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छुट्टी के दिन एटीएम पर लंबी हो गईं लाइनें
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Sun, 11 Dec 2016 12:20 AM IST
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कैश खत्म होने पर खाली पड़ा एटीएम।
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केंद्र सरकारी की नोटबंदी से उपजी करेंसी की किल्लत से परेशान लोगों पर बैंक शाखाओं की छुट्टियां बेहद भारी पड़ रही हैं। शनिवार से बैंकों में तीन दिवसीय अवकाश शुरू होने के साथ शहर के एटीएम पर लगने वाली कतारें भी लंबी होने लगी हैं।
द्वितीय शनिवार को बैंकों में अवकाश की शुरुआत होते ही चालू हालत वाले गिने-चुने एटीएम पर नगदी पहले पाने को लेकर मारामारी देखने को मिली। टाउनहाल की एसबीआई मेन ब्रांच परिसर में तीनों एटीएम के बाहर सुबह नौ बजे से लोगों की कतारें लगने लगीं। इनमें बड़ी संख्या में बाल-बच्चेदार और बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल रहीं, जो खर्च के लिए दो-ढाई हजार रुपये पाने की खातिर चौका-चूल्हा छोड़कर चली आईं। खास यह रहा कि एसबीआई समेत कुछ निजी बैंकों के एटीएम छोड़कर बाकी सभी एटीएम कैशलेस होने के कारण सूने पड़े रहे। चालू हालत वाले एटीएम पर कतारें लंबी होने की एक वजह यह भी रही। औसतन ढाई-तीन घंटे चलने के बाद चालू एटीएम भी कैश खत्म होने से बंद हो गए, लेकिन उनमें दोबारा नोट नहीं भरे जा सके। अग्रणी बैंक प्रबंधक बीएम गुप्ता के अनुसार एटीएम में नोट बनाए रखना संबंधित बैंक की जिम्मेदारी है।
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द्वितीय शनिवार को बैंकों में अवकाश की शुरुआत होते ही चालू हालत वाले गिने-चुने एटीएम पर नगदी पहले पाने को लेकर मारामारी देखने को मिली। टाउनहाल की एसबीआई मेन ब्रांच परिसर में तीनों एटीएम के बाहर सुबह नौ बजे से लोगों की कतारें लगने लगीं। इनमें बड़ी संख्या में बाल-बच्चेदार और बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल रहीं, जो खर्च के लिए दो-ढाई हजार रुपये पाने की खातिर चौका-चूल्हा छोड़कर चली आईं। खास यह रहा कि एसबीआई समेत कुछ निजी बैंकों के एटीएम छोड़कर बाकी सभी एटीएम कैशलेस होने के कारण सूने पड़े रहे। चालू हालत वाले एटीएम पर कतारें लंबी होने की एक वजह यह भी रही। औसतन ढाई-तीन घंटे चलने के बाद चालू एटीएम भी कैश खत्म होने से बंद हो गए, लेकिन उनमें दोबारा नोट नहीं भरे जा सके। अग्रणी बैंक प्रबंधक बीएम गुप्ता के अनुसार एटीएम में नोट बनाए रखना संबंधित बैंक की जिम्मेदारी है।
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