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Shahjahanpur News: कोलाघाट पैंटून पुुल के संपर्क मार्ग में फंस रहे वाहन, हादसे का भी डर
Tue, 16 Apr 2024 05:36 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 16 Apr 2024 05:36 AM IST
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कोलाघाट पैंटून पुल जाने वाले रास्ते पर फंसी गाड़ी। संवाद
मिर्जापुर। कोलाघाट में संपर्क मार्ग की हालत खराब होने से पैंटून पुल से भी चालकों का वाहन लेकर गुजरना मुश्किल हो रहा है। यहां पड़ी लोहे की चादर से टायर फट रहे हैं। वहीं, धूल के गुबार उड़ने से हादसे की आशंका बनी रहती है।
वर्ष 2023 अक्तूबर में कोलाघाट में दो पैंटून पुल बनाए गए थे। दो पुल होने के बावजूद आए दिन इन पुलों पर यातायात बाधित रहता है, क्योंकि यहां एप्रोच रोड के नाम पर लोहे की चादर डाल दी गई, जो गर्मी में ऊबड़-खाबड़ हो चुकी है। आए दिन इसमें फंसकर वाहनों के टायर तक फट जाते हैं। पानी का छिड़काव नहीं होने से धूल के गुबार उड़ते हैं। पुल शुरू होने से पहले अधिक ढलान है। इस वजह से वाहनों के पलटने का खतरा भी बना रहता है। पुल से रोजाना करीब दो हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। अधिकारियों की माने तो ओवरलोड वाहनों की वजह से स्थिति खराब हो गई।
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2021 में ढह गया था पक्का पुल का पिलर
29 नवंबर 2021 की रात रामगंगा और बहगुल नदी पर बने करीब 18 सौ मीटर लंबे पुल का एक पिलर ढह गया था। इसके बाद छह करोड़ रुपये से पुल की मरम्मत कराई गई। केंद्रीय सड़क अनुसंधान इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) की जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि पुल बनते समय ही इसमें तकनीकी खराबी थी। पुल दोपहिया वाहनों के भी चलने लायक नहीं हैं। फिलहाल, चार पहिया वाहनों के लिए कोलाघाट पुल बंद कर दिया गया। अभी दो पहिया वाहन चल रहे हैं।
यहां पर 160 करोड़ रुपये से नया पुल बनना है। इसके लिए शासनादेश का इंतजार किया जा रहा है। आचार संहिता लागू होने और बरसात का मौसम जुलाई से शुरू होने के कारण माना जा रहा है कि अक्तूबर से ही पुल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
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पुल को खराब कर रहे हैं ओवरलोड वाहन
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक पैंटून पुल की क्षमता पांच टन के वाहन निकलने की है। लोग जबरन 15 से 20 टन के वाहन लेकर निकलते हैं। इनको रोकने के लिए पुलिस के अधिकारियों से बात की थी। बताया जाता है कि कुछ दिन पुलिस सुरक्षा लगाई गई। इसके बाद हटा दी गई। इस वजह से एप्रोच रोड जर्जर हो गई और अक्सर पुल क्षतिग्रस्त हो जाता है।
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तीन लाख से अधिक लोग होते हैं प्रभावित
कोलाघाट का पुल बंद होने के बाद तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं। बड़े वाहन पैंटून पुल से गुजर नहीं सकते। उनको 60 किमी से अधिक लंबा फेर लगाना पड़ता है। पैंटून पुल खराब होने पर स्थिति बहुत खराब हो जाती है। वर्तमान में पैंटून पुल की एप्रोच रोड खराब होने की वजह से अधिकतर वाहन चालक 60 किमी का फेर लगाकर फर्रुखाबाद से जलालाबाद होते हुए आते-जाते हैं। इससे समय के साथ ईंधन की बर्बादी होती है।
