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सरकारी स्कूल है, पर शिक्षा दी जा रही प्राइवेट स्कूल के स्तर की
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:24 AM IST
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कैराना। दिल में कुछ करने की तमन्ना हो तो कोई बड़ा मुकाम हासिल करना कठिन काम नहीं है। प्रधानाध्यापक ने मेहनत के बल पर बदलूगढ़ प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर ही बदल डाली। उन्होंने बच्चों के भविष्य की खातिर पूरा जीवन अपना समर्पित कर दिया। यही वजह है कि शिक्षक दिवस पर इस स्कूल के प्रधानाध्यापक राकेश सैनी को राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
किसी को प्रेरणा लेनी हो तो आइए बदलूगढ़ प्राथमिक विद्यालय। सरकारी स्कूल होने के बावजूद यहां पढ़ाई का स्तर किसी पब्लिक स्कूल से कम नहीं है। प्रधानाध्यापक राकेश सैनी के सकारात्मक प्रयास से स्कूल की शिक्षा में गुणात्मक सुधार हुआ। स्कूल में साफ सफाई की व्यवस्था भी काफी बेहतर है। यह जिले के लिए गौरव की बात है कि राकेश कुमार सैनी को राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्हें शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा जाएगा। कैराना क्षेत्र के गांव झाड़खेड़ी निवासी राकेश सैनी 1996 में शिक्षक बने। पहली तैनाती कैराना देहात स्कूल में हुई, जिसके बाद 2008 में गांव मोहम्मदपुर राई के प्राथमिक विद्यालय और फिर 2010 में बदलूगढ़ स्थित प्राथमिक विद्यालय में। इस स्कूल में प्रधानाध्यापक पद की जिम्मेदारी उन्हें मिली। करीब सात साल से वह बच्चों को शिक्षित करने लिए लगे हुए हैं। उनकी पत्नी रीता भी इसी स्कूल में अध्यापिका हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान
सन् 2010 में उन्हें बदलूगढ़ प्राथमिक विद्यालय का प्रधानाध्यापक बनाया गया। तैनाती के समय इस विद्यालय की हालत काफी खस्ता थी। स्कूल में सिर्फ 59 बच्चों का दाखिला था। उन्होंने बच्चों को स्कूल लाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया। आसपास में शिविर लगाकर बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया, जिसके चलते अब स्कूल में 148 बच्चे अध्ययनरत हैं। 2014-15 में आदर्श स्कूल मानते हुए उनके स्कूल को इंगलिश मीडियम स्कूल चुना गया था। राकेश सैनी बताते हैं कि जब वह कैराना देहात स्कूल में तैनात थे, तो बावरिया समाज की बस्ती में रहने वाले बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर दाखिले कराए। मोहम्मदपुर राई में तैनात रहते हुए बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया। बदलूगढ़ प्राथमिक विद्यालय में सुबह की प्रार्थना के समय बच्चों को साफ-सफाई, स्वास्थ्य जीवन, पीटी व प्रेरणादायक बातें सिखाने के लिए आधा घंटे का समय दिया जाता है। सभी बच्चों को ड्रेस और पाठ्यक्रम का वितरण कराया। इसके अलावा स्कूल के रख-रखाव पर सरकारी खर्च के अलावा भी पैसा खर्च किया। स्कूल की दीवारों पर स्लोगन लिखवाए। कमरों में वॉल पेंटिंग कराई। इसके अलावा पौधरोपण और अन्य सामाजिक कार्यों में भी लगातार हिस्सा लिया।
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प्रधानाध्यापक का जीवन परिचय
