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स्कूलों की मनमानी के खिलाफ किया पैदल मार्च
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Mar 2017 01:09 AM IST
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विरोध
- फोटो : शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
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सीबीएसई से संबंध अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में एडमीशन फीस, वार्षिक फीस, ड्रेस, किताबों आदि की खरीद के नाम पर मनमानी करते हुए अभिभावकों का शोषण करने के विरोध में सामाजिक संगठन जनता की आवाज के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शहर में मार्च निकाला। बाद में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के लिए संगठन के कार्यकर्ता बैनर-पोस्टर और राष्ट्रध्वजों से लैस प्रचार रथ के साथ शहीद उद्यान गेट के पास इकट्ठा हुए। वहां से सभी कार्यकर्ता संगठन के संस्थापक संजीव गुप्ता और महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष सोनी गुप्ता के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए निकलेे। सदर बाजार चौराहा और खिरनीबाग होते हुए कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे।
अधिकारियों समेत जन सामान्य का ध्यानाकर्षण करने के लिए कार्यकर्ताओं ने इंगलिश मीडियम स्कूलोें को निशाने पर लेते हुए जमकर नारेबाजी की। बाद में उनका शिष्टमंडल सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे से मिला और उन्हें ज्ञापन देकर बताया कि अधिकांश स्कूल संचालक अपने स्तर से बनवाई गई ड्रेस, स्कूल के नाम से छपी किताबें आदि लेने को बाध्य करते हैं। अब कई स्कूलों ने तीन माह की एडवांस फीस लेनी शुरू कर दी है।
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ज्ञापन में सभी स्कूलों में निजी स्तर से प्रकाशित किताबों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाए जाने, हर साल ली जाने वाली एडमीशन फीस की वसूली बंद कराने, भारत सरकार से अनुमन्य एनसीईआरटी की पुस्तकें पाठ्यक्रम मेें शामिल कराने आदि मांगों का उल्लेख किया गया है। प्रदर्शन में डॉ. मनोज पांडेय, विनोद शर्मा, रामशंकर लाल, सुनीता चौहान, आशीष अवस्थी, अतर सिंह राणा, गीता पांडेय, अतीक अहमद, राहुल गुप्ता, नीता पांडेय, संदीप गुप्ता, वकार खां आदि शामिल रहे।
एंबुलेंस से प्रचार पर पुलिस ने किया ऐतराज
प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए संगठन के प्रदेश प्रतिनिधि डॉ. मनोज पांडेय ने नीली बत्ती लगी एक एंबुलेंस को प्रचार रथ में तब्दील कर उस पर लगे लाउड हेलर से नगर पालिका परिषद कार्यालय के पास जोशीले गीत बजाने शुरू कर दिए। शोर-शराबे से नगर पालिका हाल के विभिन्न पटलों पर बैठे लिपिकोंके काम में खलल पड़ने लगा। इसी बीच, किसी ने फोन पर इसकी इत्तला यूपी-100 पर दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संगठन के संस्थापक संजीव गुप्ता और डॉ. पांडेय को नसीहत दी कि मरीजों की सेवा के लिए बनाए गए वाहन का इस तरह दुरुपयोग करना ठीक नहीं है। इस पर संगठन के पदाधिकारियों ने एंबुलेंस का लाउड हेलर बंद करा दिया।
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प्रदर्शन के लिए संगठन के कार्यकर्ता बैनर-पोस्टर और राष्ट्रध्वजों से लैस प्रचार रथ के साथ शहीद उद्यान गेट के पास इकट्ठा हुए। वहां से सभी कार्यकर्ता संगठन के संस्थापक संजीव गुप्ता और महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष सोनी गुप्ता के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए निकलेे। सदर बाजार चौराहा और खिरनीबाग होते हुए कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे।
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अधिकारियों समेत जन सामान्य का ध्यानाकर्षण करने के लिए कार्यकर्ताओं ने इंगलिश मीडियम स्कूलोें को निशाने पर लेते हुए जमकर नारेबाजी की। बाद में उनका शिष्टमंडल सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे से मिला और उन्हें ज्ञापन देकर बताया कि अधिकांश स्कूल संचालक अपने स्तर से बनवाई गई ड्रेस, स्कूल के नाम से छपी किताबें आदि लेने को बाध्य करते हैं। अब कई स्कूलों ने तीन माह की एडवांस फीस लेनी शुरू कर दी है।
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ज्ञापन में सभी स्कूलों में निजी स्तर से प्रकाशित किताबों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाए जाने, हर साल ली जाने वाली एडमीशन फीस की वसूली बंद कराने, भारत सरकार से अनुमन्य एनसीईआरटी की पुस्तकें पाठ्यक्रम मेें शामिल कराने आदि मांगों का उल्लेख किया गया है। प्रदर्शन में डॉ. मनोज पांडेय, विनोद शर्मा, रामशंकर लाल, सुनीता चौहान, आशीष अवस्थी, अतर सिंह राणा, गीता पांडेय, अतीक अहमद, राहुल गुप्ता, नीता पांडेय, संदीप गुप्ता, वकार खां आदि शामिल रहे।
एंबुलेंस से प्रचार पर पुलिस ने किया ऐतराज
प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए संगठन के प्रदेश प्रतिनिधि डॉ. मनोज पांडेय ने नीली बत्ती लगी एक एंबुलेंस को प्रचार रथ में तब्दील कर उस पर लगे लाउड हेलर से नगर पालिका परिषद कार्यालय के पास जोशीले गीत बजाने शुरू कर दिए। शोर-शराबे से नगर पालिका हाल के विभिन्न पटलों पर बैठे लिपिकोंके काम में खलल पड़ने लगा। इसी बीच, किसी ने फोन पर इसकी इत्तला यूपी-100 पर दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संगठन के संस्थापक संजीव गुप्ता और डॉ. पांडेय को नसीहत दी कि मरीजों की सेवा के लिए बनाए गए वाहन का इस तरह दुरुपयोग करना ठीक नहीं है। इस पर संगठन के पदाधिकारियों ने एंबुलेंस का लाउड हेलर बंद करा दिया।