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जीते हुए प्रधानों पर दावेदारी ठोंक रहीं सारी पार्टियां
शाहजहांपुर।
Updated Sun, 13 Dec 2015 11:18 PM IST
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त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत इस चुनाव के सभी चरणों को दलीय पद्धति से भले ही दूर रखा गया हो, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद की तरह प्रधानी के चुनाव परिणाम भी सियासी रंगों से सराबोर होने लगे हैं। नतीजे घोषित होने के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने जीते हुए प्रधानों को अपनी पार्टी का बताकर उन पर अपनी दावेदारी ठोंकनी शुरू कर दी है।
उदाहरण के लिए, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां का दावा है कि जीते हुए 75 से 80 फीसदी प्रधान समाजवादी पार्टी समर्थित हैं। दूसरी ओर, चुनाव नतीजों पर गद्गद भाव जाहिर करते हुए भाजपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव ने इसे पार्टी का जनाधार बढ़ने का प्रमाण बताया। बसपा जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह ने पार्टी के 60 प्रतिशत प्रधान बनने का अनुमान लगाया तो कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा के अनुसार चुनाव नतीजे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने वाले हैं। प्रस्तुत है- उनकी बात उन्हीं की जुबानी।
गांव स्तर तक मजबूत हुई सपा
प्रधानी के नतीजों से जाहिर हो गया कि सपा गांव स्तर पर मजबूत हो गई है। यह 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए शुभ संकेत है। सपा राज में भेदभाव रहित विकास कार्य से जनता बेहद प्रभावित है।
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-तनवीर खां, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
भाजपा को मिली अपेक्षित सफलता
भाजपा को जैसी उम्मीद थी, वही अपेक्षित सफलता हासिल भी हुई। प्रधानी परिणाम को देखते कहा जा सकता है कि पार्टी का जनाधार बढ़ा है क्योंकि बड़ी संख्या में भाजपा के लोग जीते हैं। आंकड़े जुटा रहा हूं।
-वीरेंद्र पाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
प्रधानी के नतीजे कांग्रेसियों को देंगे हौसला
कम से कम 40 प्रतिशत सीटों पर ऐसे लोग जीते हैं जो कांग्रेस समर्थित हैं या फिर कांग्रेस परिवारों से जुड़े हैं। इन सभी ने पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा दिया है। उत्साह कायम रखने के लिए सोमवार से पदयात्रा के जरिए पार्टी को धार दी जाएगी।
-कौशल मिश्रा, जिलाध्यक्ष, कांगे्रस
बसपा के प्रति उत्साह का माहौल
बसपा के प्रति उत्साह का माहौल बन गया है। जनता ने प्रधानी के चुनाव में निर्णय करते वक्त बहुत समझदारी दिखाई और कर्मठ छवि के लोगों को का आगे बढ़नेमौका दिया। यही ट्रेंड बना रहा तो जिला पंचायत अध्यक्षी पर मजबूत दावेदारी रहेगी।
- उदयवीर सिंह, जिलाध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी
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उदाहरण के लिए, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां का दावा है कि जीते हुए 75 से 80 फीसदी प्रधान समाजवादी पार्टी समर्थित हैं। दूसरी ओर, चुनाव नतीजों पर गद्गद भाव जाहिर करते हुए भाजपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव ने इसे पार्टी का जनाधार बढ़ने का प्रमाण बताया। बसपा जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह ने पार्टी के 60 प्रतिशत प्रधान बनने का अनुमान लगाया तो कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा के अनुसार चुनाव नतीजे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने वाले हैं। प्रस्तुत है- उनकी बात उन्हीं की जुबानी।
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गांव स्तर तक मजबूत हुई सपा
प्रधानी के नतीजों से जाहिर हो गया कि सपा गांव स्तर पर मजबूत हो गई है। यह 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए शुभ संकेत है। सपा राज में भेदभाव रहित विकास कार्य से जनता बेहद प्रभावित है।
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-तनवीर खां, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
भाजपा को मिली अपेक्षित सफलता
भाजपा को जैसी उम्मीद थी, वही अपेक्षित सफलता हासिल भी हुई। प्रधानी परिणाम को देखते कहा जा सकता है कि पार्टी का जनाधार बढ़ा है क्योंकि बड़ी संख्या में भाजपा के लोग जीते हैं। आंकड़े जुटा रहा हूं।
-वीरेंद्र पाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
प्रधानी के नतीजे कांग्रेसियों को देंगे हौसला
कम से कम 40 प्रतिशत सीटों पर ऐसे लोग जीते हैं जो कांग्रेस समर्थित हैं या फिर कांग्रेस परिवारों से जुड़े हैं। इन सभी ने पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा दिया है। उत्साह कायम रखने के लिए सोमवार से पदयात्रा के जरिए पार्टी को धार दी जाएगी।
-कौशल मिश्रा, जिलाध्यक्ष, कांगे्रस
बसपा के प्रति उत्साह का माहौल
बसपा के प्रति उत्साह का माहौल बन गया है। जनता ने प्रधानी के चुनाव में निर्णय करते वक्त बहुत समझदारी दिखाई और कर्मठ छवि के लोगों को का आगे बढ़नेमौका दिया। यही ट्रेंड बना रहा तो जिला पंचायत अध्यक्षी पर मजबूत दावेदारी रहेगी।
- उदयवीर सिंह, जिलाध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी