{"_id":"5995e4484f1c1b60228b4568","slug":"tte-got-angry-when-asked-for-tickets-bku-activists","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीटीई ने टिकट मांगा तो भड़क गए भाकियू कार्यकर्ता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीटीई ने टिकट मांगा तो भड़क गए भाकियू कार्यकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Fri, 18 Aug 2017 12:15 AM IST
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ट्रेन रोकी
- फोटो : शाहजहांपुर ब्यूरो
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जम्मूतबी एक्सप्रेस ट्रेन में किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और टीटीई के बीच टिकट मांगने को लेकर तू-तू, मैं-मैं हो गई। कार्यकर्ताओं ने टीटीई पर कार्ड छीनने, मारपीट करने और रुपये लूटने का आरोप लगाते हुए तिलहर रेलवे स्टेशन पर इंजन के आगे खड़े होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस, जीआरपी और आरापीएफ के समझाने के बाद कार्यकर्ता शांत हुए।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिला उपाध्यक्ष रामकृष्ण प्रजापति और भानु गुट के जिला महासचिव प्रकाश बाबू गंगवार के नेतृत्व में ट्रेन में यात्रा कर रहे दोनों गुटों के लगभग 50 महिला-पुरुष कार्यकर्ताओं के रेलवे ट्रैक जाम करने से रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जम्मूतबी 3152 डाउन एक्सप्रेस ट्रेन तिलहर रेलवे स्टेशन पर 1.35 बजे पहुंची। इसी दौरान ट्रेन से उतर कर आक्त्रसेशित भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता इंजन के आगे खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने टीटीई पर लूट और अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि टीटीई उनसे माफी मांगे और छीने गए पैसे तथा कार्ड वापस करे।
रेल ट्रैक जाम होने पर स्टेशन अधीक्षक गिरीश चंद्र श्रीवास्तव आरपीएफ के जवानों के साथ आंदोलित किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं से मिले और उनसे रेल ट्रैक से हटने का आग्रह किया लेकिन कार्यकर्ताओं ने उनकी एक न सुनी। आंदोलन कर रहे किसान यूनियन कार्यकर्ता रामकृष्ण प्रजापति ने बताया कि वह टिकैत और भानु गुट के लगभग 50 कार्यकर्ताओं के साथ मथुरा में टिकैत गुट की महापंचायत में भाग लेकर तिलहर लौट रहे थे। बरेली से जम्मूतबी एक्सप्रेस में बैठने के बाद स्लीपर के डिब्बे में मौजूद टीटीई ने टिकट मांगा। उन्हें बताया कि भाकियू के कार्यकर्ता हैं और टिकट लेकर नहीं चलते हैं। इस बात पर टीटीई ने सभी कार्यकर्ताओं से अभद्रता करते हुए कार्ड और रुपये छीन लिए। विरोध करने पर कुछ कार्यकर्ताओं से मारपीट भी की।
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इस दौरान भाकियू कार्यकर्ता मनोज प्रजापति, नरेश प्रजापति, दिनेश कुमार, राहुल, गुरमेल सिंह, नन्हेलाल त्रिलोकी सहित महिला कार्यकर्ता अन्नपूर्णा, सुनीता, कैलासो देवी, सुरजीत कौर, प्रेमवती, मुन्नालाल, बुद्धि लाल, रामेश्वरदयाल, राजपाल ने अपने साथ अभद्रता का आरोप लगाते हुए टीटीई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रेलवे ट्रैक पर लगभग 25 मिनट तक धरना प्रदर्शन के बाद कोतवाल मनोज कुमार ने यूनियन के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को ट्रैक से हटाते हुए वार्ता के लिए अलग ले गए। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं से पुलिस की नोकझोंक भी हो गई। ट्रैक से हटने के बाद जम्मूतबी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कोतवाल के पहुंचने के बाद सूचना पर एसडीएम मोइन उल इस्लाम भी रेलवे स्टेशन पहुंच गए। उन्होंने आंदोलन करने वाले किसान यूनियन कार्यकर्ताओं से वार्ता की। कोतवाल मनोज कुमार ने बताया कि मामला जीआरपी पुलिस का बनता है, कार्रवाई वही करेगी। उधर एसडीएम मोइन उल इस्लाम ने बताया की घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। एसडीएम और कोतवाल के जाने के लगभग आधे घंटे बाद शाहजहांपुर से जीआरपी के एसओ विजय बहादुर वर्मा तिलहर रेलवे स्टेशन पहुंचे और स्टेशन अधीक्षक गिरीश चंद्र श्रीवास्तव से घटना की जानकारी लेने के बाद शाहजहांपुर लौट गए। पूछने पर एसओ ने बताया कि उच्चाधिकारियों से परामर्श के बाद कार्रवाई की जाएगी।
