{"_id":"688f522d9cdf61d41705f5a5","slug":"told-about-diseases-and-pests-in-sugarcane-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1038-149629-2025-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: गन्ने में लगने वाले रोग व कीटों के बारे में बताया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: गन्ने में लगने वाले रोग व कीटों के बारे में बताया
विज्ञापन
खुटार क्षेत्र में किसानों को गन्ना रोग से बचाव की जानकारी देते कृषि वैज्ञानिक। स्रोत: चीनी मिल
खुटार। बजाज चीनी मिल मकसूदापुर और गन्ना शोध संस्थान की ओर से कई गांवों में किसानों की गन्ना फसल का निरीक्षण कर रोग और कीटों से बचाव के बारे में जानकारी दी गई।
परिषद के वैज्ञानिक डाॅ. सुजीत प्रताप सिंह, डॉ. अरविंद सिंह, डाॅ. नीलम सिंह ने गांव मलिका, ओडाझार, रौतापुर कलां, सुभानपुर, करनईया, आजमपुर, पसगवां, नुरानपुर, मुड़िया आदि गांवों में फसल का निरीक्षण किया। इसके बाद किसानों को चोटीबेधक कीट से बचाव के बारे में जानकारी दी, साथ ही प्रभावित पौधों को काटकर नष्ट करने के साथ ही कोराजन की ड्रेंचिंग करने की सलाह दी।
पोक्का बोइंग रोग के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 0.2% प्रति लीटर की दर से छिड़काव करने के लिए कहा। इसके अलावा चूषक कीट, मिली बग, माइट आदि की पहचान और बचाव के में भी जानकारी दी गई।
विज्ञापन
डॉ. अरविंद ने शरदकाल में ट्रेंच विधि से को.लख. 14201, को. 118 जैसी स्वीकृत प्रजातियों की गन्ना बुआई करने और गन्ना गिरने से उपज में होने वाले नुकसान से बचाव के लिए गन्ना बांधने की सलाह दी। इस मौके पर चीनी मिल के गन्ना विभागाध्यक्ष सुग्रीव कुमार पाठक, एजीएम आरके सिंह, एसके सिंह, सतेंद्र सिंह, मोहित कुमार सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
परिषद के वैज्ञानिक डाॅ. सुजीत प्रताप सिंह, डॉ. अरविंद सिंह, डाॅ. नीलम सिंह ने गांव मलिका, ओडाझार, रौतापुर कलां, सुभानपुर, करनईया, आजमपुर, पसगवां, नुरानपुर, मुड़िया आदि गांवों में फसल का निरीक्षण किया। इसके बाद किसानों को चोटीबेधक कीट से बचाव के बारे में जानकारी दी, साथ ही प्रभावित पौधों को काटकर नष्ट करने के साथ ही कोराजन की ड्रेंचिंग करने की सलाह दी।
विज्ञापन
पोक्का बोइंग रोग के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 0.2% प्रति लीटर की दर से छिड़काव करने के लिए कहा। इसके अलावा चूषक कीट, मिली बग, माइट आदि की पहचान और बचाव के में भी जानकारी दी गई।
विज्ञापन
डॉ. अरविंद ने शरदकाल में ट्रेंच विधि से को.लख. 14201, को. 118 जैसी स्वीकृत प्रजातियों की गन्ना बुआई करने और गन्ना गिरने से उपज में होने वाले नुकसान से बचाव के लिए गन्ना बांधने की सलाह दी। इस मौके पर चीनी मिल के गन्ना विभागाध्यक्ष सुग्रीव कुमार पाठक, एजीएम आरके सिंह, एसके सिंह, सतेंद्र सिंह, मोहित कुमार सहित तमाम किसान मौजूद रहे।