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श्रीराम का हुआ जन्म, अयोध्या में मनाई खुशियां
Updated Wed, 20 Sep 2017 12:16 AM IST
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शामली। हनुमान धाम के 48वें रामलीला रंगमंच पर श्रीरामजन्म की लीला का सुंदर मंचन किया गया। रामलीला के आयोजकों ने श्रीराम समेत चारों भाइयों को तिलक कर खुशियां मनाई।
सोमवार की शाम हनुमान धाम के 48वें श्रीरामलीला रंगमंच पर श्रीगणेश जी आरती से श्रीरामलीला का मंचन शुरू किया गया। लीला में अयोध्या की महारानी कौशल्या राजमहल में सो रही है। कौशल्या को सपने में भगवान विष्णु के दर्शन होते हैं। वह कह रहे हैं कि हे माता अब तुम्हारी इच्छा पूर्ण करने के लिए तुम्हारे बेटे के रूप में जन्म लेने वाला हूूं। उन्होंने पूर्व जन्म में कठोर तपस्या करके मेरे जैसे पुत्र की कामना की थी, अब मै इस इच्छा को पूरा कर रहा हूं। इस प्रकार रानी का सपना टूट जाता है।
पहले कौशल्या से श्रीराम, केकेई से भरत, सुमित्रा के लक्ष्मण व शत्रुघ्न कुमार का जन्म होता है। चारों कुमारो के जन्म की सूचना राजा दशरथ को दी जाती है। गुरु वशिष्ठ राजा दशरथ के चारों पुत्रों का राम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न का नामकरण करते हैं। चारों राजकुमारों के जन्म के बाद अयोध्या में खुशियां मनाई जाती है। बधाई के लिए रामलीला के कलाकारों द्वारा किन्नरो के रूप में बधाई मांगी जाती है। राजेंद्र चोटा एंड पार्टी के कलाकारों द्वारा किन्नरों के रूप मेेें रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर श्रीरामलीला रंगमंच पर राम-लक्ष्मण, भरत-शत्रुघ्न आदि चारो भाइयों को हनुमान धाम के प्रधान सलील द्विवेदी, मंत्री राजकुमार मित्तल, कोषाध्यक्ष जोगेंद्र पाल, सेठी, राजकुमार मलिक, दिनेश पाठक, वैद्य उपेंद्र द्विवेदी, रमेश धीमान, मनोज मित्तल, रजनीश नामदेव अजय कुमार,आदेश शर्मा ने तिलक किया।
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सोमवार की शाम हनुमान धाम के 48वें श्रीरामलीला रंगमंच पर श्रीगणेश जी आरती से श्रीरामलीला का मंचन शुरू किया गया। लीला में अयोध्या की महारानी कौशल्या राजमहल में सो रही है। कौशल्या को सपने में भगवान विष्णु के दर्शन होते हैं। वह कह रहे हैं कि हे माता अब तुम्हारी इच्छा पूर्ण करने के लिए तुम्हारे बेटे के रूप में जन्म लेने वाला हूूं। उन्होंने पूर्व जन्म में कठोर तपस्या करके मेरे जैसे पुत्र की कामना की थी, अब मै इस इच्छा को पूरा कर रहा हूं। इस प्रकार रानी का सपना टूट जाता है।
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पहले कौशल्या से श्रीराम, केकेई से भरत, सुमित्रा के लक्ष्मण व शत्रुघ्न कुमार का जन्म होता है। चारों कुमारो के जन्म की सूचना राजा दशरथ को दी जाती है। गुरु वशिष्ठ राजा दशरथ के चारों पुत्रों का राम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न का नामकरण करते हैं। चारों राजकुमारों के जन्म के बाद अयोध्या में खुशियां मनाई जाती है। बधाई के लिए रामलीला के कलाकारों द्वारा किन्नरो के रूप में बधाई मांगी जाती है। राजेंद्र चोटा एंड पार्टी के कलाकारों द्वारा किन्नरों के रूप मेेें रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर श्रीरामलीला रंगमंच पर राम-लक्ष्मण, भरत-शत्रुघ्न आदि चारो भाइयों को हनुमान धाम के प्रधान सलील द्विवेदी, मंत्री राजकुमार मित्तल, कोषाध्यक्ष जोगेंद्र पाल, सेठी, राजकुमार मलिक, दिनेश पाठक, वैद्य उपेंद्र द्विवेदी, रमेश धीमान, मनोज मित्तल, रजनीश नामदेव अजय कुमार,आदेश शर्मा ने तिलक किया।
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