गांव झाड़खेड़ी में किसान रामस्वरूप सैनी के छोटे बेटे राकेश सैनी अपनी पत्नी रीता, बेटे सारंग व बेटी सोनल के साथ रहते हैं। राकेश सैनी के बड़े भाई आर्मी से रिटायर होकर अपने परिवार के साथ रुड़की में रहते हैं। राकेश सैनी ने इंटर की पढ़ाई कैराना के पब्लिक इंटर कॉलेज से की। इसके बाद मुजफ्फरनगर के डीएवी कॉलेज तथा सहारनपुर के जेवी जैन कॉलेज में शिक्षा ग्रहण की। राकेश सैनी ने तीन विषयों में एमए करने के साथ ही बीएड की पढ़ाई की है।
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किसी को प्रेरणा लेनी हो तो आइए बदलूगढ़ प्राथमिक विद्यालय। सरकारी स्कूल होने के बावजूद यहां पढ़ाई का स्तर किसी पब्लिक स्कूल से कम नहीं है। प्रधानाध्यापक राकेश सैनी के सकारात्मक प्रयास से स्कूल की शिक्षा में गुणात्मक सुधार हुआ। स्कूल में साफ सफाई की व्यवस्था भी काफी बेहतर है। यह जिले के लिए गौरव की बात है कि राकेश कुमार सैनी को राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्हें शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा जाएगा। कैराना क्षेत्र के गांव झाड़खेड़ी निवासी राकेश सैनी 1996 में शिक्षक बने। पहली तैनाती कैराना देहात स्कूल में हुई, जिसके बाद 2008 में गांव मोहम्मदपुर राई के प्राथमिक विद्यालय और फिर 2010 में बदलूगढ़ स्थित प्राथमिक विद्यालय में। इस स्कूल में प्रधानाध्यापक पद की जिम्मेदारी उन्हें मिली। करीब सात साल से वह बच्चों को शिक्षित करने लिए लगे हुए हैं। उनकी पत्नी रीता भी इसी स्कूल में अध्यापिका हैं।
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शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान
सन् 2010 में उन्हें बदलूगढ़ प्राथमिक विद्यालय का प्रधानाध्यापक बनाया गया। तैनाती के समय इस विद्यालय की हालत काफी खस्ता थी। स्कूल में सिर्फ 59 बच्चों का दाखिला था। उन्होंने बच्चों को स्कूल लाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया। आसपास में शिविर लगाकर बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया, जिसके चलते अब स्कूल में 148 बच्चे अध्ययनरत हैं। 2014-15 में आदर्श स्कूल मानते हुए उनके स्कूल को इंगलिश मीडियम स्कूल चुना गया था। राकेश सैनी बताते हैं कि जब वह कैराना देहात स्कूल में तैनात थे, तो बावरिया समाज की बस्ती में रहने वाले बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर दाखिले कराए। मोहम्मदपुर राई में तैनात रहते हुए बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया। बदलूगढ़ प्राथमिक विद्यालय में सुबह की प्रार्थना के समय बच्चों को साफ-सफाई, स्वास्थ्य जीवन, पीटी व प्रेरणादायक बातें सिखाने के लिए आधा घंटे का समय दिया जाता है। सभी बच्चों को ड्रेस और पाठ्यक्रम का वितरण कराया। इसके अलावा स्कूल के रख-रखाव पर सरकारी खर्च के अलावा भी पैसा खर्च किया। स्कूल की दीवारों पर स्लोगन लिखवाए। कमरों में वॉल पेंटिंग कराई। इसके अलावा पौधरोपण और अन्य सामाजिक कार्यों में भी लगातार हिस्सा लिया।
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प्रधानाध्यापक का जीवन परिचय
गांव झाड़खेड़ी में किसान रामस्वरूप सैनी के छोटे बेटे राकेश सैनी अपनी पत्नी रीता, बेटे सारंग व बेटी सोनल के साथ रहते हैं। राकेश सैनी के बड़े भाई आर्मी से रिटायर होकर अपने परिवार के साथ रुड़की में रहते हैं। राकेश सैनी ने इंटर की पढ़ाई कैराना के पब्लिक इंटर कॉलेज से की। इसके बाद मुजफ्फरनगर के डीएवी कॉलेज तथा सहारनपुर के जेवी जैन कॉलेज में शिक्षा ग्रहण की। राकेश सैनी ने तीन विषयों में एमए करने के साथ ही बीएड की पढ़ाई की है।