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Shahjahanpur News: स्कूल को निपुण बनाने के लिए 11 एआरपी की और हुई काउंसलिंग
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शाहजहांपुर में विकास भवन में काउंसलिंग में शामिल बीईओ सुरेंद्र मौर्या। स्रोत: शिक्षा विभाग
शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों में एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया का दूसरा चरण पूर्ण कर लिया गया है। बुधवार को 11 एआरपी की काउंसलिंग की गई। विद्यालयों में कुल एआरपी की संख्या 65 हो गई है। शेष 15 की नियुक्ति के लिए जल्द ही विज्ञप्ति निकाली जाएगी।
परिषदीय विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए शिक्षकों को एआरपी के रूप में नियुक्ति दी जाती है। प्रत्येक दिन दो स्कूल का निरीक्षण करने के साथ ही अंग्रेजी, हिंदी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषय को पढ़ाने की जिम्मेदारी होती है। एआरपी बनने के लिए 261 शिक्षकों ने आवेदन किया है। इसमें 23 आवेदन निरस्त होने के बाद 238 शिक्षकों को अप्रैल महीने में परीक्षा में कराई गई।
परीक्षा में करी 140 एआरपी ही शामिल हुए थे। उनमें मात्र 45 ही जगह बनाने में सफल रहे थे। 16 एआरपी को प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया था। बुधवार को प्रतीक्षा सूची के एआरपी को काउंसलिंग के लिए विकास भवन में बुलाया गया था। बीईओ मुख्यालय सुरेंद्र मौर्या व डीसी प्रशिक्षण रोहित सिंह ने 11 शिक्षकों के अभिलेखों को जांचा। बीईओ मौर्या ने बताया कि पूर्व में कार्यरत नौ को मिलाकर 65 एआरपी हो गए हैं।
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31 मार्च को पूर्ण हुआ था कार्यकाल
तीन वर्ष के लिए एआरपी का कार्यकाल होता था। 31 मार्च को कार्यकाल पूर्ण होने के बाद पूर्व में कार्यरत रहे एआरपी कार्यमुक्त कर दिए गए थे।जनपद में 80 एआरपी की जरूरत है, शेष के लिए जल्द ही विज्ञापन निकाला जाएगा।
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परिषदीय विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए शिक्षकों को एआरपी के रूप में नियुक्ति दी जाती है। प्रत्येक दिन दो स्कूल का निरीक्षण करने के साथ ही अंग्रेजी, हिंदी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषय को पढ़ाने की जिम्मेदारी होती है। एआरपी बनने के लिए 261 शिक्षकों ने आवेदन किया है। इसमें 23 आवेदन निरस्त होने के बाद 238 शिक्षकों को अप्रैल महीने में परीक्षा में कराई गई।
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परीक्षा में करी 140 एआरपी ही शामिल हुए थे। उनमें मात्र 45 ही जगह बनाने में सफल रहे थे। 16 एआरपी को प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया था। बुधवार को प्रतीक्षा सूची के एआरपी को काउंसलिंग के लिए विकास भवन में बुलाया गया था। बीईओ मुख्यालय सुरेंद्र मौर्या व डीसी प्रशिक्षण रोहित सिंह ने 11 शिक्षकों के अभिलेखों को जांचा। बीईओ मौर्या ने बताया कि पूर्व में कार्यरत नौ को मिलाकर 65 एआरपी हो गए हैं।
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31 मार्च को पूर्ण हुआ था कार्यकाल
तीन वर्ष के लिए एआरपी का कार्यकाल होता था। 31 मार्च को कार्यकाल पूर्ण होने के बाद पूर्व में कार्यरत रहे एआरपी कार्यमुक्त कर दिए गए थे।जनपद में 80 एआरपी की जरूरत है, शेष के लिए जल्द ही विज्ञापन निकाला जाएगा।