Shahjahanpur News: गंगा की बाढ़ के पानी से स्टेट हाईवे पर यातायात बंद, पीड़ितों तक नहीं पहुंची राहत
बृहस्पतिवार को स्टेट हाईवे सहित ढाईघाट और ढाईगांव के बीच सभी संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी तीन से चार फिट बह रहा था। इससे लगभग दो दर्जन गांवों के आवागमन के सभी साधन बंद हो गए।
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जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद, वेबर, मैनपुरी, मथुरा, आगरा स्टेट हाईवे सहित ढाईघाट और ढाईगांव के बीच सभी संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी तीन से चार फिट बह रहा है। इससे लगभग दो दर्जन गांवों के आवागमन के सभी साधन बंद हो गए हैं।
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अब शमशाबाद, कायमगंज, वेबर, मैनपुरी जाने वाले वाहनों को बदायूं-फर्रुखाबाद मार्ग से लगभग 50 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को डीएम उमेश प्रताप सिंह, एसपी अशोक कुमार मीना ने एसडीएम महेश कुमार कैथिल और तहसीलदार पैगाम हैदर के साथ बाढ़ग्रस्त गांवों का जायजा लेने स्टेट हाईवे पर ग्राम चौंरा तक गए।
सड़क पर पानी के तेज बहाव को देखते हुए अधिकारी लौट गए। इससे पूर्व एसडीएम महेश कुमार कैथिल और नायब तहसीलदार पूनम मधुकर व पंकज कुमार के नेतृत्व में पीएसी की फ्लड यूनिट, अग्निशमनकर्मियों के साथ कोलाघाट में रामगंगा नदी में बाढ़ से बचाव का मॉक ड्रिल किया। स्वास्थ्य विभाग ने डूबे हुए व्यक्ति को फर्स्ट एड देकर हायर सेंटर रेफर करने का सफल प्रदर्शन किया।
गंगा की बाढ़ से घिरे गांव
इस समय गंगा की बाढ़ से ढाईगांव और ढाईघाट के बीच बसे ग्राम भरतपुर, पैलानी, बांसखेड़ा, मोती नगला, बटन नगला, लोहार नगला, कटैला नगला, मस्जिद नगला, इस्लाम नगर, आजाद नगर, कमथरी, चितार, मुंशी नगला, बल्लू बेहटा, गुटेटी, धीयरपुरा, भरतपुर, मंझा, फुल्हा, जैतपुर व बख्तावरगंज समेत लगभग दो दर्जन गांवों का संपर्क तहसील और ब्लॉक मुख्यालय से टूट गया है।
40 परिवारों को दी गई राशन किट
बृहस्पतिवार को डीएम उमेश प्रताप सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा ने लगभग एक सप्ताह से जलमग्न ग्राम आजाद नगर के 87 में से 40 परिवारों को राशन किट वितरण की। आजाद नगर से लगभग सात किलोमीटर दूर ढाईगांव के प्राथमिक स्कूल में राहत शिविर लगाकर राशन किट वितरित की गई।
डीएम ने शेष बाढ़ पीड़ित परिवारों को ड्राई किट बांटने के लिए राजस्व निरीक्षक को निर्देशित किया। राहत शिविर में मेडिकल टीमें भी तैनात की गईं। राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। डीएम ने किसानों की बर्बाद हुई फसलों का आकलन कराकर क्षतिपूर्ति दिलाने का भी आश्वासन दिया।
प्रशासनिक मदद की राह ताक रहे हजारों लोग
मिर्जापुर क्षेत्र में अब तक बाढ़ से निपटने की तैयारियों का दावा कर रहा प्रशासन पीड़ितों को राहत सामग्री भी नहीं बांट पा रहा है। न बाढ़ चौकियां नजर आ रही हैं और न ही पीड़ितों तक मदद पहुंच पा रही है।
बृहस्पतिवार को बांटी गई राशन किट में 10-10 किलोग्राम आटा-चावल व आलू, दो किलोग्राम दाल, दो-दो सौ ग्राम मिर्च और सब्जी मसाला, एक लीटर सरसों का तेल व लइया चना के साथ दस लीटर पानी की केन और भोजन के पैकेट वितरित किए। एक सप्ताह से भूखे-प्यासे बाढ़ पीड़ितों के लिए यह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है।
क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक सुखवीर सिंह ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों का सर्वे किया जा रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप सभी पीड़ित परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित की जाएगी।
बाढ़ पीड़ितों का दर्द
ग्राम आजाद नगर के साबिर ने बताया कि दो दिन से सड़क पर पड़े हैं। नल से निकल रहा बाढ़ का गंदा पानी पीकर प्यास और भूख शांत कर रहे हैं। राशन सामग्री भी सभी को नहीं मिल पाई है, जिन्हें मिल गई है, वे भी ईंधन के अभाव में खाना बना नहीं पा रहे हैं। बने-बनाए खाने के पैकेट से राहत मिल सकती है।
ग्राम आजाद नगर के असलम ने बताया कि सावन की अंधेरी रात में सड़क किनारे जमीन पर पड़े रहते हैं। सांप-बिच्छुओं का हर समय खतरा बना रहता है। रोशनी के लिए सोलर लाइट मिल जाती तो बच्चे रात में सुरक्षित रहते। मोमबत्ती थोड़ी देर में बुझ जाती है।
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
डीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ित आकस्मिक स्थिति में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 05842-220017, 05842- 220018 व राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 1070, 94544 41081 पर संपर्क कर सकते हैं।