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पोल पर चढ़े तीन श्रमिकों को लगा करंट, दो की हालत गंभीर
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खुटार (शाहजहांपुर)। कस्बे में बंडा मार्ग पर ईदगाह के पास नई बिजली लाइन डालने के दौरान पोल पर चढ़े तीन श्रमिक करंट की चपेट आ गए। दो श्रमिकों की हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल रेफर किया गया है। एक श्रमिक को घर भेज दिया गया है।
पीडब्ल्यूडी की ओर से बंडा से खुटार होते हुए गोला बाईपास मार्ग का चौड़ीकरण कराया गया था। विभाग की ओर से सड़क किनारे आ गए बिजली पोल पीछे हटाने का ठेका बरेली के हरविंदर सिंह को दिया गया था। तीन दिनों से बंडा मार्ग पर सड़क किनारे पोल लगाने के बाद बिजली लाइन डालने का काम किया जा रहा था। रविवार दोपहर निगोही के गांव उदरिया निवासी मनोज, नामदेव और धर्मेंद्र नई बिजली लाइन डाल रहे थे। तीनों श्रमिक एक ही पोल पर लाइन को सही कर रहे थे।
अचानक किसी तरह लाइन में करंट उतर आया और सेफ्टी बेल्ट पर बैठे मनोज का हाथ चिपक गया। नामदेव व धर्मेंद्र भी करंट की चपेट में आने से एक दुकान की टिन शेड पर जा गिरे। चीखपुकार सुनकर तमाम दुकानदारों और राहगीरों की भीड़ जुट गई। पोल पर चिपके श्रमिक को देख लोगों ने इसकी सूचना बिजली उपकेंद्र पर दी। इसके बाद बिजली सप्लाई बंद की गई। लोगों ने पोल पर चढ़कर मनोज को नीचे उतारा। दुकानदार करंट की चपेट में आए श्रमिकों को सीएचसी ले गए। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद मनोज और नामदेव को जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। धर्मेंद्र की मरहम पट्टी कर छुट्टी दे दी गई। श्रमिकों के परिवार को भी बुला लिया गया। इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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जिस लाइन पर श्रमिक काम कर रहे थे उसमें बिजली सप्लाई बंद थी। उसी के पास दूसरी हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। श्रमिक हाइटेंशन लाइन के ऊपर से केबल खींच रहे थे, जिस कारण वह करंट की चपेट में आ गए। श्रमिकों की लापरवाही की वजह से ही घटना हुई है। - जेपी भगत, जेई उपकेंद्र खुटार
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पीडब्ल्यूडी की ओर से बंडा से खुटार होते हुए गोला बाईपास मार्ग का चौड़ीकरण कराया गया था। विभाग की ओर से सड़क किनारे आ गए बिजली पोल पीछे हटाने का ठेका बरेली के हरविंदर सिंह को दिया गया था। तीन दिनों से बंडा मार्ग पर सड़क किनारे पोल लगाने के बाद बिजली लाइन डालने का काम किया जा रहा था। रविवार दोपहर निगोही के गांव उदरिया निवासी मनोज, नामदेव और धर्मेंद्र नई बिजली लाइन डाल रहे थे। तीनों श्रमिक एक ही पोल पर लाइन को सही कर रहे थे।
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अचानक किसी तरह लाइन में करंट उतर आया और सेफ्टी बेल्ट पर बैठे मनोज का हाथ चिपक गया। नामदेव व धर्मेंद्र भी करंट की चपेट में आने से एक दुकान की टिन शेड पर जा गिरे। चीखपुकार सुनकर तमाम दुकानदारों और राहगीरों की भीड़ जुट गई। पोल पर चिपके श्रमिक को देख लोगों ने इसकी सूचना बिजली उपकेंद्र पर दी। इसके बाद बिजली सप्लाई बंद की गई। लोगों ने पोल पर चढ़कर मनोज को नीचे उतारा। दुकानदार करंट की चपेट में आए श्रमिकों को सीएचसी ले गए। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद मनोज और नामदेव को जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। धर्मेंद्र की मरहम पट्टी कर छुट्टी दे दी गई। श्रमिकों के परिवार को भी बुला लिया गया। इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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जिस लाइन पर श्रमिक काम कर रहे थे उसमें बिजली सप्लाई बंद थी। उसी के पास दूसरी हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। श्रमिक हाइटेंशन लाइन के ऊपर से केबल खींच रहे थे, जिस कारण वह करंट की चपेट में आ गए। श्रमिकों की लापरवाही की वजह से ही घटना हुई है। - जेपी भगत, जेई उपकेंद्र खुटार