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पैंटून पुल की क्षमता पांच टन है, लेकिन लोग 15 से 20 टन के वाहन निकालते हैं। इनको रोकने के प्रयास किए जाते हैं, लेकिन वाहन चालक नहीं मानते। गर्मी का सीजन होने की वजह से धूल अधिक हो गई है। पानी का छिड़काव कराया जाता है, लेकिन बहुत जल्दी सूख जाता है। प्रयास किए जा रहे है कि लोगों को दिक्कत न हो।
- रथिन सिन्हा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
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वर्ष 2023 अक्तूबर में कोलाघाट में दो पैंटून पुल बनाए गए थे। दो पुल होने के बावजूद आए दिन इन पुलों पर यातायात बाधित रहता है, क्योंकि यहां एप्रोच रोड के नाम पर लोहे की चादर डाल दी गई, जो गर्मी में ऊबड़-खाबड़ हो चुकी है। आए दिन इसमें फंसकर वाहनों के टायर तक फट जाते हैं। पानी का छिड़काव नहीं होने से धूल के गुबार उड़ते हैं। पुल शुरू होने से पहले अधिक ढलान है। इस वजह से वाहनों के पलटने का खतरा भी बना रहता है। पुल से रोजाना करीब दो हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। अधिकारियों की माने तो ओवरलोड वाहनों की वजह से स्थिति खराब हो गई।
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2021 में ढह गया था पक्का पुल का पिलर
29 नवंबर 2021 की रात रामगंगा और बहगुल नदी पर बने करीब 18 सौ मीटर लंबे पुल का एक पिलर ढह गया था। इसके बाद छह करोड़ रुपये से पुल की मरम्मत कराई गई। केंद्रीय सड़क अनुसंधान इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) की जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि पुल बनते समय ही इसमें तकनीकी खराबी थी। पुल दोपहिया वाहनों के भी चलने लायक नहीं हैं। फिलहाल, चार पहिया वाहनों के लिए कोलाघाट पुल बंद कर दिया गया। अभी दो पहिया वाहन चल रहे हैं।
यहां पर 160 करोड़ रुपये से नया पुल बनना है। इसके लिए शासनादेश का इंतजार किया जा रहा है। आचार संहिता लागू होने और बरसात का मौसम जुलाई से शुरू होने के कारण माना जा रहा है कि अक्तूबर से ही पुल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
पुल को खराब कर रहे हैं ओवरलोड वाहन
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक पैंटून पुल की क्षमता पांच टन के वाहन निकलने की है। लोग जबरन 15 से 20 टन के वाहन लेकर निकलते हैं। इनको रोकने के लिए पुलिस के अधिकारियों से बात की थी। बताया जाता है कि कुछ दिन पुलिस सुरक्षा लगाई गई। इसके बाद हटा दी गई। इस वजह से एप्रोच रोड जर्जर हो गई और अक्सर पुल क्षतिग्रस्त हो जाता है।
तीन लाख से अधिक लोग होते हैं प्रभावित
कोलाघाट का पुल बंद होने के बाद तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं। बड़े वाहन पैंटून पुल से गुजर नहीं सकते। उनको 60 किमी से अधिक लंबा फेर लगाना पड़ता है। पैंटून पुल खराब होने पर स्थिति बहुत खराब हो जाती है। वर्तमान में पैंटून पुल की एप्रोच रोड खराब होने की वजह से अधिकतर वाहन चालक 60 किमी का फेर लगाकर फर्रुखाबाद से जलालाबाद होते हुए आते-जाते हैं। इससे समय के साथ ईंधन की बर्बादी होती है।
पैंटून पुल की क्षमता पांच टन है, लेकिन लोग 15 से 20 टन के वाहन निकालते हैं। इनको रोकने के प्रयास किए जाते हैं, लेकिन वाहन चालक नहीं मानते। गर्मी का सीजन होने की वजह से धूल अधिक हो गई है। पानी का छिड़काव कराया जाता है, लेकिन बहुत जल्दी सूख जाता है। प्रयास किए जा रहे है कि लोगों को दिक्कत न हो।
- रथिन सिन्हा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी