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Shamli News: किशोरी के साथ दुष्कर्म में 10 साल की सजा
Tue, 29 Sep 2026 12:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:47 AM IST
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कैराना। झिंझाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पॉक्सो) अशोक भारतेंदु ने मुजरिम रूपेश निवासी पिंडोरा को 10 वर्ष के कारावास और 25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो पुष्पेंद्र मलिक ने बताया कि 30 जुलाई 2020 को झिंझाना थाने में एक किशोरी के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था कि पिंडोरा निवासी रूपेश उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद किशोरी को बरामद किया। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ ही न्यायालय में उसके बयान दर्ज कराए गए। बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी थी।
बाद में पुलिस ने रूपेश को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए।
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सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक भारतेंदु ने मुजरिम रूपेश को 10 वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि किशोरी के साथ दुष्कर्म की घटना गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो पुष्पेंद्र मलिक ने बताया कि 30 जुलाई 2020 को झिंझाना थाने में एक किशोरी के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था कि पिंडोरा निवासी रूपेश उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद किशोरी को बरामद किया। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ ही न्यायालय में उसके बयान दर्ज कराए गए। बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी थी।
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बाद में पुलिस ने रूपेश को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए।
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सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक भारतेंदु ने मुजरिम रूपेश को 10 वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि किशोरी के साथ दुष्कर्म की घटना गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।