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बारह साल बाद भी खत्म नहीं 94 गांवों का बनवास
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Mon, 02 Jan 2017 11:35 PM IST
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शाहजहांपुर से काटकर पीलीभीत में शामिल किए गए 94 गांवों की वापसी के लिए वकील करीब 12 साल से प्रत्येक शनिवार को हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन अभी तक गांवों का बनवास खत्म नहीं हो सका है।
भाजपा शासनकाल में 2004 में शाहजहांपुर के खुटार और बंडा ब्लाक के 94 गांव काटकर पीलीभीत जिले में शामिल कर दिए गए थे। इसके तत्काल बाद से गांवाें की वापसी को लेकर तहसील और सिविल बार एसोसिएशन लगातार संघर्षरत है। मुख्यमंत्री सहित तमाम अधिकारियों को ज्ञापन देने के साथ ही प्रत्येक शनिवार को वकील हड़ताल पर रहते हैं। गांवों की वापसी के साथ ही सिविल कोर्ट में एडीशनल कोर्ट की स्थापना और कुछ वादों की सुनवाई पुवायां के सिविल कोर्ट में कराने का मुद्दा भी लंबित है।
94 गांवों की यथाशीघ्र वापसी होनी चाहिए। इन गांवों के लोग भी शाहजहांपुर में रहना चाहते हैं। सरकार और जिला प्रशासन को वकीलो की अन्य समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए।- कृष्णानंद सिंह अधिवक्ता सिविल बार एसोसिएशन पुवायां
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सिविल कोर्ट में एडीशनल कोर्ट की स्थापना होने से वादकारियों को बेहद सुविधा होगी। वकील इसी कारण उक्त मामले को लेकर आंदोलनरत हैं। उम्मीद है कि नए वर्ष में समस्या का हल जरूर निकलेगा।
- ओमपाल यादव, अधिवक्ता सिविल बार एसोसिएशन पुवायां
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भाजपा शासनकाल में 2004 में शाहजहांपुर के खुटार और बंडा ब्लाक के 94 गांव काटकर पीलीभीत जिले में शामिल कर दिए गए थे। इसके तत्काल बाद से गांवाें की वापसी को लेकर तहसील और सिविल बार एसोसिएशन लगातार संघर्षरत है। मुख्यमंत्री सहित तमाम अधिकारियों को ज्ञापन देने के साथ ही प्रत्येक शनिवार को वकील हड़ताल पर रहते हैं। गांवों की वापसी के साथ ही सिविल कोर्ट में एडीशनल कोर्ट की स्थापना और कुछ वादों की सुनवाई पुवायां के सिविल कोर्ट में कराने का मुद्दा भी लंबित है।
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94 गांवों की यथाशीघ्र वापसी होनी चाहिए। इन गांवों के लोग भी शाहजहांपुर में रहना चाहते हैं। सरकार और जिला प्रशासन को वकीलो की अन्य समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए।- कृष्णानंद सिंह अधिवक्ता सिविल बार एसोसिएशन पुवायां
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सिविल कोर्ट में एडीशनल कोर्ट की स्थापना होने से वादकारियों को बेहद सुविधा होगी। वकील इसी कारण उक्त मामले को लेकर आंदोलनरत हैं। उम्मीद है कि नए वर्ष में समस्या का हल जरूर निकलेगा।
- ओमपाल यादव, अधिवक्ता सिविल बार एसोसिएशन पुवायां