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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Water entered homes and hundreds of bighas of crops were submerged due to the closure of the culvert.

Shahjahanpur News: पुलिया बंद होने से घरों में भरा पानी, सैकड़ों बीघा फसलें डूबीं

Wed, 22 Jul 2026 01:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2026 01:10 AM IST
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Water entered homes and hundreds of bighas of crops were submerged due to the closure of the culvert.
खुटार पुवायां मार्ग पर पुल के पास गोमती नदी के पानी में डूबी फसलें। संवाद
देवकली। भैंसी नदी की खोदाई का काम पूरा नहीं होने के कारण मिट्टी के ढेर से कई पुलिया बंद हो गईं। इससे बरसात के पानी का निकास थमा तो वह बंडा गांव के कई घरों में भर गया और सैकड़ों बीघा फसलें भी डूब गईं। गांव के रास्ते पर पानी आ जाने से आवागमन भी बंद हो गया। किसानों ने फसल खराब होने से बचाने के लिए डीएम से बंद पुलिया खुलवाने की मांग की है।
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भैंसी नदी के अलावा धर्मापुर और बंडा गांव के बीच स्थित तरौना झील में भी खोदाई की गई थी। वहां से निकली मिट्टी पुलिया के पास डालकर काम रोक दिया गया। सोमवार को देर तक हुई तेज बारिश के पानी को पुलिया से आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिला तो वह बंडा गांव की आबादी में जाकर कई घरों में घुस गया।
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बाद में गांव के रास्ते के ऊपर से बहता पानी खेतों में भरने लगा। इससे धान और गन्ने के तमाम खेत भी पानी में डूब गए। गांव के गोपाल सिंह, विवेक, अभिषेक और सत्येंद्र सिंह, पटनी गांव के सरोज वर्मा, अरविंद वर्मा आदि किसानों ने बताया कि उनके खेत में जबरन नाला खोद कर मिट्टी डाल दी गई और पुलिया बंद होने से उनकी फसलें डूब गई हैं।
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नगर पंचायत के अध्यक्ष मोहम्मद इसहाक ने बताया कि इस बारे में उनकी एसडीएम वार्ता हो चुकी है। जलभराव खत्म कराने के लिए बंद पुलिया जल्द खुलवा दी जाएगी।
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बारिश के पानी से उफनाई गोमती, फसलें डूबीं


पुवायां। लगातार दो दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश से पुवायां तहसील क्षेत्र में गोमती नदी के उफनाने से आसपास खड़ी फसलें डूब गई हैं। पुवायां-खुटार मार्ग पर गोमती पुल के पास बना श्मशान स्थल भी पानी में डूब गया है।



गोमती नदी किनारे तक लोगों ने धान, गन्ना आदि बो रखा है। बाढ़ का पानी ज्यादा दिन तक रहा तो धान की फसल खराब हो सकती है। किसानों के अनुसार गन्ने की फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचने की आशंका नहीं है। धान की फसल खराब हुई तो फिर से रोपाई करानी पड़ सकती है। बाढ़ के पानी से नदी में खड़ी जलकुंभी और गंदगी भी साफ हो गई है। कई वर्ष से सूखी पड़ी भैंसी नदी में भी कुछ स्थानों पर पानी का बहाव हुआ है। संवाद
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नाला निर्माण नहीं होने से भड़के...नगर निगम में दिया धरना



शाहजहांपुर। शहर कांग्रेस कमेटी ने निसरजई मोहल्ले में नाला निर्माण नहीं होने से मकानों के सामने जलभराव होने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए नगर निगम परिसर में धरना दिया। इस बीच नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की।



वार्ड 48 के पार्षद तालिब खां के नेतृत्व में धरने के बाद दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि नाले की सफाई फर्जी तरीके से कराई जा रही है। निसरजई में नाले के आसपास किसानों ने जमीन कब्जा ली है। इससे नाला छोटा हो गया है और बारिश में ओवरफ्लो होने से जलभराव हो रहा है।



आरोप लगाया कि वार्ड में सफाई के लिए पांच कर्मचारी वर्ष 2025 में बढ़ाए गए थे। इनका वेतन पांच महीने तक नहीं दिया गया। उसके बाद तीन कर्मियों का वेतन देकर दो कर्मचारी वार्ड से हटा दिए गए। नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने समस्या का समाधान कराए जाने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर पार्षद राम खिलावन, कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष पवन सिंह, अदीब अहमद, रफी उल हसन खां आदि मौजूद रहे। संवाद
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चौहनापुर विद्युत उपकेंद्र मार्ग पर जलभराव से हुआ दलदल



कुर्रियाकलां। चौहनापुर मार्ग से गांव के विद्युत उपकेंद्र को जाने वाला करीब 300 मीटर लंबा कच्चा चक मार्ग बारिश के पानी से हो रहे जलभराव से दलदल में बदल गया है। इससे उपकेंद्र तक अभियंताओं और कर्मचारियों के वाहन नहीं पहुंच पाते और वहां से पैदल निकलना भी ग्रामीणों के लिए दूभर हो रहा है।




मार्ग पर गड्ढे पहले से बने थे। बरसात शुरू होने पर मार्ग पर पानी भरने से मार्ग पर दलदल के अलावा कीचड़ से फिसलन भी हो गई है। कर्मचारियों को उपकेंद्र से क्षेत्र के गांवों को जाने के लिए यही एकमात्र रास्ता है। लाइन फॉल्ट और बिजली की अन्य खराबियां ठीक करने के लिए कर्मचारियों को इसी मार्ग से निकलना होता है। उपकेंद्र से लगभग 72 गांव जुड़े हैं। बिजली से संबंधित कोई समस्या होने पर इन गांवों के लोग इसी मार्ग से उपकेंद्र तक पहुंचते हैं।



मार्ग के दोनों ओर खेतों में कंटीले तार लगे होने से कई बार बाइक सवार भी गिरकर घायल हो चुके हैं। रात में इस मार्ग से निकलने का मतलब अपनी जान जोखिम में डालने जैसा है। विद्युत निगम के एसडीओ सौरभ शाक्य ने बताया कि रास्ते को ठीक कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद
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नाली नहीं होने से मिलकिया गांव में जलभराव



निगोही। मिलकिया गांव में गंदे पानी के निकास के लिए कई मार्गों पर नालियां नहीं बनाए जाने से रास्तों पर जलभराव हो गया है।



रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण मार्गों पर जलभराव निरंतर बढ़ने और कीचड़ से फिसलन हो जाने से ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के पश्चिमी हिस्से की एक गली में कई घर बने होने पर भी पानी के निकास की व्यवस्था नहीं की गई इसलिए मामूली बारिश होते ही रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है।



रविवार को हुई बारिश के कारण भी गली में करीब दो फुट पानी भर जाने से बच्चों के लिए खतरा बढ़ गया है और वह स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। खंड विकास अधिकारी पुनीत पाठक ने बताया कि पंचायत सचिव से मौके पर जांच कराकर गांव में आवश्यक कार्य जल्द कराए जाएंगे। संवाद

खुटार पुवायां मार्ग पर पुल के पास गोमती नदी के पानी में डूबी फसलें। संवाद

खुटार पुवायां मार्ग पर पुल के पास गोमती नदी के पानी में डूबी फसलें। संवाद

खुटार पुवायां मार्ग पर पुल के पास गोमती नदी के पानी में डूबी फसलें। संवाद

खुटार पुवायां मार्ग पर पुल के पास गोमती नदी के पानी में डूबी फसलें। संवाद

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