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Shahjahanpur News: टोल प्लाजा प्रबंधक पर सीएचसी प्रभारी से अभद्रता करने का आरोप
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विवाद के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सिंधौली सीएचसी अधीक्षक से जानकारी ली। स्रोत : जागरूक पाठक
सिंधौली। एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचे महानंदपुर टोल प्लाजा के प्रबंधक प्रवीण कुमार दवा लेने के बाद किसी बात से खफा होकर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जफर सैफी की तलाश करते हुए उनके आवास में घुस गए। आरोप है कि वहां उन्होंने सीएचसी प्रभारी से अभद्रता की। विरोध में चिकित्सकों ने ओपीडी को बंद कर दिया और बाहर निकल आए। हालांकि, बाद में थाने पहुंचे टोल प्लाजा प्रबंधक के माफी मांंगने पर विवाद शांंत हो गया।
टोल प्लाजा के कर्मचारियों के अनुसार प्रबंधक प्रवीण की उच्च रक्तचाप से मंगलवार को सुबह तबीयत बिगड़ गई। एनएचएआई की एंबुलेंस से वह सीएचसी पहुंचे। वहां पर ओपीडी में मौजूद डॉक्टर ने उनका परीक्षण कर दवा दी। सीएचसी कर्मचारियों के अनुसार बाद में वह सीएचसी प्रभारी को तलाश करते हुए अपने साथियों सहित उनके सरकारी आवास में घुस गए।
आरोप है कि वहां उन्होंने आवास के अंदर का वीडियो बनाने के साथ सीएचसी प्रभारी से अभद्रता करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। टोल प्लाजा प्रबंधक और उनके साथ गए लोगों ने सीएचसी परिसर में शोर-शराबा और हंगामा किया। इस पर अस्पताल के स्टाफ ने ओपीडी बंंद कर पुलिस को फोन से सूचना दी।
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पुलिस से शिकायत की भनक लगने पर टोल प्लाजा प्रबंंधक और उनके साथी सीएचसी से चले गए। ओपीडी बंद हो जाने से ग्रामीण क्षेत्र से आए मरीजों को काफी असुविधा हुई। बाद में सीएचसी प्रभारी ने थाने जाकर तहरीर दी। ओपीडी बंद होने की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक रवींद्र सिंह ने टोल प्लाजा के प्रबंधक प्रवीण को थाने बुलाया।
दोनों पक्षों में देर तक चली वार्ता के बाद टोल प्लाजा प्रबंधक ने सीएचसी प्रभारी से माफी मांगी, तब जाकर मामला रफा-दफा हुआ और दोपहर 12 बजे डॉक्टरों ने ड्यूटी पर लौटकर ओपीडी में मरीज देखने शुरू किए।
टोल प्लाजा प्रबंधक का कहना है कि सुबह धड़कन बढ़ जाने पर वह दवा लेने सीएचसी गए थे। उन्होंने सीएचसी प्रभारी से अभद्रता के आरोप को निराधार बताया। दोनों पक्षों में समझौता हो जाने पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। अगर तहरीर आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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टोल प्लाजा के कर्मचारियों के अनुसार प्रबंधक प्रवीण की उच्च रक्तचाप से मंगलवार को सुबह तबीयत बिगड़ गई। एनएचएआई की एंबुलेंस से वह सीएचसी पहुंचे। वहां पर ओपीडी में मौजूद डॉक्टर ने उनका परीक्षण कर दवा दी। सीएचसी कर्मचारियों के अनुसार बाद में वह सीएचसी प्रभारी को तलाश करते हुए अपने साथियों सहित उनके सरकारी आवास में घुस गए।
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आरोप है कि वहां उन्होंने आवास के अंदर का वीडियो बनाने के साथ सीएचसी प्रभारी से अभद्रता करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। टोल प्लाजा प्रबंधक और उनके साथ गए लोगों ने सीएचसी परिसर में शोर-शराबा और हंगामा किया। इस पर अस्पताल के स्टाफ ने ओपीडी बंंद कर पुलिस को फोन से सूचना दी।
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पुलिस से शिकायत की भनक लगने पर टोल प्लाजा प्रबंंधक और उनके साथी सीएचसी से चले गए। ओपीडी बंद हो जाने से ग्रामीण क्षेत्र से आए मरीजों को काफी असुविधा हुई। बाद में सीएचसी प्रभारी ने थाने जाकर तहरीर दी। ओपीडी बंद होने की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक रवींद्र सिंह ने टोल प्लाजा के प्रबंधक प्रवीण को थाने बुलाया।
दोनों पक्षों में देर तक चली वार्ता के बाद टोल प्लाजा प्रबंधक ने सीएचसी प्रभारी से माफी मांगी, तब जाकर मामला रफा-दफा हुआ और दोपहर 12 बजे डॉक्टरों ने ड्यूटी पर लौटकर ओपीडी में मरीज देखने शुरू किए।
टोल प्लाजा प्रबंधक का कहना है कि सुबह धड़कन बढ़ जाने पर वह दवा लेने सीएचसी गए थे। उन्होंने सीएचसी प्रभारी से अभद्रता के आरोप को निराधार बताया। दोनों पक्षों में समझौता हो जाने पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। अगर तहरीर आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

विवाद के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सिंधौली सीएचसी अधीक्षक से जानकारी ली। स्रोत : जागरूक पाठक