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Shahjahanpur News: स्टेशन से युवक लापता, तलाश में भटका पिता
Sun, 24 Nov 2024 04:37 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 24 Nov 2024 04:37 AM IST
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पोस्टमार्टम हाउस पर पंफलेट लेकर बेटे की तलाश कर रहा बालेश्वर मंडल। संवाद
शाहजहांपुर। करीब एक सप्ताह पहले अपने चाचा के साथ ट्रेन से जालंधर से लौटते समय युवक शाहजहांपुर स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर उतर गया। वापस ट्रेेन में नहीं चढ़ा। सूचना मिलने पर दूसरे दिन पिता शाहजहांपुर पहुंचा। उसने जीआरपी और सदर थाने में शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बेटे की तलाश में मायूस पिता पोस्टमॉर्टम हाउस भी गया।
बिहार के जनपद खगड़िया के थाना बिदरौर क्षेत्र के गांव चकरमनिया निवासी बालेश्वर मंडल ने बताया कि करीब एक माह पहले उनका बेटा हितेश कुमार (25 वर्ष) अपने चाचा फूलेश्वर मंडल के साथ जालंधर स्थित चावल फैक्टरी में काम करने गया था। वहां काम में मन नहीं लगने पर 16 नवंबर को जननायक एक्सप्रेस से घर लौट रहा था। शाहजहांपुर स्टेशन आने पर हितेश ने चाचा से कहा कि वह शौचालय जा रहा है। शौचालय बंद होने पर वह ट्रेन से उतर गया। इसी बीच ट्रेन चल दी।
हितेश के ट्रेन में नहीं चढ़ने की सूचना फूलेश्वर ने अपने भाई बालेश्वर को फोन से दी। वह खेत पर काम छोड़कर अगले दिन शाहजहांपुर स्टेशन पहुंचे। जीआरपी में बेटे के लापता होने की शिकायत की, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। जीआरपी ने उसको थाना सदर बाजार भेज दिया। वहां पुलिस ने तलाश करने की बात कही। इसके बाद बालेश्वर पंफलेट चस्पा करते हुए गोंडा तक गया। वहां से लखनऊ में पंफलेट लगाए। शुक्रवार को वह फिर शाहजहांपुर लौटकर आया।
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कोई अनहोनी होने की आशंका पर वह शनिवार को बेटे का पता लगाने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। बेटे के लापता होने से बालेश्वर बहुत ही परेशान हैं। उसके पास खाने-पीने के लिए पैसे नहीं बचे हैं। कुछ लोगों ने उसको पोस्टमार्टम हाउस पर रुपये देकर खाना खिलाया। वह बेटे की तलाश में फिर से जुट गए हैं।
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बिहार के जनपद खगड़िया के थाना बिदरौर क्षेत्र के गांव चकरमनिया निवासी बालेश्वर मंडल ने बताया कि करीब एक माह पहले उनका बेटा हितेश कुमार (25 वर्ष) अपने चाचा फूलेश्वर मंडल के साथ जालंधर स्थित चावल फैक्टरी में काम करने गया था। वहां काम में मन नहीं लगने पर 16 नवंबर को जननायक एक्सप्रेस से घर लौट रहा था। शाहजहांपुर स्टेशन आने पर हितेश ने चाचा से कहा कि वह शौचालय जा रहा है। शौचालय बंद होने पर वह ट्रेन से उतर गया। इसी बीच ट्रेन चल दी।
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हितेश के ट्रेन में नहीं चढ़ने की सूचना फूलेश्वर ने अपने भाई बालेश्वर को फोन से दी। वह खेत पर काम छोड़कर अगले दिन शाहजहांपुर स्टेशन पहुंचे। जीआरपी में बेटे के लापता होने की शिकायत की, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। जीआरपी ने उसको थाना सदर बाजार भेज दिया। वहां पुलिस ने तलाश करने की बात कही। इसके बाद बालेश्वर पंफलेट चस्पा करते हुए गोंडा तक गया। वहां से लखनऊ में पंफलेट लगाए। शुक्रवार को वह फिर शाहजहांपुर लौटकर आया।
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कोई अनहोनी होने की आशंका पर वह शनिवार को बेटे का पता लगाने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। बेटे के लापता होने से बालेश्वर बहुत ही परेशान हैं। उसके पास खाने-पीने के लिए पैसे नहीं बचे हैं। कुछ लोगों ने उसको पोस्टमार्टम हाउस पर रुपये देकर खाना खिलाया। वह बेटे की तलाश में फिर से जुट गए हैं।