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Shahjahanpur News: गंगा, रामगंगा समेत सभी नदियों में तेजी से घटने लगा जलस्तर
Sat, 21 Sep 2024 05:48 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 21 Sep 2024 05:48 AM IST
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शमशाबाद-जलालाबाद हाईवे पर ट्रैक्टर से निकलते लोग। स्रोत : जागरूक पाठक
शाहजहांपुर। बैराजों से लगातार पानी की निकासी घटने और बारिश का दौर थमने से जिले से होकर बहने वाली गंगा, रामगंगा समेत सभी नदियों का जलस्तर तेजी से घटने लगा है। कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर शुक्रवार को आठ सेमी घट गया। हालांकि, फर्रुखाबाद जिले की सीमा में शमशाबाद-जलालाबाद स्टेट हाईवे बाढ़ में डूबा होने से उस पर आवागमन सुचारु नहीं हो सका।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार चौबारी घाट पर रामगंगा का जलस्तर 36 सेमी कम हो गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि लगातार तीसरे दिन गर्रा का जलस्तर 85 सेमी और खन्नौत का 45 सेमी कम हो गया है। गर्रा खतरे के निशान से 2.15 मीटर नीचे आकर 146.65 मीटर पर बह रही है। इसी तरह खन्नौत भी खतरे के निशान से 1.60 मीटर नीचे 144.15 मीटर पर आ गई है। इन दोनों नदियां से शहर के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा टल गया है।
सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर के अनुसार नरौरा समेत सभी बैराजाें से अगले 24 घंटे तक पानी की निकासी कम होने के संकेत हैं।
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डबरी घाट पर रामगंगा में बढ़ा उफान
फर्रुखाबाद जिले की सीमा में जनपद के डबरी घाट पर रामगंगा का जलस्तर शुक्रवार को तीन सेमी बढ़ जाने से आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का संकट बढ़ गया है। रामगंगा खतरे के निशान से 1.04 मीटर ऊपर पहुंच गई है। इससे अल्हागंज क्षेत्र में आने वाले रामगंगा के तटवर्ती भरथौली, वजीरपुर, चौरसिया, सपहा आदि गांवों में कृषि भूमि का कटान धीमा पड़ गया है, वहां के संपर्क मार्ग और खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के अनुसार जिले में बहने वाली रामगंगा जैतीपुर, जलालाबाद व परौर क्षेत्र से पानी समेटकर डबरी घाट पहुंचती है और इसीलिए वहां जलस्तर बढ़ रहा है।
शमशाबाद हाईवे पर चल रहा चार फुट से ज्यादा पानी
मिर्जापुर। गंगा के जलस्तर में कमी आने के बावजूद तटवर्ती आधा दर्जन गांवों में बाढ़ के हालात जस के तस बने हैं। गांव पैलानी उत्तरी, इस्लामनगर, आजादनगर, कटैला नगला, कमथरी, चितार आदि में आबादी क्षेत्र से पानी निकल रहा है, यह सभी गांव अभी चारों ओर भरे बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। आजादनगर के घरों से निकला पानी गलियारों से होकर आसपास के पोखरों में जा रहा है, जो कि पहले से लबालब हैं। पानी को आगे निकलने की राह नहीं मिल रही है। उधर, शमशाबाद हाईवे का फर्रुखाबाद जिले में करीब 500 मीटर हिस्सा अभी तक तीन से चार फुट पानी में डूबा है। इसे देखते शमशाबाद थाना पुलिस ने शुक्रवार को भी हाईवे पर आवागमन प्रतिबंधित रखा, लेकिन इधर से लोग ट्रैक्टर-ट्राली और डनलप बुग्गी लेकर निकल रहे हैं।
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार चौबारी घाट पर रामगंगा का जलस्तर 36 सेमी कम हो गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि लगातार तीसरे दिन गर्रा का जलस्तर 85 सेमी और खन्नौत का 45 सेमी कम हो गया है। गर्रा खतरे के निशान से 2.15 मीटर नीचे आकर 146.65 मीटर पर बह रही है। इसी तरह खन्नौत भी खतरे के निशान से 1.60 मीटर नीचे 144.15 मीटर पर आ गई है। इन दोनों नदियां से शहर के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा टल गया है।
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सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर के अनुसार नरौरा समेत सभी बैराजाें से अगले 24 घंटे तक पानी की निकासी कम होने के संकेत हैं।
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डबरी घाट पर रामगंगा में बढ़ा उफान
फर्रुखाबाद जिले की सीमा में जनपद के डबरी घाट पर रामगंगा का जलस्तर शुक्रवार को तीन सेमी बढ़ जाने से आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का संकट बढ़ गया है। रामगंगा खतरे के निशान से 1.04 मीटर ऊपर पहुंच गई है। इससे अल्हागंज क्षेत्र में आने वाले रामगंगा के तटवर्ती भरथौली, वजीरपुर, चौरसिया, सपहा आदि गांवों में कृषि भूमि का कटान धीमा पड़ गया है, वहां के संपर्क मार्ग और खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के अनुसार जिले में बहने वाली रामगंगा जैतीपुर, जलालाबाद व परौर क्षेत्र से पानी समेटकर डबरी घाट पहुंचती है और इसीलिए वहां जलस्तर बढ़ रहा है।
शमशाबाद हाईवे पर चल रहा चार फुट से ज्यादा पानी
मिर्जापुर। गंगा के जलस्तर में कमी आने के बावजूद तटवर्ती आधा दर्जन गांवों में बाढ़ के हालात जस के तस बने हैं। गांव पैलानी उत्तरी, इस्लामनगर, आजादनगर, कटैला नगला, कमथरी, चितार आदि में आबादी क्षेत्र से पानी निकल रहा है, यह सभी गांव अभी चारों ओर भरे बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। आजादनगर के घरों से निकला पानी गलियारों से होकर आसपास के पोखरों में जा रहा है, जो कि पहले से लबालब हैं। पानी को आगे निकलने की राह नहीं मिल रही है। उधर, शमशाबाद हाईवे का फर्रुखाबाद जिले में करीब 500 मीटर हिस्सा अभी तक तीन से चार फुट पानी में डूबा है। इसे देखते शमशाबाद थाना पुलिस ने शुक्रवार को भी हाईवे पर आवागमन प्रतिबंधित रखा, लेकिन इधर से लोग ट्रैक्टर-ट्राली और डनलप बुग्गी लेकर निकल रहे हैं।