फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   World Vulture Awareness Day today: Vultures not seen in the district for four years

विश्व गिद्ध जागरूकता दिवस आज : चार साल से नहीं दिखे जिले में गिद्ध

Sat, 02 Sep 2023 12:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 02 Sep 2023 12:22 AM IST
विज्ञापन
World Vulture Awareness Day today: Vultures not seen in the district for four years
डीएफओ प्रखर गुप्ता
शाहजहांपुर। जनपद में पिछले चार वर्षों से एक भी गिद्ध नहीं देखा गया है। वन विभाग के आंकड़े भी जिले में गिद्धों की संख्या को शून्य ही बताते हैं।
विज्ञापन

डीएफओ प्रखर गुप्ता ने बताया कि हर वर्ष सितंबर के पहले शनिवार को गिद्ध जागरूकता दिवस मनाया जाता है। जिले में पिछले चार साल से गिद्ध नजर नहीं आए हैं। हालांकि डीएफओ यह जानकारी नहीं दे सके कि चार साल पहले जिले में गिद्धों की संख्या क्या थी। बताया जा रहा है कि चार साल पहले जिले में 40 गिद्ध बचे थे। धीरे-धीरे कर सभी गिद्ध खत्म हो गए।
डीएफओ ने बताया कि गिद्ध मृत प्राणियों के अवशेषों को खाकर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस तरह वे अप्रत्यक्ष रूप से मनुष्यों की सहायता करते हैं और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में अपनी भूमिका निभाते हैं। अलग-अलग समुदायों में गिद्धों का एक अलग सांस्कृतिक-धार्मिक महत्व है। यदि प्रकृति में ये सफाईकर्मी पक्षी न हों तो मरे हुए जानवरों की मांस की सड़न से बीमारियां फैलने लगें।
विज्ञापन

पर्यावरण से जैविक कचरे के अत्यधिक कुशल निपटान के माध्यम से पोषक तत्वों के चक्रण में वे जो महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस आशय से जनपद की समस्त रेंजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें लोगों को बताया जाएगा कि पेन किलर दवा का उपयोग न करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीएफओ ने बताया कि जानवरों को डिक्लोफेनाक दवा दी जाती है। पशु के मरने के बाद जब गिद्ध उनका मांस खाते हैं तो इससे गिद्धों की मौतें हुईं। इसके बाद गिद्ध विलुप्त होते चले गए। गिद्धों का प्राकृतिक आवास छिनने से भी इनकी संख्या में कमी आई।


आज होंगे जागरूकता कार्यक्रम

जिले की सीमा दुधवा टाइगर रिजर्व एवं पीलीभीत टाइगर रिजर्व से भी मिलती है। यहां गिद्ध बहुतायत में पाए जाते हैं। इसी के चलते शनिवार को शाहजहांपुर में भी जागरूकता कार्यक्रम कराए जाएंगे। प्रतिवर्ष सितंबर के प्रथम शनिवार को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस के उपलक्ष्य पर वन विभाग की ओर से समस्त रेंज कार्यालयों में विचार गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।



गिद्ध प्रकृति के लिए क्लीनर के रूप में काम करते हैं। यदि गिद्ध न रहे तो प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाएगा। ऐसे में गिद्धों का संरक्षण करना बेहद जरूरी है। शाहजहांपुर में गिद्ध की संख्या शून्य है।
- प्रखर गुप्ता, डीएफओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed