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Shahjahanpur News: छह माह पूर्व बना तिलहर-दातागंज स्टेट हाईवे कई जगह धंसा
Wed, 09 Oct 2024 04:32 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 09 Oct 2024 04:32 AM IST
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तिलहर दातागंज स्टेट हाइवे पर नौगवां गोविन्दपुर गांव के समीप सड़क पर हुआ गड्ढा। संवाद
जैतीपुर। छह माह पूर्व करोड़ों रुपये की लागत से बना तिलहर-दातागंज स्टेट हाईवे बारिश में मिट्टी बह जाने से कई स्थानों पर फिर धंस गया है। नौगवां गोविंदपुर गांव के पास सड़क पर बीचोबीच में बड़ा गड्ढा हो गया है। ऐसे में यहां हादसे का खतरा मंडरा रहा है। सोमवार रात उधर से गुजरी 112 नंबर पुलिस टीम ने वहां गड्ढे से राहगीरों को खतरा देख झंडी लगा दी है।
स्टेट हाईवे 126 पुवायां से तिलहर, जैतीपुर व खेड़ा बझेड़ा होते हुए दातागंज से जुड़ता है। इसी हाईवे पर नवादा मोड़ के पास फतेहगंज पूर्वी मार्ग जुड़ा है। इस कारण हाईवे पर आसपास के शहरों व कस्बों समेत लंबी दूरी तय करने वाली तमाम सरकारी व निजी बसों समेत रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। हाईवे पर यातायात बढ़ने पर हाल ही में हाईवे की चौड़ाई पांच मीटर से बढ़ाकर 7.50 मीटर की गई है।
बमुश्किल छह माह पहले 135 करोड़ 68 लाख 41 हजार रुपये चौड़ीकरण पर खर्च किए गए। जून में हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया, लेकिन जुलाई में हुई भारी बारिश में हाईवे के किनारे की मिट्टी बह जाने से एक लेन पूरी तरह तिलहर-जैतीपुर के बीच क्षतिग्रस्त हो गई।
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पुरानी पुलिया नहीं हटाए जाने से हो रहे गड्ढे
अगस्त में बारिश जारी रहने से हाईवे की मरम्मत का काम सितंबर में कराया गया था। उस वक्त हाईवे के किनारे मिट्टी का भराव कर क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा से बनाया गया। सड़क कटने से जगह-जगह हुए गड्ढे बजरी-कोलतार से भरकर सड़क समतल की गई, लेकिन अब हाईवे के चौड़ीकरण के दौरान सड़क के नीचे दबाई गई पुरानी पुलिया नासूर साबित हो रही हैं। दरअसल, चौड़ीकरण के दौरान हाईवे पर कई जगह नई पुलिया बना दी गईं, लेकिन सड़क खोदकर पुरानी पुलियों के पाइप निकालने के बजाय उन्हें नीचे दबा दिया। कार्यदायी संस्था ने पुरानी पुलिया वाले ठिकानों पर पानी के निकास की व्यवस्था भी नहीं की। इन पुलियों के पाइपों में भरा बरसाती पानी हाईवे को अंदर से खोखला कर रहा है।
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तीन फुट गहराई व दो मीटर की परिधि में मिट्टी ही नहीं
नौगवां गोविंदपुर के पास ऊपर से गड्ढा छोटा दिख रहा है, लेकिन अंदर करीब तीन फुट गहराई तक दो मीटर परिधि में मिट्टी ही नहीं है। वहां सड़क के नाम पर केवल बजरी-कोलतार की ऊपरी परत रह गई है। हाईवे पर अन्य कई ठिकाने भी पुरानी पुलिया की वजह से खोखले हो गए हैं। ऐसे में उधर से हल्का चार पहिया वाहन निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। गत माह गड्ढों की वजह से हाईवे पर भारी वाहनों का संचालन रोकना पड़ा और अब फिर वही हालात बन रहे हैं।
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हाईवे का चौड़ीकरण लोक निर्माण विभाग बरेली इकाई के निर्माण खंड ने कार्यदायी संस्था के माध्यम से कराया था। हाईवे पर जहां कहीं सड़क उखड़ रही है या गड्ढे हो रहे हैं, उन्हें विभाग की बरेली इकाई के अभियंता ठीक कराएंगे।
-रथिन सिन्हा, अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड-1, शाहजहांपुर
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स्टेट हाईवे 126 पुवायां से तिलहर, जैतीपुर व खेड़ा बझेड़ा होते हुए दातागंज से जुड़ता है। इसी हाईवे पर नवादा मोड़ के पास फतेहगंज पूर्वी मार्ग जुड़ा है। इस कारण हाईवे पर आसपास के शहरों व कस्बों समेत लंबी दूरी तय करने वाली तमाम सरकारी व निजी बसों समेत रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। हाईवे पर यातायात बढ़ने पर हाल ही में हाईवे की चौड़ाई पांच मीटर से बढ़ाकर 7.50 मीटर की गई है।
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बमुश्किल छह माह पहले 135 करोड़ 68 लाख 41 हजार रुपये चौड़ीकरण पर खर्च किए गए। जून में हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया, लेकिन जुलाई में हुई भारी बारिश में हाईवे के किनारे की मिट्टी बह जाने से एक लेन पूरी तरह तिलहर-जैतीपुर के बीच क्षतिग्रस्त हो गई।
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पुरानी पुलिया नहीं हटाए जाने से हो रहे गड्ढे
अगस्त में बारिश जारी रहने से हाईवे की मरम्मत का काम सितंबर में कराया गया था। उस वक्त हाईवे के किनारे मिट्टी का भराव कर क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा से बनाया गया। सड़क कटने से जगह-जगह हुए गड्ढे बजरी-कोलतार से भरकर सड़क समतल की गई, लेकिन अब हाईवे के चौड़ीकरण के दौरान सड़क के नीचे दबाई गई पुरानी पुलिया नासूर साबित हो रही हैं। दरअसल, चौड़ीकरण के दौरान हाईवे पर कई जगह नई पुलिया बना दी गईं, लेकिन सड़क खोदकर पुरानी पुलियों के पाइप निकालने के बजाय उन्हें नीचे दबा दिया। कार्यदायी संस्था ने पुरानी पुलिया वाले ठिकानों पर पानी के निकास की व्यवस्था भी नहीं की। इन पुलियों के पाइपों में भरा बरसाती पानी हाईवे को अंदर से खोखला कर रहा है।
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तीन फुट गहराई व दो मीटर की परिधि में मिट्टी ही नहीं
नौगवां गोविंदपुर के पास ऊपर से गड्ढा छोटा दिख रहा है, लेकिन अंदर करीब तीन फुट गहराई तक दो मीटर परिधि में मिट्टी ही नहीं है। वहां सड़क के नाम पर केवल बजरी-कोलतार की ऊपरी परत रह गई है। हाईवे पर अन्य कई ठिकाने भी पुरानी पुलिया की वजह से खोखले हो गए हैं। ऐसे में उधर से हल्का चार पहिया वाहन निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। गत माह गड्ढों की वजह से हाईवे पर भारी वाहनों का संचालन रोकना पड़ा और अब फिर वही हालात बन रहे हैं।
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हाईवे का चौड़ीकरण लोक निर्माण विभाग बरेली इकाई के निर्माण खंड ने कार्यदायी संस्था के माध्यम से कराया था। हाईवे पर जहां कहीं सड़क उखड़ रही है या गड्ढे हो रहे हैं, उन्हें विभाग की बरेली इकाई के अभियंता ठीक कराएंगे।
-रथिन सिन्हा, अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड-1, शाहजहांपुर

तिलहर दातागंज स्टेट हाइवे पर नौगवां गोविन्दपुर गांव के समीप सड़क पर हुआ गड्ढा। संवाद