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महिला कैडेट्स ने फायरिंग रेंज पर बहाया पसीना
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:58 PM IST
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प्रशिक्षण
- फोटो : शाहजहांपुर ब्यूरो
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जीएफ कॉलेेज में चल रहे 25 यूपी बटालियन एनसीसी प्रशिक्षण कैंप में शनिवार को महिला कैडेट्स ने मैप रीडिंग और ड्रिल के साथ फायरिंग का जमकर अभ्यास किया।
इस अवसर पर कैंप कमांडेंट कर्नल शौकत अली खां ने कैडेट्स में जोश भरते हुए कहा कि फौज में मानचित्र का ज्ञान बहुत महत्वपूर्ण होता है। मैप कला शरीर में धमनियों की तरह है, जो दिल की धड़कन को बढ़ाने का काम करती है। मैप की जानकारी से दुश्मन के ठिकानों का पता लगाकर आसानी से उस तक पहुंचा जा सकता है। ग्रिड अंक के साथ कंपास से दिशा तथा कोण ज्ञात करके दुश्मन के अड्डों को तहस-नहस किया जा सकता है। इसी तरह दूर संचार की नवीन तकनीक जीपीएस के माध्यम से दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने में सहायता मिलती है। इससे पूर्व सूबेदार मेवाराम ने कैडेट्स को ड्रिल के अंतर्गत सामान्य सैल्यूट और चलते-चलते सैल्यूट मारने का अभ्यास कराया।
इसी क्रम में टीएससी कैंप के अंतर्गत महिला कैडेट्स ने फायरिंग का कड़ा अभ्यास किया। डिप्टीे कैंप कमांडेंट कर्नल केएस शेरावत ने फायरिंग के उद्देश्य, ट्रिगर ऑपरेशन, लक्ष्य भेदन की तकनीक समझाई। प्रशिक्षण में कर्नल एसके यादव, कर्नल बलराज सरदाना, लेफ्टिनेंट कर्नल एचसी पांडेय, मेेजर एनयू खान, मेजर अरुणा त्यागी, लेफ्टिनेंट सविता चौधरी, लेफ्टिनेंट राणा बानो, लेफ्टिनेंट सरिता चौहान, सूबेदार मेजर भरत सिंह आदि का योगदान रहा।
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इस अवसर पर कैंप कमांडेंट कर्नल शौकत अली खां ने कैडेट्स में जोश भरते हुए कहा कि फौज में मानचित्र का ज्ञान बहुत महत्वपूर्ण होता है। मैप कला शरीर में धमनियों की तरह है, जो दिल की धड़कन को बढ़ाने का काम करती है। मैप की जानकारी से दुश्मन के ठिकानों का पता लगाकर आसानी से उस तक पहुंचा जा सकता है। ग्रिड अंक के साथ कंपास से दिशा तथा कोण ज्ञात करके दुश्मन के अड्डों को तहस-नहस किया जा सकता है। इसी तरह दूर संचार की नवीन तकनीक जीपीएस के माध्यम से दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने में सहायता मिलती है। इससे पूर्व सूबेदार मेवाराम ने कैडेट्स को ड्रिल के अंतर्गत सामान्य सैल्यूट और चलते-चलते सैल्यूट मारने का अभ्यास कराया।
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इसी क्रम में टीएससी कैंप के अंतर्गत महिला कैडेट्स ने फायरिंग का कड़ा अभ्यास किया। डिप्टीे कैंप कमांडेंट कर्नल केएस शेरावत ने फायरिंग के उद्देश्य, ट्रिगर ऑपरेशन, लक्ष्य भेदन की तकनीक समझाई। प्रशिक्षण में कर्नल एसके यादव, कर्नल बलराज सरदाना, लेफ्टिनेंट कर्नल एचसी पांडेय, मेेजर एनयू खान, मेजर अरुणा त्यागी, लेफ्टिनेंट सविता चौधरी, लेफ्टिनेंट राणा बानो, लेफ्टिनेंट सरिता चौहान, सूबेदार मेजर भरत सिंह आदि का योगदान रहा।
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