मामला बरेली आरपीएफ क्षेत्र में आता है, इसलिए जो भी कार्रवाई होगी, वहीं से होगी। हम लोगों ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कर दिया।
- विजय बहादुर वर्मा, जीआपी एसओ
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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिला उपाध्यक्ष रामकृष्ण प्रजापति और भानु गुट के जिला महासचिव प्रकाश बाबू गंगवार के नेतृत्व में ट्रेन में यात्रा कर रहे दोनों गुटों के लगभग 50 महिला-पुरुष कार्यकर्ताओं के रेलवे ट्रैक जाम करने से रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जम्मूतबी 3152 डाउन एक्सप्रेस ट्रेन तिलहर रेलवे स्टेशन पर 1.35 बजे पहुंची। इसी दौरान ट्रेन से उतर कर आक्त्रसेशित भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता इंजन के आगे खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने टीटीई पर लूट और अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि टीटीई उनसे माफी मांगे और छीने गए पैसे तथा कार्ड वापस करे।
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रेल ट्रैक जाम होने पर स्टेशन अधीक्षक गिरीश चंद्र श्रीवास्तव आरपीएफ के जवानों के साथ आंदोलित किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं से मिले और उनसे रेल ट्रैक से हटने का आग्रह किया लेकिन कार्यकर्ताओं ने उनकी एक न सुनी। आंदोलन कर रहे किसान यूनियन कार्यकर्ता रामकृष्ण प्रजापति ने बताया कि वह टिकैत और भानु गुट के लगभग 50 कार्यकर्ताओं के साथ मथुरा में टिकैत गुट की महापंचायत में भाग लेकर तिलहर लौट रहे थे। बरेली से जम्मूतबी एक्सप्रेस में बैठने के बाद स्लीपर के डिब्बे में मौजूद टीटीई ने टिकट मांगा। उन्हें बताया कि भाकियू के कार्यकर्ता हैं और टिकट लेकर नहीं चलते हैं। इस बात पर टीटीई ने सभी कार्यकर्ताओं से अभद्रता करते हुए कार्ड और रुपये छीन लिए। विरोध करने पर कुछ कार्यकर्ताओं से मारपीट भी की।
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इस दौरान भाकियू कार्यकर्ता मनोज प्रजापति, नरेश प्रजापति, दिनेश कुमार, राहुल, गुरमेल सिंह, नन्हेलाल त्रिलोकी सहित महिला कार्यकर्ता अन्नपूर्णा, सुनीता, कैलासो देवी, सुरजीत कौर, प्रेमवती, मुन्नालाल, बुद्धि लाल, रामेश्वरदयाल, राजपाल ने अपने साथ अभद्रता का आरोप लगाते हुए टीटीई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रेलवे ट्रैक पर लगभग 25 मिनट तक धरना प्रदर्शन के बाद कोतवाल मनोज कुमार ने यूनियन के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को ट्रैक से हटाते हुए वार्ता के लिए अलग ले गए। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं से पुलिस की नोकझोंक भी हो गई। ट्रैक से हटने के बाद जम्मूतबी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कोतवाल के पहुंचने के बाद सूचना पर एसडीएम मोइन उल इस्लाम भी रेलवे स्टेशन पहुंच गए। उन्होंने आंदोलन करने वाले किसान यूनियन कार्यकर्ताओं से वार्ता की। कोतवाल मनोज कुमार ने बताया कि मामला जीआरपी पुलिस का बनता है, कार्रवाई वही करेगी। उधर एसडीएम मोइन उल इस्लाम ने बताया की घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। एसडीएम और कोतवाल के जाने के लगभग आधे घंटे बाद शाहजहांपुर से जीआरपी के एसओ विजय बहादुर वर्मा तिलहर रेलवे स्टेशन पहुंचे और स्टेशन अधीक्षक गिरीश चंद्र श्रीवास्तव से घटना की जानकारी लेने के बाद शाहजहांपुर लौट गए। पूछने पर एसओ ने बताया कि उच्चाधिकारियों से परामर्श के बाद कार्रवाई की जाएगी।
मामला बरेली आरपीएफ क्षेत्र में आता है, इसलिए जो भी कार्रवाई होगी, वहीं से होगी। हम लोगों ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कर दिया।
- विजय बहादुर वर्मा, जीआपी एसओ