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वेदों की रक्षा करना सभी का नैतिक धर्म : बलवीर शास्त्री
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आर्य समाज मंदिर में आर्य सभा की ओर से यज्ञ-अनुष्ठान का आयोजन किया गया।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। वेद पुस्तक नहीं ज्ञान है। वेद धर्म है। वेदों की रक्षा करना हम सभी का नैतिक धर्म है। यह विचार आर्य जिला सभा के उपमंत्री बलवीर शास्त्री ने आर्य समाज मंदिर में रविवारीय यज्ञ अनुष्ठान के बाद व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि वेद जीवन जीने की सबसे उत्तम कला है। वेद हमें समाज में जीवनयापन की कला सिखाते हैं। उन्होंने यज्ञ के महत्व को विवेचित किया। आर्य समाज के पुरोहित राम बहादुर शास्त्री ने वेद मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ अनुष्ठान संपन्न कराया। साथ ही कहा कि वेद सब सत्य विधाओं की पुस्तक है।
इनका पढ़ना-पढ़ाना और सुनना-सुनाना सभी आर्यजन का परम धर्म है। सभी काम धर्म के अनुसार संपादित करने चाहिए। इसी कड़ी में आरती भजन हुए। आर्य समाज के प्रधान, मंत्री भुवनेश गुप्ता, कुलदीप दीपक, सरोज गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
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उन्होंने कहा कि वेद जीवन जीने की सबसे उत्तम कला है। वेद हमें समाज में जीवनयापन की कला सिखाते हैं। उन्होंने यज्ञ के महत्व को विवेचित किया। आर्य समाज के पुरोहित राम बहादुर शास्त्री ने वेद मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ अनुष्ठान संपन्न कराया। साथ ही कहा कि वेद सब सत्य विधाओं की पुस्तक है।
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इनका पढ़ना-पढ़ाना और सुनना-सुनाना सभी आर्यजन का परम धर्म है। सभी काम धर्म के अनुसार संपादित करने चाहिए। इसी कड़ी में आरती भजन हुए। आर्य समाज के प्रधान, मंत्री भुवनेश गुप्ता, कुलदीप दीपक, सरोज गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
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