{"_id":"63ebe174218989184f0a29f6","slug":"troubled-by-the-wastage-of-crops-the-farmers-closed-the-cattle-by-making-a-fence-shahjahanpur-news-c-4-1-63475-2023-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाहजहाँपुर: फसलों की बर्बादी से परेशान किसानों ने बाड़ा बनाकर बंद किए छुट्टा पशु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाहजहाँपुर: फसलों की बर्बादी से परेशान किसानों ने बाड़ा बनाकर बंद किए छुट्टा पशु
Wed, 15 Feb 2023 01:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 15 Feb 2023 01:01 AM IST
विज्ञापन
- पूरी रात जागकर करनी पड़ रही थी फसलों की रखवाली
- आपसी सहयोग से कर रहे हैं पशुओं के चारे-पानी की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
परौर। छुट्टा गोवंशीय पशुओं से फसलों को बचाने के लिए रातभर रखवाली करने से परेशान किसानों ने खुद ही बाड़ा तैयार कर लिया। इसके बाद छुट्टा पशुओं को उसमें बंद कर दिया। पशुओं के चारे-पानी की व्यवस्था किसान आपसी सहयोग से कर रहे हैं।
गांव के किसान लंबे अरसे से छुट्टा गोवंशीय पशुओं के फसलों को नुकसान पहुंचाने की समस्या से निजात दिलाने की मांग करते चले आ रहे हैं। जब इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, तो उन्होंने बाड़ा बनाकर उसमें गोवंशीय पशुओं को बंद करने का निर्णय लिया। ग्रामीण इसी बाड़े में पशुओं को चारा-पानी देंगे। बाड़ा परौर के मजरा मोहनपुर और बिचपुरी के बीच में बांस-बल्लियां लगाकर बनाया गया है। करीब दो बीघा जमीन पर बने बाड़े में 300 छुट्टा पशुओं को बंद किया गया है। हालांकि गांव कुंदरिया और दहेलिया में गोशाला बनी हुई है, लेकिन उनमें पहले से ही क्षमता के अनुरूप पशु मौजूद हैं।
-- -
दो जनवरी को लगी थी चौपाल
- गांव के किसानों की दो जनवरी को बाबा ब्रह्म देव स्थान पर चौपाल लगी थी। इसमें एसडीएम दुर्गेश यादव को भी बुलाया गया था। उनके सामने छुट्टा गोवंशीय पशुओं की समस्या को रखा गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका था।
विज्ञापन
रात को चैन की नींद सोए किसान
- किसानों ने बताया कि छुट्टा गोवंशीय पशुओं को बाड़े में बंद करने के बाद उन्हें खेत पर फसल को लेकर कोई चिंता नहीं रही, वह रातभर आराम से सोए। बाड़े में बंद किए गए पशु खुले आसमान के नीचे हैं, उनको ठंड से बचाने के लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं की गई हैं।
वर्जन
बाड़ा बनाकर छुट्टा गोवंशीय पशुओं के बंद किए जाने की जानकारी मिली है। खंड विकास अधिकारी के माध्यम से उनके लिए चारे की व्यवस्था करा दी जाएगी। ऐसे ही नगरिया गांव में भी गोवंशीय पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कराई गई है। - दुर्गेश यादव, एसडीएम
विज्ञापन
- आपसी सहयोग से कर रहे हैं पशुओं के चारे-पानी की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
परौर। छुट्टा गोवंशीय पशुओं से फसलों को बचाने के लिए रातभर रखवाली करने से परेशान किसानों ने खुद ही बाड़ा तैयार कर लिया। इसके बाद छुट्टा पशुओं को उसमें बंद कर दिया। पशुओं के चारे-पानी की व्यवस्था किसान आपसी सहयोग से कर रहे हैं।
गांव के किसान लंबे अरसे से छुट्टा गोवंशीय पशुओं के फसलों को नुकसान पहुंचाने की समस्या से निजात दिलाने की मांग करते चले आ रहे हैं। जब इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, तो उन्होंने बाड़ा बनाकर उसमें गोवंशीय पशुओं को बंद करने का निर्णय लिया। ग्रामीण इसी बाड़े में पशुओं को चारा-पानी देंगे। बाड़ा परौर के मजरा मोहनपुर और बिचपुरी के बीच में बांस-बल्लियां लगाकर बनाया गया है। करीब दो बीघा जमीन पर बने बाड़े में 300 छुट्टा पशुओं को बंद किया गया है। हालांकि गांव कुंदरिया और दहेलिया में गोशाला बनी हुई है, लेकिन उनमें पहले से ही क्षमता के अनुरूप पशु मौजूद हैं।
विज्ञापन
दो जनवरी को लगी थी चौपाल
- गांव के किसानों की दो जनवरी को बाबा ब्रह्म देव स्थान पर चौपाल लगी थी। इसमें एसडीएम दुर्गेश यादव को भी बुलाया गया था। उनके सामने छुट्टा गोवंशीय पशुओं की समस्या को रखा गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका था।
विज्ञापन
रात को चैन की नींद सोए किसान
- किसानों ने बताया कि छुट्टा गोवंशीय पशुओं को बाड़े में बंद करने के बाद उन्हें खेत पर फसल को लेकर कोई चिंता नहीं रही, वह रातभर आराम से सोए। बाड़े में बंद किए गए पशु खुले आसमान के नीचे हैं, उनको ठंड से बचाने के लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं की गई हैं।
वर्जन
बाड़ा बनाकर छुट्टा गोवंशीय पशुओं के बंद किए जाने की जानकारी मिली है। खंड विकास अधिकारी के माध्यम से उनके लिए चारे की व्यवस्था करा दी जाएगी। ऐसे ही नगरिया गांव में भी गोवंशीय पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कराई गई है। - दुर्गेश यादव, एसडीएम