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अफसरों की गाड़ियों की हवा निकाली,
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:10 AM IST
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अफसरों की गाड़ियों की हवा निकाली
- फोटो : श्ााहजहांपुर उत्तर प्रदेश्ा
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राजकीय वाहन चालक महासंघ के सदस्यों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को अपने विविध मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम हड़ताल शुरू कर दिया। पुवायां में तहसील दिवस पर डीएम और अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के जाने के तय कार्यक्रम को देखते हुए महासंघ के सदस्य चालकों ने शाहजहांपुर - पुवायां मार्ग पर गांव चिनौर मोड़ पर डेरा डाल दिया। वहां से गुजर रहे सरकारी वाहनों को रोककर उनमें से चालकों को उतार लिया। सीडीओ, एडीएम वित्त एवं राजस्व, जिला विकास अधिकारी, डीआईओएस और लघु सिंचाई के अधिशासी अधिकारी के वाहनों को रोककर उन सभी के हवा निकाल दी।
इसके चलते इन अधिकारियों अपने वाहनों से उतरना पड़ा। इन्होंने निजी वाहन मंगवाकर, अन्य साधनों या रोडवेज बस से पुवायां के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान डीआईओएस डॉ. केएल वर्मा ने आंदोलन के ऐसे तरीके और सरकारी काम में बाधा पहुंचाए जाने पर खासी नाराजगी जाहिर की तो आंदोलनकारी चालकों से उनकी नोंकझोंक की स्थिति बनी। जैसे - तैसे लोगों ने मामले को शांत कराया। अपरिहार्य कारणों से डीएम और एसपी पुवायां के लिए नहीं गए अन्यथा यहां आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच टकराव का अंदेशा बन रहा था। आंदोलनकारी चालकों की मांग है कि उनका ग्रेड वेतन 1900 से 2000 करने संबंधी शासनादेश जारी हो, सभी राजकीय वाहन चालकों का प्रतिशत समाप्त किया जाए और एक माह के मूल वेतन के साथ डीए को जोड़ते हुए भुगतान किया जाए। ग्राम चिनौर मोड़ पर प्रदर्शन करने वाले महासंघ सदस्यों में रमेश चंद्र, योगेंद्र, नईम, बबलू, अशोक, उन्नत राम, श्रीराम, बाबर आदि शामिल थे। दूसरी ओर महासंघ के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण शाखा के सदस्यों ने भी नईम खां की अगुवाई में आंदोलन जारी रखा।
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इसके चलते इन अधिकारियों अपने वाहनों से उतरना पड़ा। इन्होंने निजी वाहन मंगवाकर, अन्य साधनों या रोडवेज बस से पुवायां के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान डीआईओएस डॉ. केएल वर्मा ने आंदोलन के ऐसे तरीके और सरकारी काम में बाधा पहुंचाए जाने पर खासी नाराजगी जाहिर की तो आंदोलनकारी चालकों से उनकी नोंकझोंक की स्थिति बनी। जैसे - तैसे लोगों ने मामले को शांत कराया। अपरिहार्य कारणों से डीएम और एसपी पुवायां के लिए नहीं गए अन्यथा यहां आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच टकराव का अंदेशा बन रहा था। आंदोलनकारी चालकों की मांग है कि उनका ग्रेड वेतन 1900 से 2000 करने संबंधी शासनादेश जारी हो, सभी राजकीय वाहन चालकों का प्रतिशत समाप्त किया जाए और एक माह के मूल वेतन के साथ डीए को जोड़ते हुए भुगतान किया जाए। ग्राम चिनौर मोड़ पर प्रदर्शन करने वाले महासंघ सदस्यों में रमेश चंद्र, योगेंद्र, नईम, बबलू, अशोक, उन्नत राम, श्रीराम, बाबर आदि शामिल थे। दूसरी ओर महासंघ के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण शाखा के सदस्यों ने भी नईम खां की अगुवाई में आंदोलन जारी रखा।
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