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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Wheat procurement : 58 percent still backward UP TOP !

गेहूं खरीद: 58 प्रतिशत पिछड़े फिर भी यूपी टॉप!

Sun, 03 Jul 2016 12:35 AM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
ब्यूरो /शाहजहांपुर Updated Sun, 03 Jul 2016 12:35 AM IST
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उपलब्धि केवल 42 प्रतिशतरही, लेकिन फिर भी यूपी में जिला टॉप पोजीशन पर रहा। गेहूं उत्पादन की दृष्टि से सूबे में सिरमौर शाहजहांपुर में इस बार बंपर पैदावार के बावजूद सरकारी खरीद पर मंडियों के गल्ला आढ़ती शुरू से आखिर तक अपना दबदबा बनाए रहे। नतीजा यह हुआ कि सरकारी सेक्टर का 58 प्रतिशत गेहूं सरकारी वेयर हाउसों के बजाय निजी गोदामों में चला गया। हर साल की तरह इस बार भी रबी सीजन में मूल्य समर्थन योजना के तहत जिले में एक अप्रैल से विभिन्न क्रय एजेंसियों के 147 केंद्र खोलकर गेहूं की सरकारी खरीद शुरू की गई। यही नहीं, शासन ने जिले को 1.76 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया। इसमें स्टेट पूल की एजेंसियों को 1.55 लाख मीट्रिक टन और सेंट्रल पूल की इकलौती एजेंसी भारतीरय खाद्य निगम को 21 हजार मीट्रिक टन खरीद करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। 
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इसलिए किसानों का क्रय केंद्रों से हुआ मोहभंग
ऐसा भी नहीं है कि जिले में गेहूं उत्पादन में कोई कमी आई हो। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष रबी सीजन में गेहूं उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 37-38 क्विंटल रही। इस आधार पर करीब दस लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन हुआ। खरीद सत्र की शुरुआत के दो सप्ताह तक क्रय केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं नहीं हो पाईं। बाद में गेहूं की आवक शुरू होने पर किसानों को यह कहकर टरकाया जाने लगा कि नमी निर्धारित मानक 14 प्रतिशत से अधिक है। ऐसे में किसानों ने मंडियों की गल्ला आढ़तों की ओर रुख किया। आढ़तियों ने ऐसे किसानों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए समर्थन मूल्य से भले ही कम रेट दिया हो, उन्हें उपज लेकर भटकने से बचा लिया। किसानों ने भी तात्कालिक जरूरतें ध्यान में रखते हुए कम कीमत पर गेहूं देकर तुरंत पेमेंट लेना ज्यादा मुनासिब समझा।
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एफसीआई ने गिराया खरीद का प्रतिशत
गेहूं खरीद की एजेंसी वार उपलब्धियों पर गौर करें तों स्टेट पूल की क्रय एजेंसियों ने 1.55 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 67691 मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर 43.67 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की, लेकिन भारतीय खाद्य निगम ने सिर्फ 28.30 प्रतिशत गेहूं खरीदा। एफसीआई 21 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष केवल 5944 मीट्रिक टन गेहूं खरीद सकी। इस वजह से जिले में गेहूं की कुल खरीद 42 प्रतिशत पर सिमट गई। 
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