फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   True tribute to the martyrs of Ram Mandir... happiness cannot be expressed.

Shahjahanpur News: राममंदिर के बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि...बयां नहीं की जा सकती खुशी

Tue, 23 Jan 2024 04:21 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Tue, 23 Jan 2024 04:21 AM IST
विज्ञापन
True tribute to the martyrs of Ram Mandir... happiness cannot be expressed.
अनुज सिंह, विहिप
शाहजहांपुर। भगवान श्री रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की सबसे ज्यादा खुशी उन कारसेवकों और लोगों को है, जिन्होंने मंदिर के निर्माण के लिए लंबा संघर्ष किया था। उनको इस पल का बेसब्री से इंतजार था। लोगों का कहना है कि मंदिर का निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा उन बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने हंसी-खुशी अपना सबकुछ बलिदान कर दिया।
विज्ञापन


फिर मनी दीपावली, मन प्रफुल्लित
फोटो - 73

अयोध्या में जो कुछ भी हो रहा है, उसकी कल्पना भी नहीं की थी। अब जो सामने प्रकट हो रहा है उसको देखकर मन प्रफुल्लित है। आज जिस तरह का वातावरण पूरे देश में है, ऐसा कभी दीपावली पर भी नहीं देखा है। इसके लिए बहुत सारे लोगों ने संघर्ष किया, हमारे बड़े लोगों ने बलिदान दिया है। - रवि मिश्रा, आरएसएस
विज्ञापन

-----
हम परम सौभाग्यशाली
फोटो - 74
जो लोग रामंदिर आंदोलन का हिस्सा रहे, उनके लिए इस खुशी को व्यक्त कर पाना शब्दों से संभव नहीं है। 1528 से अब तक चार लाख 80 हजार के करीब बलिदान जिन पुरखों के हुए हैं, उनके लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि है। उनको रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मोक्ष प्राप्त होगा। इस क्षण के गवाह बनने पर हम सब परम सौभाग्यशाली हैं। - अनुज कुमार सिंह, विहिप
विज्ञापन
विज्ञापन

-----
हमारे लिए यह भावुक क्षण
फोटो - 75

एक बहुत लंबी लड़ाई हिंदू समाज ने लड़ी, लाखों लोग बलिदान हुए। श्रीराम लला अपने भव्य दिव्य मंदिर में विराजमान होते देखना बहुत ही सौभाग्य का दिन है। इसके मिलने वाले आनंद की अनुभूति इसी से की जा सकती है कि आज सारा देश रामोत्सव मना रहा है। हमारे लिए तो भावुक क्षण है। - कृष्ण कुमार सक्सेना, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद
-----
संघर्ष का मिला सुफल
फोटो - 76
राममंदिर आंदोलन के दौरान अयोध्या में कारसेवा के लिए जाते समय सदर पुलिस ने गिरफ्तार कर बरेली की सेंट्रल जेल भेज दिया था। उस समय 13 दिन जेल में बंद रहे थे। छह दिसंबर को विवादित ढांचे को गिराए जाने के बाद लोगों जो खुशी थी, उससे कहीं ज्यादा नवनिर्मित मंदिर में श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मिली है। - विजय तुली, व्यापारी नेता

----
किसी भी पर्व से तुलना नहीं
फोटो - 77
अयोध्या में श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा का दिन उन सभी पर्वों से बड़ा नजर आ रहा है, जोकि हम वर्षभर मनाते हैं। लाला तेली बजरिया स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर सोमवार को भगवान राम की विशेष पूजा अर्चना की गई। इस दौरान उनसे विश्व में खुश, शांति व समृद्धि प्रदान करने की कामना की। - पं. सुरेश चंद्र मिश्रा, पुजारी

अनुज सिंह, विहिप

अनुज सिंह, विहिप

अनुज सिंह, विहिप

अनुज सिंह, विहिप

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed