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Shahjahanpur News: भटपुरा चंदू के पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी की दो वर्ष की वेतन वृद्धियां रोकीं
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पुवायां। गांवसभा भटपुरा चंदू के पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी की दो वर्ष की वेतन वृद्धियां रोकने के साथ ही अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के लिए भर्त्सना की गई है।
गांव कुंवरपुर के संतोष कुमार ने गांव के पंचायत भवन निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत लोकायुक्त से की थी। डीएम के आदेश पर तीन सदस्यीय टीम ने पांच अक्तूबर को अपनी जांच रिपोर्ट दी थी। जांच रिपोर्ट में दुरुपयोग की गई राशि की वसूली के साथ ही दोषी कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश भी की गई थी। इस मामले में जिला मजिस्ट्रेट ने तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी अशोक कुमार गंगवार को 15 दिन में अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। धनराशि के दुरुपयोग में अशोक गंगवार को आरोप पत्र भी जारी किया गया था।
डीपीआरओ घनश्याम सागर ने 15 मार्च को जारी आदेश में कहा है कि अशोक गंगवार ने अपना कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। इससे साफ है कि वह मनमाने ढंग से कार्य करने और अधिकारियों के आदेश की अवहेलना के आदी हैं। पंचायत भवन में निर्माण कार्य में सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए दोषी भी हैं।
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इस कारण आगामी दो वर्षों तक देय वार्षिक वेतन वृद्धियां रोकते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की गई है। वहीं ग्राम पंचायत अधिकारी अशोक गंगवार ने बताया कि हमारे ऊपर जो कार्रवाई की गई है, वह नियम के विपरीत है। पुवायां ब्लॉक के कई पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारियों पर घोटाले के आरोप लग चुके हैं। रिकवरी के आदेश हो चुके हैं। उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। मेरे ऊपर रिकवरी का आदेश भी नहीं है, केवल अनियमितता पर कार्रवाई की गई है।
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गांव कुंवरपुर के संतोष कुमार ने गांव के पंचायत भवन निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत लोकायुक्त से की थी। डीएम के आदेश पर तीन सदस्यीय टीम ने पांच अक्तूबर को अपनी जांच रिपोर्ट दी थी। जांच रिपोर्ट में दुरुपयोग की गई राशि की वसूली के साथ ही दोषी कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश भी की गई थी। इस मामले में जिला मजिस्ट्रेट ने तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी अशोक कुमार गंगवार को 15 दिन में अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। धनराशि के दुरुपयोग में अशोक गंगवार को आरोप पत्र भी जारी किया गया था।
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डीपीआरओ घनश्याम सागर ने 15 मार्च को जारी आदेश में कहा है कि अशोक गंगवार ने अपना कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। इससे साफ है कि वह मनमाने ढंग से कार्य करने और अधिकारियों के आदेश की अवहेलना के आदी हैं। पंचायत भवन में निर्माण कार्य में सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए दोषी भी हैं।
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इस कारण आगामी दो वर्षों तक देय वार्षिक वेतन वृद्धियां रोकते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की गई है। वहीं ग्राम पंचायत अधिकारी अशोक गंगवार ने बताया कि हमारे ऊपर जो कार्रवाई की गई है, वह नियम के विपरीत है। पुवायां ब्लॉक के कई पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारियों पर घोटाले के आरोप लग चुके हैं। रिकवरी के आदेश हो चुके हैं। उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। मेरे ऊपर रिकवरी का आदेश भी नहीं है, केवल अनियमितता पर कार्रवाई की गई है।