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आचार संहिता को ठेंगा दिखा रहे गली मोहल्लों में पटे पोस्टर - बैनर
शाहजहांपुर
Updated Tue, 21 Nov 2017 11:27 PM IST
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चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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आचार संहिता को ठेंगा दिखा रहे गली मोहल्लों में पटे पोस्टर - बैनर
शाहजहांपुर। स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान में ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि प्रशासन की नजर में जिले में अब तक चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का एक भी मामला नहीं आया है। हालांकि, शहर में गलियां, मोहल्ले चेयरमैन और सभासद पदों के प्रत्याशियों के पोस्टर-बैनरों से पटे पड़े हैं। इतना ही नहीं बिजली के खंभों समेत सरकारी संपत्तियों पर भी पोस्टर बैनर लगाए गए हैं। इन पर भी अब तक पुलिस-प्रशासन की नजर नहीं गई है।
चुनाव के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता निर्धारित है। कोई भी प्रत्याशी बिना अनुमति के चुनावी सभा का आयोजन नहीं कर सकता है। प्रचार वाहन घुमाने के लिए भी निर्वाचन अधिकारी की अनुमति की जरूरत होती है। प्रत्याशियों जिन वाहनों का इस्तेमाल करते हैं उनकी सीमा निर्धारित होने के साथ वाहनों के लिए अनुमति लेनी होती है। इसके साथ ही पोस्टर-बैनर भी नहीं लगाए जा सकते हैं। मुख्यालय समेत पूरे जिले के स्थानीय निकायों में प्रत्याशियों ने प्रचार सामग्री से गली मोहल्लों को पाट दिया है। सरकारी संपत्तियों पर भी पोस्टर लगाए गए हैं। खुलेआम आचार संहिता का उल्लंघन होने के बाद भी अब तक इस पर पुलिस-प्रशासन की नजर नहीं गई है। भले ही शहर की गलियां बैनर पोस्टरों से पटी हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन की नजर में अब तक आचार संहिता उल्लंघन का कोई मामला नहीं आया है।
शाहजहांपुर। स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान में ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि प्रशासन की नजर में जिले में अब तक चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का एक भी मामला नहीं आया है। हालांकि, शहर में गलियां, मोहल्ले चेयरमैन और सभासद पदों के प्रत्याशियों के पोस्टर-बैनरों से पटे पड़े हैं। इतना ही नहीं बिजली के खंभों समेत सरकारी संपत्तियों पर भी पोस्टर बैनर लगाए गए हैं। इन पर भी अब तक पुलिस-प्रशासन की नजर नहीं गई है।
चुनाव के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता निर्धारित है। कोई भी प्रत्याशी बिना अनुमति के चुनावी सभा का आयोजन नहीं कर सकता है। प्रचार वाहन घुमाने के लिए भी निर्वाचन अधिकारी की अनुमति की जरूरत होती है। प्रत्याशियों जिन वाहनों का इस्तेमाल करते हैं उनकी सीमा निर्धारित होने के साथ वाहनों के लिए अनुमति लेनी होती है। इसके साथ ही पोस्टर-बैनर भी नहीं लगाए जा सकते हैं। मुख्यालय समेत पूरे जिले के स्थानीय निकायों में प्रत्याशियों ने प्रचार सामग्री से गली मोहल्लों को पाट दिया है। सरकारी संपत्तियों पर भी पोस्टर लगाए गए हैं। खुलेआम आचार संहिता का उल्लंघन होने के बाद भी अब तक इस पर पुलिस-प्रशासन की नजर नहीं गई है। भले ही शहर की गलियां बैनर पोस्टरों से पटी हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन की नजर में अब तक आचार संहिता उल्लंघन का कोई मामला नहीं आया है।
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