यूआर बारकोड स्कैनर को डाउनलोड कर सकते है। इसके बाद मोबाइल से ही बारकोड को स्कैन कर सभी जानकारी घर बैठे आसानी से ले सकते है। डिजिटल इंडिया के तहत सरकार के निर्देश पर परिवहन विभाग ने यह कदम उठाया है। जिसके चलते अब फर्जी पते पर डीएल बनवाना और वाहनों का पंजीकरण कराना आसान नहीं होगा।
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नहीं बन सकेंगे फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस
पहले दुर्घटना होने पर वाहन चालक गलत पते पर बनवाए डीएल को पुलिस को सौंपकर गायब हो जाते थे। इस कारण चालक को तलाश करना पुलिस के लिए आसान नहीं होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि बारकोड और आधार से लिंक होने कारण अब गलत पते पर डीएल नहीं बनवाया जा सकता। जनपद में यह व्यवस्था 20 अप्रैल के बाद से शुरू हो जाएगी। जिस कारण 19 अप्रैल के बाद कई दिन तक लाइसेंस नहीं बनाएं जाएंगे। वहीं, आरसी में भी बारकोड की सुविधा शुरू हो गई है। जिससे अब असली वाहन मालिक तक पहुंचना आसान हो गया है।