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दरगाह पर चादरपोशी के साथ मुल्क में अमन की दुआ
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गांव बुढ़ानपुर में दरगाह शहीद बाबा रहमतुल्लाह अलैह के उर्स पर सजावट की गई।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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तिलहर। गांव बुढ़ानपुर में दरगाह शहीद बाबा रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिवसीय 42 वां उर्स शरीफ चादर पोशी और गुलपोशी के साथ शुरू हो गया। अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादरपोशी करते हुए मुल्क के अमन और तरक्की की दुआ की।
रविवार को उर्स के दूसरे दिन दूरदराज से आए अकीदतमंदों ने दरगाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह पर चादरपोशी की। सज्जादानशीन नियाज अहमद ने कहा कि शहीद बाबा रहमतुल्लाह अलैह अपने समय के जाने-माने लोगों में एक थे। यहां प्रतिवर्ष उनके सालाना उर्स शरीफ पर तमाम लोग आकर चादर चढ़ाकर मन्नतें मांगते हैं।
अच्छन मियां ने बताया कि तीन दिवसीय उर्स 11 से 13 दिसंबर तक चलेगा। 13 दिसंबर को कुल के साथ उसका समापन होगा। इस दौरान बिहार से बाबू गुलाम साबिर की कव्वाली एंड पार्टी और बदायूं के कव्वाल ताहिर चिश्ती ने कव्वाली का प्रोग्राम करते हुए समा बांध दिया। इस दौरान उर्स कमेटी के तस्लीम, दलशेर, साजिद, आकिल, तौहीद, शबन, अतीक, रेहान, आमीन, बब्बन और इश्तियाक आदि मौजूद रहे।
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रविवार को उर्स के दूसरे दिन दूरदराज से आए अकीदतमंदों ने दरगाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह पर चादरपोशी की। सज्जादानशीन नियाज अहमद ने कहा कि शहीद बाबा रहमतुल्लाह अलैह अपने समय के जाने-माने लोगों में एक थे। यहां प्रतिवर्ष उनके सालाना उर्स शरीफ पर तमाम लोग आकर चादर चढ़ाकर मन्नतें मांगते हैं।
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अच्छन मियां ने बताया कि तीन दिवसीय उर्स 11 से 13 दिसंबर तक चलेगा। 13 दिसंबर को कुल के साथ उसका समापन होगा। इस दौरान बिहार से बाबू गुलाम साबिर की कव्वाली एंड पार्टी और बदायूं के कव्वाल ताहिर चिश्ती ने कव्वाली का प्रोग्राम करते हुए समा बांध दिया। इस दौरान उर्स कमेटी के तस्लीम, दलशेर, साजिद, आकिल, तौहीद, शबन, अतीक, रेहान, आमीन, बब्बन और इश्तियाक आदि मौजूद रहे।
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