{"_id":"451ae24655e21997e289e13f0f9e1b2a","slug":"workers-on-the-problems-of-farmers-roared-bakimayu-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों की समस्याओं पर गरजे भाकिमयू कार्यकर्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों की समस्याओं पर गरजे भाकिमयू कार्यकर्ता
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 04 Nov 2015 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं का निराकरण नहीं किए जाने के विरोध में भारतीय किसान मजदूर यूनियन राष्ट्रवादी गुट के कार्यकर्ता मंगलवार को कलक्ट्रेट में खूब गरजे। वहां हुई पंचायत में वक्ताओं ने सभी चीनी मिलों में एक सप्ताह के अंदर गन्ना पेराई शुरू कराने, रबी सीजन में फसली नुकसान का मुआवजा पाने से वंचित किसानों को आर्थिक सहायता दिए जाने, जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने आदि मांगें उठाईं। बाद में डीएम के नाम इसी आशय का ज्ञापन भी दिया।
धरना स्थल पर पंचायत को संबोधित करते हुए यूनियन के जिलाध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह ने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन दिए गए। इसके बावजूद अफसरों की उपेक्षा से तमाम समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। रबी सीजन में ओलावृष्टि और अति वृष्टि से फसली नुकसान का सामना करने वाले किसान धान के सीजन में सूखा की मार से परेशान रहे, लेकिन मंडियों में उन्हें धान का समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा और गन्ना सस्ते दामों पर कोल्हुओं के हवाले करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में ओलावृष्टि का मुआवजा पाने से वंचित रहे सभी किसानों को आर्थिक सहायता के चेक जारी कराने, सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों के धान की तौल सुनिश्चित कराने, श्रम विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच करके दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, राशन वितरण में कोटेदारों की मनमानी की जांच कराने, तिलहर सीएचसी में डॉक्टरों के रिक्त पद भरे जाने आदि मांगों का उल्लेख है। धरना-प्रदर्शन में यूनियन के महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष माधुरी कुशवाहा, प्रकाश बाबू गंगवार, लक्ष्मण प्रसाद वर्मा, प्रमोद वर्मा, नेत्रपाल मौर्य आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
धरना स्थल पर पंचायत को संबोधित करते हुए यूनियन के जिलाध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह ने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन दिए गए। इसके बावजूद अफसरों की उपेक्षा से तमाम समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। रबी सीजन में ओलावृष्टि और अति वृष्टि से फसली नुकसान का सामना करने वाले किसान धान के सीजन में सूखा की मार से परेशान रहे, लेकिन मंडियों में उन्हें धान का समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा और गन्ना सस्ते दामों पर कोल्हुओं के हवाले करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ज्ञापन में ओलावृष्टि का मुआवजा पाने से वंचित रहे सभी किसानों को आर्थिक सहायता के चेक जारी कराने, सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों के धान की तौल सुनिश्चित कराने, श्रम विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच करके दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, राशन वितरण में कोटेदारों की मनमानी की जांच कराने, तिलहर सीएचसी में डॉक्टरों के रिक्त पद भरे जाने आदि मांगों का उल्लेख है। धरना-प्रदर्शन में यूनियन के महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष माधुरी कुशवाहा, प्रकाश बाबू गंगवार, लक्ष्मण प्रसाद वर्मा, प्रमोद वर्मा, नेत्रपाल मौर्य आदि शामिल रहे।
विज्ञापन