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Shahjahanpur News: गंगा-रामगंगा के तटीय गांवों के घरों तक पहुंच गया पानी
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जलालाबाद-शमसाबाद हाइवे पर बाढ़ के पानी के बीच निकलते लोग। संवाद
शाहजहांपुर / मिर्जापुर। गंगा और रामगंगा नदियों में शनिवार को भी उफान जारी रहने से उनके तटवर्ती गांवों में बाढ़ के हालात पनपने से जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। खेत पहले से डूबे हैं और अब गंगा के करीब बसे आधा दर्जन गांव चौतरफा पानी से घिरने लगे हैं। कई गांवों के संपर्क मार्ग डूब चुके हैं और पैलानी उत्तरी गांव के कई घरों के पास तक पानी पहुंच गया है। जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर भी पानी बढ़कर एक से डेढ़ फुट तक हो गया है।
सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया कि कलान के भैंसार बांध पर शनिवार को गंगा का जलस्तर पांच सेमी बढ़कर 143.40 मीटरगेज हो गया है। अब गंगा खतरे के निशान से सिर्फ 25 सेमी नीचे रह गई है। इसी तरह फर्रुखाबाद जिले की सीमा पर स्थित जनपद के डबरी घाट पर रामगंगा 40 सेमी बढ़कर 136.31 मीटरगेज पर पहुंच गई है।
हालांकि, रामगंगा अभी खतरे के निशान से 99 सेमी नीचे है, लेकिन उसमें जिस तेजी से पानी बढ़ रहा है, उसे देखते हुए जैतीपुर से लेकर जलालाबाद और परौर तक करीब चार दर्जन तटीय गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसलिए एसडीएम आशुतोष सिंह और तहसीलदार अजहर अंसारी गंगा के तटीय गांवों पर ज्यादा नजर रख रहे हैं।
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मिर्जापुर के आजादनगर के आलमशेर, गनी खां, इदरीश, इस्लामनगर के नाजिम आदि ने बताया कि पानी गांव तक पहुंच गया है। खेत डूबे होने से पशुओं का चारा बैलगाड़ी से दूर से लाना पड़ रहा है। चौरा गांव के पास जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर करीब 100 दायरे में तेजी से पानी निकल रहा है और उसी से होकर लोग वाहनों समेत निकल रहे हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि बाढ़ के हालात पर नजर रखी जा रही है। सभी टीमें सतर्क हैं।
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सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया कि कलान के भैंसार बांध पर शनिवार को गंगा का जलस्तर पांच सेमी बढ़कर 143.40 मीटरगेज हो गया है। अब गंगा खतरे के निशान से सिर्फ 25 सेमी नीचे रह गई है। इसी तरह फर्रुखाबाद जिले की सीमा पर स्थित जनपद के डबरी घाट पर रामगंगा 40 सेमी बढ़कर 136.31 मीटरगेज पर पहुंच गई है।
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हालांकि, रामगंगा अभी खतरे के निशान से 99 सेमी नीचे है, लेकिन उसमें जिस तेजी से पानी बढ़ रहा है, उसे देखते हुए जैतीपुर से लेकर जलालाबाद और परौर तक करीब चार दर्जन तटीय गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसलिए एसडीएम आशुतोष सिंह और तहसीलदार अजहर अंसारी गंगा के तटीय गांवों पर ज्यादा नजर रख रहे हैं।
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मिर्जापुर के आजादनगर के आलमशेर, गनी खां, इदरीश, इस्लामनगर के नाजिम आदि ने बताया कि पानी गांव तक पहुंच गया है। खेत डूबे होने से पशुओं का चारा बैलगाड़ी से दूर से लाना पड़ रहा है। चौरा गांव के पास जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर करीब 100 दायरे में तेजी से पानी निकल रहा है और उसी से होकर लोग वाहनों समेत निकल रहे हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि बाढ़ के हालात पर नजर रखी जा रही है। सभी टीमें सतर्क हैं।